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बदला गया दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नाम, अब 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' के नाम से जाना जाएगा
हाल ही में बने गुजरात के अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदल गया है. अहमदाबाद में बना यह स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. अब इसका नाम बदल गया है. मोटेरा स्टेडियम (Motera Stadium, Ahmedabad) को अब 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' (Narendra Modi Stadium) के नाम से जाना जाएगा. आज से ही यहाँ भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जाना है.
मोटेरा स्टेडियम का नाम आज के क्रिकेट टेस्ट मैच (India Vs England 3rd Day-Night Cricket Test Match) के पहले ही बदलकर 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' कर दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसका उद्घाटन कर नए नाम की घोषणा की गई. अमित शाह ने ऐलान किया कि हमने यहां इस तरह की सुविधा कर दी है कि 6 महीने में ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ जैसे खेलों का आयोजन कर सकता है.
उन्होंने कहा कि अहमदाबाद को अब स्पोर्ट्स सिटी के नाम से जाना जाएगा. नरेंद्र मोदी ने बतौर गुजरात सीएम इसका सपना देखा था, जो अब पूरा हुआ. नए स्टेडियम को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे हाइटेक स्टेडियम के तौर पर विकसित किया गया है.
बता दें कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज पहला अंतराराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा. भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मैच से इसकी शुरुआत होने जा रही है.
ये है स्टेडियम की खासियत
इस स्टेडियम में दर्शकों की कुल क्षमता 1,32,000 है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस मैच में 50 फीसदी दर्शकों को अनुमति दी गई है. मोटेरा से पहले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम था.
अहमदाबाद का यह स्टेडियम 63 एकड़ में फैला हुआ है और इसे बनाने में लगभग 800 करोड़ रुपये लगे हैं. इस स्टेडियम में 76 कॉरपोरेट बॉक्स, चार ड्रेसिंग रूम के अलावा तीन प्रैक्टिस ग्राउंड भी हैं. एक साथ चार ड्रेसिंग रूम वाला यह दुनिया का पहला स्टेडियम है.
बारिश का पानी निकलने के लिए आधुनिक सिस्टम
बारिश का पानी निकालने के लिए यहां एक आधुनिक सिस्टम लगा है. बारिश के बाद महज आधे घंटे में खेल शुरू हो सकता है. डे-नाइट मैच के लिए यहां पर खास तरह की एलईडी लाइट भी लगाई गई है. देश का ये पहला स्टेडियम है, जहां एलइडी लाइट में मैच खेला जाएगा.
प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी सूचना में कहा गया, ‘यह ओलंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का है.’ इस मैदान को 2015 में नवीनीकरण के लिए बंद कर दिया गया था. एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई विशेषज्ञ इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई हैं. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है.






