कमलनाथ को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी, बन सकते हैं कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री

Sandeep Tiwari
15 July 2021 3:00 PM GMT
कमलनाथ को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी, बन सकते हैं कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री
x
New Delhi / नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अंदर ही अंदर कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर काफी समय से मंत्रणा का दौर चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के चहेते और सबसे वफादार मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी चल रही है। जानकारी मिल रही है कि थोडी देर पहले कमलनाथ सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास 10 जनपद पहुंच गये हैं। वहीं प्रियंका गांधी भी सोनिया गांधी के आवास गई हुंई है। ऐसे में सम्भावना जताई जा रही है कि सोनिया गांधी कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

New Delhi / नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अंदर ही अंदर कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर काफी समय से मंत्रणा का दौर चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के चहेते और सबसे वफादार मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी चल रही है। जानकारी मिल रही है कि थोडी देर पहले कमलनाथ सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास 10 जनपद पहुंच गये हैं। वहीं प्रियंका गांधी भी सोनिया गांधी के आवास गई हुंई है। ऐसे में सम्भावना जताई जा रही है कि सोनिया गांधी कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

चर्चा इनकी भी

वही कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर पर भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओ की नजर हैं जिसमे राहुल गांधी और प्रियंका गाधी हैं। पता चलता है कि मंगलवार की प्रशांत किशोर की लम्बी बात सोनया गांधी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी से हुंई। ऐसे में माना जारहा है कि प्रशांत किशोर को पार्टी में ज्वाइन करवा कर एक बडी जिम्मेवारी दी जा सकती है।

प्रशांत किशोर कांग्रेस के लिए रणनीतिकार हैं। वह पार्टी के भीतर के होने वाली कलह मतभेद पर काबू पाने वाले एक ऐसे नेता है जिन पर पार्टी के कई असंतुष्टो को भरोशा है। ऐसे में पर्टी के लिए प्रशांत किशोर का कद बढ जाता है।

खडगे को जवाबदारी

संसद में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस का खास प्लान है। इसके लिए खड़गे को खास जिम्मेदारी सौपी गई है। संसद सत्र में कांग्रेस सरकार को घेरने तैयारी में जुटी है। माना जा रहा है कि काग्रेस किसान आंदोलन, कोरोना महामारी की दूसरी लहर से निपटने में सरकार की विफलता, महंगाई तथा पेट्रोल- डीजल की बढ़ती कीमतों के मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में जोरशोर से उठाएगी।

Next Story
Share it