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देश भर में हुई हिंसा के बाद 'जमात उलमा ए हिंद' ने जो कहा वो हर हिंदुस्तानी को जानना चाहिए

देश भर में हुई हिंसा के बाद जमात उलमा ए हिंद ने जो कहा वो हर हिंदुस्तानी को जानना चाहिए
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Jamaat Ulama-e-Hind Owaisi, Madani: शुक्रवार को देश के कई राज्यों में मुस्लिमों द्वारा की गई हिंसा के बाद जमात उलमा ए हिन्द ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की

जमात उलमा ए हिंद: रविवार को दिल्ली में जमात उलमा ए हिन्द ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद देश के कई इलाकों में मुस्लिमों द्वारा की गई हिंसा का जिम्मेदार AIMIM लीडर असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना मदनी को ठहराया है. जमात उलमा ए हिंद ने कहा है कि अब ओवैसी और मदनी के खिलाफ फतवा जारी होगी, ये लोग युवाओं की भड़काने का काम करते हैं.

शुक्रवार को यूपी, झारखंड, एमपी, बंगाल और दिल्ली समेत कई इलाकों में जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज़ी और हिंसा हुई, इस हिंसा का कड़ा विरोध करते हुए रविवार को मुस्लिम संगठन जमात उलमा ए हिंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर, हिंसा पर चर्चा की. इस दौरन जमात के लोगों ने कहा कि नूपुर शर्मा के बयान के 15 दिनों तक सब कुछ शांत था, तबतक कोई विरोध नहीं हुआ था लेकिन दो हफ़्तों बाद असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना मदनी ने अपने नापाक एजेंडे को हवा दी, मुस्लिम युवाओं को हिंसा करने के लिए भड़काया

बयान के 15 दिन बाद क्यों बवाल

जमात उलमा ए हिंद के सुहैब कासमी ने कहा कि नूपुर शर्मा के विवादित बयान देने के बाद 15 दिनों तक कोई भी विरोध नहीं हुआ, लेकिन दो हफ्ते बाद विरोध क्यों शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो खाड़ी देशों से भारत की मित्रता पर जलते हैं. उन्होंने कहा कि इस हिंसात्मक प्रदर्शन का नेतृत्व असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना मदनी ने किया है. ये लोग घरों में बैठे रहते हैं और आम मुसलमान लाठियां खाते हैं. हमारा देश संविधान पर चलता है. प्रदर्शन के दौरान कानून और व्यवस्था को ध्यान में रखना चाहिए, चाहे CAA हो व कोई और मुद्दा हो ओवैसी और मदनी नेता बनने लगते हैं.

हिंसा के खिलाफ फतवा जारी होगा

जमात उलमा ए हिन्द ने कहा कि देश में हो रही हिंसा पर हमारा संगठन ओवैसी और मदनी पर फतवा जारी करेगा, इन लोगों ने दो सम्मुदायों के बीच तनाव पैदा करने की साज़िश रची है. ये लोग युवाओं को भड़काते हैं. जब नूपुर शर्मा ने माफ़ी मांगी है तो दे देनी चाहिए।

कार्रवाई सरकार करेगी

उन्होंने कहा कि जो लोग बुरा भला कहते हैं तो उनपर कानूनी कार्रवाई होगी, सरकार उनपर एक्शन लेगी, हम कौन होते हैं कानून हाथ में लेने वाले, सड़कों में विरोध करना कोई रास्ता नहीं है, हमें यकीन है सरकार उनपर कार्रवाई करेगी जो किसी धर्म के बारे में बुरा-भला बोलेंगे।

ओवैसी और मदनी जैसे लोग 15-20 करोड़ का नेतृत्व करने की बात कहते हैं लेकिन हम 130 करोड़ लोगों की बात करते हैं. कोई भारतीय मुसलमान उत्पीड़ित नहीं हो रहा है, दोषियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई कुछ गलत नहीं है. हम सरकार से अपील करते हैं कि ओवैसी और मदनी की इस हिंसा के मामले में जांच हो, हम भी इन दोनों के खिलाफ फतवा जारी करेंगे,







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