
सोशल मीडिया 'Queen' का गंदा खेल: पति के साथ मिलकर 1500 से अधिक को शिकार बनाया, आपत्तिजनक वीडियो बनाए...

- तेलंगाना के करीमनगर में बड़े हनीट्रैप नेटवर्क का पर्दाफाश
- सोशल मीडिया ‘क्वीन’ और पति ने 1500 पुरुषों को बनाया शिकार
- वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, लाखों रुपये की वसूली
- ब्लैकमेलिंग के पैसों से जमीन, कार और महंगा फर्नीचर खरीदा
Telangana Honeytrap Case | सोशल मीडिया से शुरू हुआ खौफनाक खेल
तेलंगाना के करीमनगर जिले से सामने आया यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के खतरनाक इस्तेमाल की जीती-जागती मिसाल है। आरेपल्ली इलाके में रहने वाले एक दंपत्ति को पुलिस ने एक बड़े हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का संचालन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस दंपत्ति ने अब तक करीब 1500 पुरुषों को अपने जाल में फंसा लिया था।
कर्ज के बोझ से बाहर निकलने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की चाह में इस दंपत्ति ने नैतिकता की सारी सीमाएं तोड़ दीं। आरोपी पत्नी ने सोशल मीडिया को हथियार बनाया और पति ने उसे एक अपराधी मॉडल में बदल दिया, जिसने सैकड़ों जिंदगियों को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
Social Media Trap | इंस्टाग्राम से कमरे तक का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला इंस्टाग्राम पर ‘Lallydimplequeen’ और यूट्यूब पर ‘Karimnagar pilla 143’ जैसे आकर्षक हैंडल्स के जरिए पुरुषों को अपनी ओर खींचती थी। वह ग्लैमरस तस्वीरें, मीठी बातें और दोस्ती का झांसा देकर लोगों का भरोसा जीतती।
धीरे-धीरे बातचीत निजी स्तर तक पहुंचती और फिर वह उन्हें अपने कमरे पर मिलने के लिए बुलाती। जानकारी के अनुसार, महिला ने करीब 100 पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान उसका पति गुप्त रूप से इन पलों के वीडियो रिकॉर्ड करता था।
Blackmail Network | वीडियो बना हथियार, डर बना कारोबार
इन आपत्तिजनक वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया जाता था। पीड़ितों को धमकाया जाता कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो वीडियो उनके परिवार और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। कई मामलों में उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
डर और बदनामी के भय से अधिकांश पीड़ित चुपचाप पैसे देते रहे। इसी तरह इस दंपत्ति ने सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए और एक संगठित नेटवर्क की तरह इस अपराध को अंजाम देते रहे।
Luxury From Crime | ब्लैकमेलिंग से बनी आलीशान जिंदगी
इस गलीज धंधे से हुई काली कमाई ने दंपत्ति को कुछ ही महीनों में अमीर बना दिया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने आरेपल्ली में 65 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा, 10 लाख रुपये की कार ली और अपने घर में लाखों का महंगा फर्नीचर लगवाया।
पड़ोसियों के लिए यह दंपत्ति अचानक अमीर बना रहस्यमयी परिवार था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इस चमक के पीछे सैकड़ों जिंदगियों की बर्बादी छिपी है।
The Brave Complainant | एक पीड़ित की हिम्मत से खुला पूरा राज
इस घिनौने खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब करीमनगर के एक लॉरी व्यवसायी ने डर के आगे झुकने से इनकार कर दिया। आरोपियों ने पहले उसे ब्लैकमेल कर 13 लाख रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद भी उनकी भूख नहीं मिटी। दंपत्ति ने दोबारा 5 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि रकम नहीं देने पर वीडियो वायरल कर देंगे और उसके परिवार को जान से मार देंगे।
लगातार हो रही वसूली और धमकियों से परेशान व्यवसायी ने आखिरकार पुलिस की शरण ली। उसने पूरे घटनाक्रम के सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई। यही वह मोड़ था, जिसने इस पूरे हनीट्रैप नेटवर्क की परतें खोल दीं।
Police Action | त्वरित कार्रवाई और बड़ी बरामदगी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से आपत्तिजनक वीडियो से भरे मोबाइल फोन, नकदी और कई खाली चेक बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह सब उन्होंने कर्ज चुकाने और विलासितापूर्ण जीवन जीने की सनक में किया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े और कितने पीड़ित सामने आ सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि 1500 से अधिक लोग इस जाल में फंस चुके हो सकते हैं, जिनमें से अधिकांश बदनामी के डर से सामने नहीं आए।
Why Victims Stay Silent | पीड़ित क्यों चुप रहते हैं
हनीट्रैप मामलों में सबसे बड़ी चुनौती पीड़ितों की चुप्पी होती है। समाज में बदनामी, परिवार टूटने का डर और प्रतिष्ठा खोने की आशंका उन्हें पुलिस तक जाने से रोकती है। आरोपी इसी डर का फायदा उठाते हैं और बार-बार वसूली करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कानून पीड़ितों के साथ है। अगर समय रहते शिकायत की जाए, तो न केवल अपराधियों को पकड़ा जा सकता है, बल्कि भविष्य में कई लोगों को ऐसे जाल में फंसने से भी बचाया जा सकता है।
| सावधानी के कदम | महत्वपूर्ण सुझाव |
|---|---|
| सोशल मीडिया | अजनबियों से अत्यधिक निजी या संवेदनशील बातचीत करने से बचें। |
| पहचान की पुष्टि | किसी से भी मिलने से पहले उसकी पहचान और बैकग्राउंड की पूरी जांच करें। |
| गोपनीयता | हमेशा याद रखें कि निजी पलों की चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग की जा सकती है। |
| आपातकालीन सहायता | धमकी मिलने पर बिना डरे तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें। |
| कानूनी अधिकार | ब्लैकमेलिंग एक गंभीर अपराध है; कानून और पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हैं। |
How to Stay Safe | हनीट्रैप से बचने के उपाय
- सोशल मीडिया पर अजनबियों से अत्यधिक निजी बातचीत से बचें। - किसी के कहने पर निजी मुलाकात से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। - निजी पलों की रिकॉर्डिंग की संभावना को हमेशा ध्यान में रखें। - किसी भी प्रकार की धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें। - याद रखें, ब्लैकमेलिंग एक अपराध है और कानून आपके साथ है।
यह मामला कहां का है?
यह मामला तेलंगाना के करीमनगर जिले के आरेपल्ली इलाके से सामने आया है।
आरोपियों ने कितने लोगों को शिकार बनाया?
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब 1500 पुरुष इस हनीट्रैप नेटवर्क का शिकार बने।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
आरोपियों के पास से आपत्तिजनक वीडियो वाले मोबाइल, नकदी और कई खाली चेक बरामद किए गए हैं।
हनीट्रैप से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?
अजनबियों पर आंख बंद कर भरोसा न करें, निजी जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
यह मामला एक कड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया की चमक के पीछे कितना खतरनाक जाल छिपा हो सकता है। एक पीड़ित की हिम्मत ने न केवल अपराधियों को बेनकाब किया, बल्कि सैकड़ों संभावित शिकारों को भी बचा लिया। अब जरूरत है कि समाज डर को तोड़े और ऐसे अपराधों के खिलाफ खुलकर सामने आए।
Rewa Riyasat News
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