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कोरोना की नई गाइडलाइन: ऐसे संक्रमितों को 14 के बजाय 7 दिन का आइसोलेशन, जरूरी ऑक्सीजन सैचुरेशन भी 94% के बजाय 93%

Aaryan Puneet Dwivedi
7 Jan 2022 1:02 PM IST
कोरोना की नई गाइडलाइन: ऐसे संक्रमितों को 14 के बजाय 7 दिन का आइसोलेशन, जरूरी ऑक्सीजन सैचुरेशन भी 94% के बजाय 93%
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की नई गाइडलाइन जारी की है. जिसमें ऑक्सीजन सैचुरेशन 94% के बजाय 93% कर दिया गया है.

देश में कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमीक्रॉन' के संकट के बीच एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेज हो गए हैं. बीते 24 घंटों में देश भर में 1 लाख 17 हजार नए मामले सामने आए हैं. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की नई गाइडलाइन (Union Health Ministry's new guideline for Corona) जारी की है. जिसमें ऑक्सीजन सैचुरेशन 94% के बजाय 93% कर दिया गया है एवं बिना लक्षण या हलके लक्षण वाले मरीजों के आइसोलेशन का दायरा घटा दिया है. अब ऐसे संक्रमितों को 14 दिन की बजाय 7 दिन तक आइसोलेशन में रहना होगा.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोरोना की नई गाइडलाइन के अनुसार आइसोलेशन के इन 7 दिनों की शुरुआत कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के दिन से मानी जाएगी. आइसोलेशन के दौरान अगर मरीज को लगातार 3 दिनों तक बुखार नहीं आए तो उसे 8वें दिन से कोरोना निगेटिव माना जाएगा. इसके लिए कोरोना की जांच भी जरूरी नहीं होगी.

दरअसल, देश में लगातार ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमितों की तादाद बढ़ती जा रही है. गुरुवार को रोज मिलने वाले कोरोना मरीजों की संख्या का आंकड़ा एक लाख को पार कर गया. एक अनुमान के मुताबिक इनमें से करीब 60% मरीज ओमिक्रॉन वैरिएंट के हैं. ओमिक्रॉन के ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं हैं, लेकिन यह डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले 30 गुना तक तेजी से फैलता है.

किन्हें एसिम्पटोमेटिक मरीज माना जाएगा?

एसिम्पटोमेटिक मरीज ऐसे लोग को माना जाएगा जिनकी रिपोर्ट तो कोरोना पॉजिटिव आए, लेकिन उनमें कोरोना का कोई लक्षण न हों. वहीं, कमरे की सामान्य हवा में ऑक्सीजन सैचुरेशन 93% से अधिक हो. इससे पहले ऑक्सीजन सैचुरेशन का यह पैमाना 94% था.

हल्के लक्षण वाले मरीज कौन होंगे?

ऐसे मरीजों को हल्के लक्षण वाला माना जाएगा जिनमें बुखार के साथ या बुखार के बिना ऊपरी श्वसन तंत्र, यानी अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से जुड़े लक्षण हों, लेकिन उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत न हो. इसके अलावा उनका ऑक्सीजन सैचुरेशन 93% से ज्यादा हो.

कैसे मरीज होम आइसोलेट किए जाएंगे?

• अगर डॉक्टर लिखित तौर पर कह दें कि मरीज एसिम्पटोमेटिक है या फिर इसमें हल्के लक्षण हैं तो ऐसे मरीजों को होम आइसोलेट किया जाएगा.

• ऐसे लोगों को होम आइसोलेट किया जाएगा जिनके घर पर मरीज के साथ-साथ उनके संपर्क में आए परिवार को भी क्वारैंटाइन करने की व्यवस्था हो.

• मरीज की देखभाल के लिए एक व्यक्ति 24 घंटे रहना चाहिए. देखभाल करने वाला और डॉक्टर एक-दूसरे के संपर्क में तब तक रहेंगे, जब तक मरीज का आइसोलेशन खत्म नहीं हो जाता.

• एक कंट्रोल रूम का नंबर परिवार के पास रहेगा और समय-समय पर आइसोलेटेड मरीज को गाइड किया जाएगा.

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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