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अब मध्यप्रदेश के इस जिले में मिला पन्ना से भी बड़ा और देश का सबसे बड़ा हीरे का भंडार, 382.131 हेक्टेयर का जंगल ख़त्म करने की तैयारी

RewaRiyasat.Com
रीवा रियासत डिजिटल
03 Apr 2021

मध्यप्रदेश के छतरपुर में देश का सबसे बड़ा हीरे (Diamond) का भंडार मिला है. जिले के बकस्वाहा के जंगल की जमीन में 3.42 करोड़ कैरेट हीरे दबे होने का अनुमान है. अब इन्हें निकालने के लिए 382.131 हेक्टेयर का जंगल खत्म किया जाएगा. वन विभाग के अनुसार कुल 2,15,875 पेड़ों को चिन्हित किया गया है, जिन्हे काटा जाएगा. 

इसके पहले तक देश का सबसे बड़ा हीरे का भण्डार मध्यप्रदेश के ही पन्ना जिले में था (The largest diamond store in the country was in Panna district of Madhya Pradesh). पन्ना जिले की जमीनों में 22 लाख कैरट हीरे हैं. जिनमें से 13 लाख कैरट निकाले जा चुके हैं.

बकस्वाहा के जंगल में 3.42 करोड़ कैरट हीरे दबे होने का अनुमान

अब पन्ना से ही लगे छतरपुर जिले के बकस्वाहा के जंगल की जमीन में 3.42 करोड़ कैरट हीरे दबे होने का अनुमान है. इसके लिए 382.131 हेक्टेयर जंगल का खात्मा कर 2,15,875 पेंड़ धराशायी करने की तैयारी है. इन पेड़ों में 40 हजार पेड़ सागौन के हैं, इसके अलावा केम, पीपल, तेंदू, जामुन, बहेड़ा, अर्जुन जैसे औषधीय पेड़ भी हैं. बकस्वाहा के जंगल से पन्ना की तुलना में 15 गुना अधिक हीरे निकलने का अनुमान लगाया गया है. 

एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को मिल रही है लीज

बंदर डायमंड प्रोजेक्ट (Bandar Diamond Project) के तहत इस स्थान का सर्वे 20 साल पहले शुरू हुआ था. दो साल पहले प्रदेश सरकार ने इस जंगल की नीलामी की. आदित्य बिड़ला समूह (Aditya Birla Group) की एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Essel Mining & Industries Ltd.) ने सबसे ज्यादा बोली लगाई. प्रदेश सरकार यह जमीन इस कंपनी को 50 साल के लिए लीज पर दे रही है. इस जंगल में 62.64 हेक्टेयर क्षेत्र हीरे निकालने के लिए चिह्नित किया है.

यहीं पर खदान बनाई जाएगी लेकिन कंपनी ने 382.131 हेक्टेयर का जंगल मांगा है, बाकी 205 हेक्टेयर जमीन का उपयोग खनन करने और प्रोसेस के दौरान खदानों से निकला मलबा डंप करने में किया जा सके. इस काम में कंपनी 2,500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है. पहले आस्ट्रेलियाई कंपनी रियो टिंटो (Rio tinto Mining Company) ने माइनिंग लीज के लिए आवेदन किया था. मई 2017 में संशोधित प्रस्ताव पर पर्यावरण मंत्रालय (Ministry of Environment) के अंतिम फैसले से पहले ही रियो टिंटो ने यहां काम करने से इनकार कर दिया था.

ऐसे पता चला यहां हीरे हैं

2000 से 2005 के बीच सर्वे कराया था बुंदेलखंड क्षेत्र में हीरा की खोज के लिए मप्र सरकार ने सर्वे आस्ट्रेलियाई कंपनी रियो टिंटो ने किया था. सर्वे में टीम को नाले के किनारे किंबरलाइट पत्थर (Kimberlite stone) की चट्‌टान दिखाई दी. हीरा किंबरलाइट की चट्‌टानों में मिलता है.

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