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वीडियोकॉन ग्रुप के फाउंडर वेणुगोपाल धूत को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया! लेकिन क्यों

वीडियोकॉन ग्रुप के फाउंडर वेणुगोपाल धूत को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया! लेकिन क्यों
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Videocon Group founder Venugopal Dhoot arrested by CBI: सीबीआई ने दो दिन पहले चंदा कोचर और पति को भी अरेस्ट किया था

Videocon Group founder Venugopal Dhoot arrested by CBI: सेंट्रल ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने वीडियोकॉन ग्रुप के फाउंडर वेणुगोपाल धुत को अरेस्ट कर लिया है. मामला ICICI बैंक से लोन लेकर धोखाधड़ी करने का है. CBI ने शुक्रवार को ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर और उनके पति को भी अरेस्ट किया था. जिसके बाद मुंबई स्पेशल कोर्ट ने दोनों को 26 दिन की कस्टडी में भेज दिया था.

आरोप है कि चंदा कोचर ने ICICI बैंक का सीईओ रहते हुए वीडियोकॉन जैसे कई कंपनियों को 6 लोन अप्रूव किए और दो लोन उन्हें स्वीकृत हुए जिनमे चंदा कोचर खुद सदस्य थीं. उनपर वीडियोकॉन ग्रुप को लोन अप्रूव करने के लिए अन्य कमेटियों को प्रभावित करने का आरोप है.

CBI ने वीडियोकॉन के फाउंडर को क्यों गिरफ्तार किया

दरअसल वीडियोकॉन पर ICICI बैंक के साथ फ्रॉड करने का आरोप है. बैंक ने कंपनी को बड़ा लोन दिया था. जो लोन बाद में नॉन परफार्मिंग असेट बन गया. 2012 में आईसीआईसीआई ने कंपनी को 3,250 करोड़ रुपए जो दिए थे वो भी शामिल है.

वीडियोकॉन ग्रुप के पूर्व चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कोचर की कंपनी नूपवर रिन्यूएबल्स में वीडियोकॉन को लोन मिलने के बाद करोड़ों रुपए का निवेश किया था। लोन को एक कमेटी से मंजूरी दी गई थी, जिसमें चंदा कोचर भी एक मेंबर थीं। अक्टूबर 2018 में इस मामले को लेकर चंदा को इस्तीफा देना पड़ा था।

इस मामले में चार कंपनियां शामिल हैं. दीपक कोचर की कंपनी पिनेकल एनर्जी, वीडियोकॉन, सुप्रीम एनर्जी और नूपॉवर

इस मामले की जांच 2016 से शुरू हुई थी. जब दोनों फर्मों, Videocon और ICICI बैंक में एक इन्वेस्टर अरविंद गुप्ता ने लोन अनियमितताओं के बारे में चिंता जताई थी। गुप्ता ने RBI और यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री से इसकी शिकायत की थी , मार्च 2018 में एक अन्य व्हिसल-ब्लोअर ने शिकायत की, तब जाकर 24 जनवरी 2019 में इस मामले को लेकर FIR दर्ज हुई थी.

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