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Union Budget 2023: अगर सरकार ने आम आदमी की इन 4 मांगों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया तो जनता की भलाई होगी

Union Budget 2023: अगर सरकार ने आम आदमी की इन 4 मांगों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया तो जनता की भलाई होगी
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Union Budget 2023: होम लोन से लेकर टैक्स स्लैब पर मोदी सरकार दे सकती है राहत

यूनियन बजट 2023: देश के यूनियन बजट पेश होने का वक़्त करीब है, अब Union Budget को लेकर आम आदमी की राय ऐसी बन चुकि है कि जैसे सभी को मालूम है कि नए बजट में भी कॉमन मैन की भलाई के लिए कुछ नहीं होगा। मगर इस बार के केंद्रीय बजट में आम पब्लिक को कुछ राहत देने के संकेत सामने आए हैं. ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि यूनियन बजट 2023 में केंद्र सरकार होम लोन से लेकर टैक्स स्लैब पर राहत दे सकती है.

यूनियन बजट को लेकर जनता की 4 मांग

निचले इनकम टैक्स रेट्स

साल 2016-17 से लेकर अबतक एक भी बार वित् मंत्रालय ने इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. सरकार से इस साल उम्मीद है कि नए टैक्स रिजिम में आयकर में 30 फीसदी और 25 फीसदी वाले टैक्स स्लैब को कुछ छूट दी जाएगी.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हो सकता है कि इस बजट में सरकार 5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री कर दे, जिससे आम टैक्सपेयर को कुछ राहत मिल सके. फिलहाल 2.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री है जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की जा रही है.

इक्विटी LTCG पर नॉन टैक्सेबेल लिमिट

2004 के पहले शेयरों की बिक्री पर होने वाले प्रॉफिट का कोई भी टैक्स नहीं देना पड़ता था. लेकिन इसके बाद 1 लाख रुपए से ज़्यादा प्रॉफिट होने पर लॉन्ग टर्म केपिटल गेन देना पड़ता है. शेयर मार्केट के रिटेल इन्वेस्टर को उम्मीद है कि शेयरों की बिक्री पर लगने वाले टैक्स की लिमिट में आने वालों को 1 लाख रुपये की बजाए 2 लाख रुपये की लिमिटकर दी जाए

स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की मांग

कर दाता चाहते हैं कि इस बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी जाए. रिटेल महंगाई दर और बढ़ती रहने की लागत को देखते हुए 50 हजार रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है,

होम लोन डिडक्शन पर लिमिट बढ़ा दी जाए

IT एक्ट के सेक्शन 24 (B) के तहत टैक्सपेयर्स घर के लोन पर चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट ले सकते हैं. होम लोन डिडक्शन की लिमिट 2 लाख रुपये तक ही है और एक साल में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की छूट ले सकते हैं. इसको भी बढ़ाने की मांग हो रही है.

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