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कृषि में सफलता की कहानी - 55 सौ रूपये से शुरू किया, अब 2 करोड़ का टर्नओवर, कई राज्यों में सप्लाई

कृषि में सफलता की कहानी - 55 सौ रूपये से शुरू किया, अब 2 करोड़ का टर्नओवर, कई राज्यों में सप्लाई
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Success story in agriculture: आज देश-विदेश के बडे़ बिजनेसमैन भी कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं देख रहें हैं।

Agriculture Success Story: लगन और कड़ी मेहनत इसी को कहते हैं। किसानी जिसे लोग हेय दृष्टि से देखा करते थे। लेकिन आज के समय में किसानी (Agriculture) से जुडे़ ऐसे कई कार्य हैं जिन्हे अपनाकर किसान बड़ी आसानी से लाखों नहीं करोड़ों रूपये कमा रहे हैं। तभी तो आज देश-विदेश के बडे़ बिजनेसमैन भी कृषि की ओर देख रहे हैं। आज हम हरियाणा के रहने वाले एक ऐसे किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जो 55 सौ रूपये से शहद उत्पाद (Honey Production) का कार्य शुरू किया और आज उनका करीब 2 करोड़ रूपये का सालाना टर्नओवर है।

पीएम मोदी ने की सराहना

हरियाणा के रादौर खंड के हाफिजपुर के रहने वाले किसान सुभाष कंबोज (Subhas Kamboj) के सफलता की चर्चा एक राज्य तक सीमित नही है। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra) भी उनकी तारीफ कर चुके है। साथ ही देश के नौजवानों तथा किसानों से कहा वह भी सुभाष से सीख लेते हुए आत्मनिर्भर बने। पीएम ने स्वयं कहा कि शहद की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी है।

जानें सुभाष के संघर्ष की कहानी

जानकारी के अनुसार सुभाष कभी एक निजी स्कूल में शिक्षक की नौकरी कर अपना तथा अपने परिवार का सहयोग कर रहे थे। उनके पास गांव में पुरखों की करीब 10 एकड़ जमीन है। जिसमें वह खेती किया करते थे। लेकिन वर्ष 1996 में खादी ग्राम उद्योग से प्रशिक्षण प्राप्त कर मधुमक्खी पालन (Bee Farming) का कार्य शुरू किया। जिसमें उन्होने 5500 रूपये लगाए।

कहते हैं कि सुभाष का मन मधुमक्खी पालन का कार्य में लग गया। भले ही शुरूआती दिनो में यह कार्य छोटे स्तर पर था। लेकिन धीरे-धीरे वह इसे बढ़ाने लगे। आज उनका करोबार काफी बढ़ चुका है।

कई राज्यों में है सप्लाई

शहद के इस कारोबार में सुभाष को जैसे-जैसे लाभ होने लगा वह अपना करोबार फैलाने लगे। आज उनके शहद सप्लाई का कारोबार तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व अन्य राज्यों में हो रहा है। जिससे वह वर्ष भर में करीब 2 करोड़ रूपये का कारोबार करते हैं।

बताया जा रहा है कि सुभाष अपने क्षेत्र के किसानो के मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित कर रहे। कई किसानों ने उनके साथ यह काम शुरू भी कर दिया है। साथ ही सुभाष उनसे शहद की खरीदी कर पर्याप्त लाभ दे रहे हैं।

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