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Story Of Nike: दो लोगों के हत्यारे के मुंह से निकले शब्द से बनी Nike की Tagline

Story Of Nike: दो लोगों के हत्यारे के मुंह से निकले शब्द से बनी Nike की Tagline
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नाइकी की कहानी: हर आदमी की चाहत होती है कि उसके पास Nike Shoe हो, लेकिन इसके शुरू होने का किस्सा बड़ा मस्त है

Nike Story: दुनियाभर में मशहूर स्पोर्ट्स एसेसिरीज एंड शु मेकर कंपनी NIKE को आप जानते होंगे। और शायद आपके पास Nike के जूते भी होंगे। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि Nike कंपनी शुरू कैसे हुई और Nike को उसकी टैगलाइन कैसे मिली? नाइकी की टैगलिंग मिलने का किस्सा बड़ा दिलचस्प है.


नाइकी कंपनी कैसे शुरू हुई

How Nike Was Founded: Bill Bowerman और Phil Knight ने Nike कंपनी को शुरू किया था. दोनों एक धावक थे और चाहते थे कि वह ऐसा जूता बनाने जिसे पहनने से वह और तेज दौड़ सकें। नाइकी कंपनी शुरू हुई. लेकिन इसे एक चीज़ की जरूरत थी. और वो थी टैगलाइन। NIKE के लिए काम करने वाली एक एजेंसी हेड ने 1976 में हुए ड्यूल मर्डर केस की स्टोरी पढ़ रही थी. उस आदमी ने दो लोगों की जान ली थी. उसे मौत की सज़ा हुई थी. जब उसे मारने से पहले आखिरी शब्द पूछे गए तो उसने कहा 'जस्ट डु इट' (Just Do It) उस वक़्त उस क्रिमिनल द्वारा कहे गए Just Do It शब्द को काफी पॉपुलैरिटी मिल गई थी. जिसे Nike ने अपना टैगलाइन बना दिया।


Nike Logo Story

How Nike Got Its Name: Nike का जिक्र एक ग्रीस माइथोलोजी के देवता की कहानी में मिलता है. Nike एक देवी का नाम है. जिसके नाम पर ही कंपनी ने Nike नाम चुना। Nike के फाउंडर Phil Knight कैरोलिन के अकाउंट्स के प्रोफ़ेसर भी थे. उन्होंने कैरोलिन से कुछ बनाने को कहा और उसने Nike देवी के विंग्स बना कर दिए. Swoosh का जो साइन आज Nike के लिए इस्तेमाल होता है, वो असल में इसी देवी के पंखों से प्रेरित था. इसी तरह Nike को उसका लोगो मिला।


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