
GOLD-SILVER PRICE TODAY: चांदी ऑल-टाइम हाई पर, कीमत 2.46 लाख/किलो — सोने में मामूली गिरावट; आगे और महंगे हो सकते हैं दाम

- चांदी ऑल-टाइम हाई पर पहुंची
- कीमत बढ़कर ₹2,46,044/किलो
- सोना हुआ मामूली सस्ता
- 2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी
7 जनवरी को चांदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार इसका भाव ₹2,894 बढ़कर ₹2,46,044 प्रति किलो पहुंच गया, जबकि इससे पहले यह ₹2,43,150 रुपए पर थी। दूसरी ओर सोना आज मामूली गिरावट के साथ ₹45 सस्ता होकर ₹1,36,615 प्रति 10 ग्राम हो गया।
2025 में सोना-चांदी दोनों ने दिए जोरदार रिटर्न
पिछले साल यानी 2025 के दौरान सोना और चांदी दोनों में बड़ी तेजी देखने को मिली: • सोना — ₹57,033 (करीब 75%) महंगा • चांदी — ₹1,44,403 (करीब 167%) महंगी 31 दिसंबर 2024 को जहां सोना ₹76,162 था, वहीं साल के अंत तक ₹1,33,195 हो गया। इसी अवधि में चांदी ₹86,017 से बढ़कर ₹2,30,420 प्रति किलो पहुंची।
10 दिन में सोने-चांदी के दाम
| तारीख | सोना/10 ग्राम | चांदी/kg |
|---|---|---|
| 26 दिसंबर | ₹1,37,956 | ₹2,28,107 |
| 29 दिसंबर | ₹1,36,781 | ₹2,35,440 |
| 30 दिसंबर | ₹1,34,599 | ₹2,32,329 |
| 31 दिसंबर | ₹1,33,195 | ₹2,30,420 |
| 1 जनवरी | ₹1,33,461 | ₹2,29,250 |
| 2 जनवरी | ₹1,34,415 | ₹2,34,906 |
| 5 जनवरी | ₹1,36,168 | ₹2,37,067 |
| 6 जनवरी | ₹1,36,660 | ₹2,43,150 |
| 7 जनवरी | ₹1,36,615 | ₹2,46,044 |
| नोट: 27-28 दिसंबर और 3-4 जनवरी को साप्ताहिक छुट्टी थी। | ||
सोना क्यों महंगा हुआ?
1. डॉलर कमजोर — ब्याज दरें घटने से निवेशकों की सोने में रुचि बढ़ी। 2. जियोपॉलिटिकल तनाव — रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोना सुरक्षित निवेश माना गया। 3. सेंट्रल बैंक खरीदारी — चीन सहित कई देशों के बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
चांदी में रिकॉर्ड तेजी के कारण
1. इंडस्ट्रियल डिमांड — सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में भारी उपयोग। 2. ट्रेड पॉलिसी का असर — वैश्विक सप्लाई को लेकर अनिश्चितता से कंपनियों ने स्टॉक बढ़ाया। 3. पहले से खरीदारी — उत्पादन पर असर के डर से मैन्युफैक्चरर्स एडवांस बुकिंग कर रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार चांदी की मांग अभी मजबूत है। उनका अनुमान है कि चांदी इस साल ₹2.75 लाख/किलो तक पहुंच सकती है। वहीं सोना साल के अंत तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर जा सकता है — बशर्ते डॉलर और ब्याज दरों में नरमी बनी रहे।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सोना-चांदी में निवेश धीरे-धीरे और लंबी अवधि के नजरिए से किया जाए। अचानक उछाल के दौरान बड़े निवेश से बचना बेहतर माना जाता है।
FAQs — गोल्ड-सिल्वर प्राइस
क्या अभी चांदी खरीदना सही है?
कीमतें ऊंचाई पर हैं। लंबी अवधि के निवेश के लिए छोटे-छोटे लॉٹس में खरीद बेहतर मानी जाती है।
क्या सोना फिर से रिकॉर्ड तोड़ सकता है?
यदि ब्याज दरें घटती रहीं और अनिश्चितता बढ़ी, तो सोना नए हाई बना सकता है।
IBJA रेट और ज्वेलरी शॉप रेट अलग क्यों होते हैं?
ज्वेलरी दुकानों में मेकिंग चार्ज और GST जुड़ने से कीमत ज्यादा दिखाई देती है।




