
श्रीजी शिपिंग का IPO 7.55 गुना सब्सक्राइब, निवेशकों का जबरदस्त रुझान

Shreeji Shipping IPO
श्रीजी शिपिंग का आईपीओ निवेशकों ने दिखाया जबरदस्त उत्साह: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की कंपनी श्रीजी शिपिंग ग्लोबल के ₹411 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। तीसरे और आखिरी दिन तक यह आईपीओ कुल 7.55 गुना सब्सक्राइब हो चुका था, जिसमें सबसे ज्यादा रुचि रिटेल निवेशकों ने दिखाई। यह दर्शाता है कि निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक हैं। आईपीओ को मिले इस जबरदस्त सब्सक्रिप्शन से कंपनी की लिस्टिंग भी मजबूत होने की उम्मीद है।
ग्रे मार्केट में दमदार प्रीमियम (Strong premium in gray market)
आईपीओ के प्रति निवेशकों के मजबूत रुख को ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में भी देखा जा सकता है। गुरुवार को, श्रीजी शिपिंग का आईपीओ ग्रे मार्केट में ₹27 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। यह इसके इश्यू प्राइस ₹252 से लगभग 11% ज्यादा है। इस प्रीमियम के हिसाब से, इसकी संभावित लिस्टिंग ₹279 के आसपास हो सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि जीएमपी एक अनौपचारिक आंकड़ा है और यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की कोई गारंटी नहीं देता।
कैटेगरी-वाइज सब्सक्रिप्शन स्टेटस (Category-wise subscription status)
आईपीओ के सब्सक्रिप्शन डेटा के अनुसार, अलग-अलग कैटेगरी में निवेशकों का अच्छा रुझान देखने को मिला:
रिटेल निवेशक (RIIs): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जहां आवंटित 57.04 लाख शेयरों के मुकाबले 7.9 गुना ज्यादा बोलियां लगाई गईं।
गैर-संस्थागत निवेशक (NIIs): इन्होंने भी मजबूत मांग दिखाई, और उनके लिए निर्धारित 24.44 लाख शेयरों को 14.7 गुना सब्सक्राइब किया गया।
योग्य संस्थागत खरीदार (QIBs): इस कैटेगरी में 32.59 लाख शेयरों के लिए 2.4 गुना बोलियां प्राप्त हुईं।
यह दिखाता है कि न सिर्फ छोटे निवेशक बल्कि बड़े और अनुभवी निवेशकों ने भी इस आईपीओ पर भरोसा जताया है।
आईपीओ का मूल्य और कंपनी का उद्देश्य (IPO price and company objectives)
श्रीजी शिपिंग ग्लोबल के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹240 से ₹252 प्रति शेयर तय किया गया था। इस आईपीओ में 1.63 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए गए, जिसमें कोई ऑफर-फॉर-सेल (OFS) हिस्सा नहीं था। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाए गए पूरे ₹411 करोड़ सीधे कंपनी के पास जाएंगे। कंपनी इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से दो कामों के लिए करेगी
₹251.2 करोड़ का इस्तेमाल सेकेंडरी मार्केट से सुप्रामाक्स-श्रेणी के ड्राई बल्क कैरियर खरीदने में किया जाएगा ताकि कंपनी अपने बेड़े का विस्तार कर सके।
₹23 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन और बाजार का नजरिया (Company's financial performance and market outlook)
जामनगर, गुजरात में स्थित श्रीजी शिपिंग, श्रीजी ग्रुप की प्रमुख कंपनी है जो मुख्य रूप से भारत के पश्चिमी तट पर काम करती है।
वित्तीय वर्ष 2025 में, कंपनी का रेवेन्यू ₹610 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹736.17 करोड़ से 17% कम था। हालांकि, मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार हुआ। शुद्ध लाभ (PAT) 13.4% बढ़कर ₹141 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹124 करोड़ था। EBITDA भी 1.4% बढ़कर ₹200 करोड़ हो गया, जो कम राजस्व के बावजूद मजबूत परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पोर्ट कार्गो की मात्रा 2030 तक 10.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। गुजरात के बंदरगाहों की वृद्धि दर 17.5% रहने की उम्मीद है, जिससे श्रीजी जैसी कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।
क्या निवेशकों को इसमें निवेश करना चाहिए? (Should investors invest in it?)
एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, श्रीजी शिपिंग भारत के एकीकृत शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक प्रमुख और स्थापित खिलाड़ी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी ने ड्राई बल्क कार्गो सेगमेंट में एक मजबूत पकड़ बनाई है। अपनी खुद की फ्लीट का संचालन करने से कंपनी की दक्षता और सेवा गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
₹252 के ऊपरी प्राइस बैंड पर, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 28.5 गुना है, जबकि एंटरप्राइज वैल्यू-टू-ईबीआईटीडीए (EV/EBITDA) 21.4 गुना है। इन वैल्यूएशन को देखते हुए, आईपीओ का मूल्य पूरी तरह से निर्धारित लगता है। इसलिए, आनंद राठी ने निवेशकों को "लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करें" की सलाह दी है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




