
शेयर बाजार में हाहाकार: इजराइल-ईरान युद्ध से सेंसेक्स 2100 अंक टूटा, निवेशकों के 13 लाख करोड़ डूबे

शेयर बाजार में 'ब्लैक मंडे': सेंसेक्स 2100 अंक धड़ाम, युद्ध के डर से कांप रहे निवेशक
नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी सोमवार, 9 मार्च 2026 का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। ग्लोबल मार्केट से आए खराब संकेतों और मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव की वजह से बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सेंसेक्स करीब 2,100 अंक (2.60%) गिरकर 76,800 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 700 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,800 के पास कारोबार कर रहा है।
क्यों मची है बाजार में अफरा-तफरी? (Market Crash Reasons)
बाजार गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। जब भी दुनिया के किन्हीं देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो निवेशकों के मन में डर बैठ जाता है। उन्हें लगता है कि आने वाले समय में सामान महंगा होगा और कंपनियों की कमाई कम हो जाएगी। इसी डर के कारण लोग अपने शेयर बेचकर पैसा निकाल रहे हैं।
Stock Market Bloodbath: Sensex Crashes 2100 Points as Iran-Israel War Ignites Global Panic
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गिरावट की 3 मुख्य वजहें:
- सप्लाई चेन का टूटना: युद्ध की वजह से समुद्र के रास्ते होने वाला व्यापार रुक सकता है।
- विदेशी बाजारों का दबाव: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी 3% से 7% तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।
- बढ़ती महंगाई: युद्ध के कारण हर चीज के दाम बढ़ने की आशंका है।
कच्चे तेल की आग: 10 दिन में 60% महंगा हुआ तेल
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात कच्चा तेल (Crude Oil) है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड आज 25% उछलकर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ताज्जुब की बात यह है कि पिछले 10 दिनों में तेल की कीमतों में 60% की बढ़ोतरी हुई है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो तेल 150 डॉलर तक जा सकता है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा, क्योंकि भारत में पेट्रोल और डीजल 5 से 6 रुपये तक महंगे हो सकते हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।
कहां हुई सबसे ज्यादा बिकवाली? (Sector Wise Impact)
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार बैंक, ऑटो (गाड़ियां), मेटल (लोहा-स्टील) और FMCG (रोजमर्रा का सामान) सेक्टर पर पड़ी है। बड़े-बड़े नामी शेयरों में आज बिकवाली का दौर है। शुक्रवार को भी बाजार गिरकर बंद हुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
आम जनता और निवेशकों पर क्या होगा असर?
एक साधारण व्यक्ति के लिए बाजार गिरने का मतलब है कि आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है। वहीं, जिन लोगों ने शेयर बाजार में पैसा लगाया है, उनकी संपत्ति में आज बड़ी कमी आई है। जानकारों की सलाह है कि इस समय हड़बड़ी में कोई भी फैसला न लें। जब तक युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे समय में सोना (Gold) निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है, इसलिए सोने के दाम आज बढ़ रहे हैं।
आगे क्या होगा?
बाजार की नजर अब पूरी तरह से ग्लोबल खबरों पर है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से मामला सुलझता है, तो बाजार फिर से रिकवरी कर सकता है। लेकिन अगर तनाव और बढ़ा, तो गिरावट और गहरी हो सकती है। निवेशकों को फिलहाल "इंतजार करो और देखो" की नीति अपनानी चाहिए।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




