बिज़नेस

Cryptocurrency में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर, जानिए क्या कहा RBI गवर्नर ने

Aaryan Puneet Dwivedi
11 Nov 2021 12:12 PM IST
Cryptocurrency में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर, जानिए क्या कहा RBI गवर्नर ने
x

RBI On Cryptocurrency

RBI On Cryptocurrency: भारत में भी क्रिप्टो का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. जिसे लेकर RBI चिंता में है. गवर्नर ने इस पर गंभीर चिंता जताई है.

RBI On Cryptocurrency: करेंसी की डिजिटल एवं वर्चुअल दुनिया 'Cryptocurrency' ने दुनियाभर के कई देशों की सरकारों को परेशान कर रखा है. भारत में भी इसकी काफी लोकप्रियता है. जिस तरह से बड़ी संख्या में लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश (Investment) कर रहें हैं इस पर RBI (Reserve Bank of India) चिंतित हो उठा है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसीज (Cryptocurrencies) को लेकर फिर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी ने आरबीआई के लिए 'गंभीर चिंता' पैदा की है.

बुधवार को RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने कहा कि, एक रेगुलेटर के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर RBI के सामने गंभीर चिंता पैदा हो गई है. माइक्रो-इकोनॉमिक संतुलन से लेकर वित्तीय स्थिरता के लिहाज से क्रिप्टोकरेंसी चिंता पैदा कर रही है.

बता दें क्रिप्टोकरेंसी अभी भारत में लीगल टेंडर नहीं है बावजूद इसके लोग धड़ल्ले से इस पर निवेश कर रहें हैं. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) इसे बैन कराना चाहती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट (SC) ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने की इजाजत नहीं दी. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India on Cryptocurrency) का कहना है कि, सरकार इस क्रिप्टो को लेकर कोई नीति लेकर आए.

क्या कहा RBI के गवर्नर ने

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने कहा कि, Cryptocurrency में निवेश करने वालो की संख्या देश भर में बढ़ा चढ़ा कर बताई जा रही है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है. इसका वॉल्यूम निश्चित तौर पर बढ़ता जा रहा है. देश भर में ऐसे बड़ी तादात में निवेशक हैं जिन्होंने क्रिप्टो पर 1 हजार रूपए से लेकर 2 हजार रूपए तक निवेश किया है.

Cryptocurrency को रेगुलेट करने पर गवर्नर ने क्या कहा?

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट पेश किया है. इस रिपोर्ट पर सरकार सक्रियता से विचार कर रही है. जब शक्तिकांत दास से क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर अभी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

Decentralized होती है Cryptocurrency

Crytocurrency दुनिया भर में चलने वाली ऐसी डिजिटल मुद्रा है, जो विकेन्द्रीकृत (Decentralized) होती है. एक नेटवर्क पर आधारित डिजिटल संपत्ति (Digital Asset) का एक रूप है जो बड़ी संख्या में कंप्यूटरों में वितरित किया जाता है. Decentralized होने के चलते यह सरकारों और केंद्रीय अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर होती है. यानि किसी भी सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं होता. इस वजह से यह एक जोखिम भरा निवेश हो जाता है.

भारत में तेजी से बढ़ रहा क्रेज

भले ही भारत में क्रिप्टोकरेंसी लीगल टेंडर नहीं है, लेकिन भारत में जोर शोर से क्रिप्टोकरेंसी और इसके एक्सचेंज वेबसाइट, एप्स के प्रचार प्रसार किए जा रहें हैं. पहले ही यह काफी लोकप्रिय है और प्रचार प्रसार होने के बाद लोग इस पर और अधिक विश्वास करने लगे हैं. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बढ़ने से CoinDCX अगस्त में यूनिकॉर्न बन गई थी. इसी तरह अक्टूबर में CoinSwitch kuber यूनिकॉर्न बन गई.

रिजर्व बैंक खुद लाएगा डिजिटल करेंसी

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक खुद एक डिजिटल करेंसी लॉन्च करने पर काम कर रहा है. दास ने कहा कि आरबीआई एक फिएट करेंसी के डिजिटल वर्जन पर काम कर रहा है. साथ ही वह इस बात का भी आकलन कर रहा है डिजिटल करेंसी लाने पर वित्तीय स्थिरता पर क्या असर पड़ सकता है.

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने भी कुछ महीने पहले बताया था कि केंद्रीय बैंक अपनी खुद की डिजिटल करेंसी चरणबद्ध तरीके से पेश करने की रणनीति पर काम कर रहा है.

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

Next Story