
MP Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026: New Online Application, Eligibility, Benefits and Compensation Details

Table of Contents (विषय सूची)
- MP Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026: मुख्य उद्देश्य
- योजना के प्रमुख लाभ और मुआवजा राशि (Benefits)
- आवेदन के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
- महत्वपूर्ण दस्तावेज (Required Documents) की सूची
- ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Online Apply)
- मुआवजा राशि वितरण और स्टेटस कैसे चेक करें?
- पटवारी सर्वे और शिकायत निवारण प्रक्रिया
- निष्कर्ष: मध्य प्रदेश किसानों के लिए एक सहारा
- Frequently Asked Questions (FAQs)
MP Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026: मुख्य उद्देश्य
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित MP Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026 का मुख्य उद्देश्य रबी सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं जैसे बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, या कीटों के हमले से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है जहाँ गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें किसानों की आय का मुख्य स्रोत हैं। अक्सर देखा गया है कि कटाई के समय होने वाली प्राकृतिक आपदाएं किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। इस संकट की घड़ी में सरकार मुख्यमंत्री फसल सहायता योजना के माध्यम से मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाती है ताकि वे अगले सीजन की तैयारी बिना किसी वित्तीय बोझ के कर सकें।
योजना के प्रमुख लाभ और मुआवजा राशि (Benefits)
इस योजना के तहत किसानों को फसल क्षति के प्रतिशत के आधार पर सहायता राशि दी जाती है। 2026 के नए नियमों के अनुसार, यदि फसल का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक होता है, तो किसान मुआवजे के हकदार होते हैं। योजना के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- न्यूनतम प्रीमियम: किसानों को केवल 1.5% का मामूली प्रीमियम देना होता है, बाकी का बोझ सरकार उठाती है।
- सीधा भुगतान: मुआवजा राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
- पारदर्शी प्रक्रिया: सर्वे की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हो गई है।
- त्वरित राहत: प्राकृतिक आपदा के 72 घंटों के भीतर सूचना देने पर सर्वे की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाती है।
आवेदन के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश के किसानों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- किसान के पास अपनी भूमि के वैध दस्तावेज (खसरा/खतौनी) होने चाहिए।
- बटाईदार या काश्तकार किसान भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास संबंधित अनुबंध हो।
- किसान ने रबी सीजन 2026 के लिए फसलों की बुवाई की हो और उसका पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर हो।
- प्राकृतिक आपदा के कारण फसल का नुकसान कम से कम 33% होना चाहिए।
महत्वपूर्ण दस्तावेज (Required Documents) की सूची
ऑनलाइन आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज तैयार होने चाहिए:
- आधार कार्ड: किसान की पहचान और भुगतान के लिए अनिवार्य।
- समग्र आईडी: परिवार की जानकारी के लिए।
- भू-अभिलेख: खसरा नंबर और भूमि का विवरण।
- बैंक पासबुक: जिसमें IFSC कोड और खाता संख्या स्पष्ट हो।
- मोबाइल नंबर: जो आधार से लिंक हो (ओटीपी के लिए)।
- बुवाई प्रमाण पत्र: पटवारी या संबंधित विभाग द्वारा जारी।
ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Online Apply)
2026 में आवेदन की प्रक्रिया को बहुत सरल बनाया गया है। आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- सबसे पहले मध्य प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या MP Kisan App पर जाएं।
- होमपेज पर Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी समग्र आईडी या आधार नंबर दर्ज करके लॉगिन करें।
- अपने खसरा नंबर का चयन करें और प्रभावित फसल का विवरण भरें।
- आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- जानकारी को सबमिट करें और 'Application Reference Number' प्राप्त करें।
मुआवजा राशि वितरण और स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन जमा करने के बाद, स्थानीय पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) द्वारा आपके खेत का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तहसील कार्यालय क्षति का आकलन करता है। आप अपने आवेदन का स्टेटस राजस्व पोर्टल या एमपी किसान ऐप पर 'Track Application' विकल्प में जाकर देख सकते हैं। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, राहत राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
पटवारी सर्वे और शिकायत निवारण प्रक्रिया
यदि आपको लगता है कि आपकी फसल का नुकसान अधिक हुआ है लेकिन सर्वे में उसे कम दिखाया गया है, तो आप 15 दिनों के भीतर तहसीलदार या कलेक्टर कार्यालय में अपील कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 181 भी जारी किया है, जहाँ किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। याद रखें कि समय पर शिकायत दर्ज करना ही मुआवजे की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश किसानों के लिए एक सहारा
MP Fasal Sahayata Yojana Rabi 2026 न केवल एक वित्तीय योजना है, बल्कि यह राज्य के अन्नदाताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। 2026 में तकनीकी सुधारों के कारण अब मुआवजे की प्रक्रिया में पहले जैसी देरी नहीं होती। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बुवाई के तुरंत बाद अपना पंजीयन सुनिश्चित करें ताकि संकट के समय उन्हें किसी बाधा का सामना न करना पड़े।




