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भोपाल के मिश्रीलाल राजपूत, जिन्होंने लाल भिंडी, नीले आलू और काले चावल उगाकर लाखों की कमाई कर डाली

भोपाल के मिश्रीलाल राजपूत, जिन्होंने  लाल भिंडी, नीले आलू और काले चावल उगाकर लाखों की कमाई कर डाली
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मिश्रीलाल राजपूत (Mishrilal Rajput) ने अपने खेत में कई एक्सपेरिमेंट किए, उन्होंने लाल भिंडी की खेती से लेकर नीले आलू और काले चावल को ऊगा दिया

Farmer Mishrilal Rajput: भारत कृषि प्रधान देश है फिर भी किसान उस हिसाब से कमाई नहीं कर पाते जितनी वह अनाज उगाने में मेहनत करते हैं. देश आधुनिक हो रहा है और इसी के साथ परंपरागत कृषि को छोड़कर आधुनिक खेती करने वाले किसान ही अच्छा पैसा कमाते हैं. आधुनिक खेती में कमाल करने की बात हो तो पहला नाम मिश्रीलाल राजपूत (Mishrilal Rajput) का आता है.

मिश्रीलाल ने अपने खेत में लाल भिंडी, नीले आलू और काले चावल उगाकर ना सिर्फ लाखों में कमाई की है बल्कि अपने साथ अन्य किसानों को इस पैदावार के तरीके बताकर उनके जीवन बदल दिया है. मश्रीलाल पहले एक डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन किस्मत ने उन्हें एक किसान बनाया। मिश्रीलाल किसान तो बने मगर अपनी फसलों के साथ एक्सपेरिमेंट करते रहे. ये कहानी है भोपाल के खजुरलीकलां गांव के आधुनिक किसान मिश्रीलाल राजपूत की

भोपाल के मिश्रीलाल राजपूत की खेती

भोपाल के गांव में एक्सपेरिमेंटल खेती के लिए पहचाने जाने वाले राजपूत नए प्रयोगों के लिए मशहूर हैं. वह हमेशा अपने खेत और फसल के साथ नया करते हैं. उन्होंने भारत की मिट्टी में लाल भिंडी, नीले आलू और काले चावल के साथ ऐसा बहुत कुछ नया पैदा कर दिया है जिसे जानने के बाद आप हैरत में पड़ जाएंगे।

नीला आलू और काला चावल

बात 1990 की है, मिश्रीलाल ने अपने खेत में गेंहू और टमाटर के साथ प्रयोग शुरू किया था. उन्होंने गेहूं की WH 147 वेरायटी और हाइब्रिड टमाटर उगाए. इस टमाटर के बीज आम टमाटर के बीजों से ज़्यादा महंगे थे लेकिन ये टमाटर देसी टमाटर से ज्यादा दाम में भी बिके। सानों ने भी इन फसलों को उगाना शुरू किया. मिश्रीलाल ने केवल आम फसलों पर ही प्रयोग नहीं किए बल्कि इसके साथ ही उन्होंने 1998 में औषधीय खेती करने की शुरुआत की. उनके द्वारा किया गया ये प्रयास राज्य भर में पहला प्रयास था.

मिश्रीलाल ने मेंथा, सफेद मूसली (White Muesli), लेमन ग्रास (lemon grass) जैसी फसलें उगाईं. मिश्रीलाल कभी भी एक तरह की खेती पर आश्रित नहीं रहे वो निरंतर प्रयोग करते रहे. ऐसे प्रयोगों में उनके द्वारा उगाई गयी 'काला नमक' चावल (Black Salt Rice) )की खेती भी चर्चा में रही. लाल भिंडी (Red Ladyfinger) की तरह ही मिश्रीलाल के नीले आलू (Blue Potato) ने भी खूब चर्चा बटोरी. उन्होंने पिछले साल ही इसकी खेती की थी. ये आलू सेहत के लिए तो अच्छे थे ही इसके साथ ही इनकी कीमत भी सामान्य आलू से ज़्यादा थी.

मिश्रीलाल का मनना है कि यह लाल भिंडी आम तौर पर मिलने वाली भिंडी से अधिक सेहतमंद होने के साथ साथ उससे ज़्यादा मूल्य पर भी बिकती है. जिससे उगाने वाले किसान, बेचने वाले सब्जी विक्रेताओं और खरीदने वालों को फायदा होगा.

एमपी सरकार ने पुरुस्कृत भी किया

मिश्रीलाल राजपूत को उनके खेती में किए गये सफल प्रयोगों के लिए 2003 में 'मध्य प्रदेश कृषि भूषण' पुरस्कार भी मिल चुका है. मिश्रीलाल अब अपने पुश्तैनी खेतों के साथ दूसरों की जमीनें किराए पर लेकर भी खेती करते हैं. वह साल भर में 20 से 22 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं. मिश्रीलाल ने पिछले साल केवल फूलगोभी की खेती से साढ़े चार लाख का मुनाफा कमाया था.

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