
LPG Cylinder New Rules 2026: क्या 35 दिन बाद ही मिलेगा गैस सिलेंडर? सरकार ने बताया पूरा सच, पढ़िए नए नियम

LPG Cylinder बुकिंग के नए नियम 2026: क्या आपके घर में भी है पाइप गैस (PNG) कनेक्शन? जानें कब तक लौटाना होगा सिलेंडर
नई दिल्ली: अगर आप भी रसोई गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि अब ग्राहकों को दूसरा गैस सिलेंडर बुक करने के लिए 35 से 45 दिनों का लंबा इंतजार करना होगा। लेकिन अब भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खुद सामने आकर इस पर अपनी सफाई दी है।
LPG Cylinder Refill Rules: क्या सच में बदल गए हैं बुकिंग के नियम?
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि गैस बुकिंग के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। जो खबरें चल रही थीं कि उज्ज्वला योजना (PMUY) वालों को 45 दिन और सामान्य ग्राहकों को 35 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा, वे पूरी तरह से गलत हैं।
असली नियम क्या है? मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल पुराना नियम ही लागू रहेगा। यानी एक बार सिलेंडर डिलीवर होने के बाद आप 25 दिन बीत जाने पर ही दूसरा सिलेंडर बुक कर पाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
PNG Connection Users: अब घर में सिलेंडर रखना होगा गैर-कानूनी!
सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है जिसे 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' कहा जा सकता है। अगर आपके घर तक पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) पहुंच चुकी है और आपने उसका कनेक्शन ले लिया है, तो अब आप LPG सिलेंडर नहीं रख पाएंगे।
- सिलेंडर करना होगा सरेंडर: नए नियमों के अनुसार, जिन घरों में PNG की सुविधा है, उन्हें अपना पुराना LPG सिलेंडर वापस (Surrender) करना होगा।
- नहीं मिलेगी रिफिलिंग: ऐसे ग्राहकों को न तो नया सिलेंडर मिलेगा और न ही पुराने सिलेंडर को दोबारा भरवाया जा सकेगा।
- 3 महीने का समय: जैसे ही आपके इलाके में पाइपलाइन चालू होगी, आपको नोटिस मिलेगा। इसके 3 महीने के भीतर आपको सिलेंडर लौटाना होगा।
पाइपलाइन बिछाने के लिए आए सख्त नियम: सोसायटियों की मनमानी खत्म
देशभर में गैस पाइपलाइन के जाल को तेजी से फैलाने के लिए सरकार ने 'अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1955' के तहत नए आदेश जारी किए हैं। अक्सर देखा जाता था कि हाउसिंग सोसायटियों या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के विरोध के कारण पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा:
- 3 दिन में देनी होगी मंजूरी: अगर कोई कंपनी पाइपलाइन बिछाने के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को सिर्फ 3 दिन के अंदर परमिशन देनी होगी।
- सप्लाई कटने का डर: अगर कोई सोसाइटी जानबूझकर देरी करती है या मना करती है, तो सरकार उस पूरी सोसाइटी की गैस सप्लाई रोक सकती है।
- सरकारी विभागों के लिए डेडलाइन: छोटे नेटवर्क के लिए सरकारी विभागों को 10 दिन और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 60 दिन में मंजूरी देनी होगी। अगर वे जवाब नहीं देते, तो उसे 'ऑटोमैटिक मंजूरी' मान लिया जाएगा।
कमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ा दबाव, कोटे में 20% की वृद्धि
बाजार में घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) के मुकाबले कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए कमर्शियल गैस के कोटे में 20% की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। अब कुल आवंटन बढ़कर 50% हो गया है। इससे आने वाले 2-3 दिनों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन गैस (PNG) को बढ़ावा देना है क्योंकि यह सिलेंडर के मुकाबले सस्ती, सुरक्षित और आसान है। इसमें आपको सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग करने की टेंशन नहीं रहती।
आम जनता पर क्या होगा असर?
सरल शब्दों में समझें तो सरकार चाहती है कि शहरों में लोग पाइप वाली गैस का इस्तेमाल करें ताकि सिलेंडर की बचत हो सके और उन्हें ग्रामीण इलाकों या उन जगहों पर भेजा जा सके जहां पाइपलाइन नहीं पहुंच सकती। जो लोग सिलेंडर ही इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए 25 दिन का गैप बरकरार रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा फिलहाल 45 दिन रखी गई है ताकि सबको समान रूप से गैस मिल सके।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




