
LIC IPO Update: एलआईसी का आईपीओ टला! अब इस माह आने की उम्मीद

LIC IPO Postponed Update: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआइसी के मेगा आइपीओ (LIC Mega IPO) को केंद्र सरकार द्वारा मई मध्य तक लाने की योजना है। बढ़ती महंगाई, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) संकट के कारण शेयर बाजार में अभी जो अस्थिरता है, सरकार इसके टलने का इंतजार कर रही है ताकि वह प्राथमिक बाजार से अधिक फंड जुटा सके। उम्मीद है कि मई तक मार्केट में वोलैटिलिटी घट जाएगी।
SEBI ने दी थी मंजूरी
इसके पहले बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने सरकार के एलआईसी आईपीओ के ड्राफ्ट (LIC IPO Draft) को 22 दिनों में मंजूरी दे दी थी. इसके पहले सेबी ने किसी भी आईपीओ के ड्राफ्ट पर इतनी जल्दी मंजूरी नहीं दी थी. सेबी के इस कदम के बाद कयास लगाए जा रहें थें कि एलआईसी का आईपीओ टलने की बजाय जल्द ही लॉन्च होने जा रहा है. लेकिन केंद्र सरकार बाजारों में संकट और शेयर बाजार की अस्थिरता के चलते इसे मई माह लाने की जुगत में है.
अलग-अलग कैटेगरी के लिए LIC IPO में कितना रिजर्वेशन?
आईपीओ के ड्राफ्ट के अनुसार, एलआईसी के कुल 632 करोड़ शेयर होंगे, इनमें से करीब 31.6 करोड़ शेयर आईपीओ में बेचे जाएंगे. इस आईपीओ में एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स के लिए अलग से एक हिस्सा रिजर्व रखा जा रहा है. ड्राफ्ट में एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स के लिए 10 फीसदी यानी करीब 3.16 करोड़ शेयर रिजर्व रखने का प्रस्ताव किया गया है. इसमें QIBs के लिए 50 फीसदी शेयर रिजर्व होंगे, जबकि गैर-संस्थागत इन्वेस्टर्स के लिए 15 फीसदी हिस्सा अलग रखा जाएगा.
LIC के IPO से बनेगा ये ख़ास रिकॉर्ड
पहले कहा जा रहा था कि इस आईपीओ के जरिए सरकार एलआईसी में अपनी 10 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकती है. ऐसा होता तो आईपीओ का साइज 1 लाख करोड़ रुपये के भी पार निकल सकता था. इस भारी-भरकम साइज से आशंकाएं उठने लगी थीं कि कहीं बाजार इसे सही से डाइजेस्ट न कर पाए. इस कारण सरकार अभी 5 फीसदी हिस्सेदारी ही बेचने जा रही है. सरकार इस आईपीओ से 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का प्रयास कर रही है. साइज कम करने के बाद भी यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




