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Kadaknath Murgi Palan: शुरू करें मुर्गी पालन का बिजनेस, छोटे से स्थान में होगी लाखों की आमदनी

Sandeep Tiwari
24 Nov 2021 12:32 PM GMT
Kadaknath Murgi Palan: शुरू करें मुर्गी पालन का बिजनेस, छोटे से स्थान में होगी लाखों की आमदनी
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Kadaknath Murga

Kadaknath Murgi Palan: मुर्गी पालन का कारोबार कहने में बहुत छोटा लगता है।

Kadaknath Murgi Palan: मुर्गी पालन का कारोबार कहने में बहुत छोटा लगता है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इसे शुरू करने के बाद इससे लाखों की आमदनी होती है। मुर्गी पालन का कारोबार में जहां मुर्गी के अंडे तथा उसका मांश बेंचकर अच्छी खासी आमदनी ली जा सकती है। वहीं मुर्गी पालन में और आमदनी के रास्ते खुलते हैं। पोल्टी फार्म से निकलने वाला कचरा भी महंगे दामों में बिकता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि मुर्गी पालन का कारोबार हर तरह से फायदे का धंधा है।

छोटे स्तर पर करें शुरूआत

मुर्गी पालन का कारोबार छोटे स्तर पर शुरू किया जा सकता है। इसके लिए करीब 1500 वर्ग फिट जगह की आवाश्यकता होती है। अगर यह कार्य गांवों में शुरू किया जाय तो और भी आसानी होती है। सबसे बडी बात है कि गांवों में जगह की कमी नही होती है तो वही खुला वातावरण मुर्गी पालन में सहायक है।

इतना करना पड़ेगा खर्च

मुर्गी पालन का कारोबार अगर 1500 मुर्गियों से शुरू करना है तो करीब 5 से 10 लाख रूपये का खर्च आयेगा। जिसमें सेड आदि का खर्च जुडा हुआ होगा। वहीं मुर्गी के खाने पीने तथा देखभाल में करीब 3 से 4 लाख रुपये का खर्च आता है।

इतनी होगी कमाई

इसमें 50 हजार से करीब 1 लाख रूपये तक की आमदनी ली जा सकती है। प्रतिदिन के हिसाब से 3 हजार रूपये कमाए जा सकते हैं। बताया गया है कि 1500 मुर्गी से वर्ष भर में करीब 435000 अंडे प्राप्त होते हैं। बाजर में अगर थोक में 5 से 6 रूपये में प्रति अंडे बेचे जायें तो अच्छी कमाई होती है।

वहीं मुर्गी के मांस की बाजर में मांग सदैव बनी रहती है। हर वर्ष इससे भी काफी पैसा कमाया जा सकता है। मुर्गी फार्म से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे को एकत्र कर बाजर में बेच देने पर काफी आमदनी होती है। इस कचरे की खाद काफी उपजाउ होती है। जिसे खेतो में डालने पर अच्छी पैदावार होती है। वहीं बडे़ पेड़ों में डालने पर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है।

सावधानी से करें देखरेख

मुर्गियों की देखरेख बड़ी ही सावधानी से करनी चाहिए। कहा जाता है कि मुर्गियों में संक्रमण ज्यादा होता है। ऐसे में समय-समय पर इनका वैक्सिनेशन करवाते रहना चाहिए।

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