
जनवरी में रिटेल महंगाई 2.75% पर पहुंची, नया CPI बेस ईयर 2024 लागू

- जनवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 2.75% हुई
- दिसंबर में महंगाई 1.33% थी
- CPI का बेस ईयर 2012 से बदलकर 2024 किया गया
- ई-कॉमर्स, एयरफेयर और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन इंडेक्स में शामिल
Retail Inflation India के ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है, जो दिसंबर के 1.33% के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह पिछले आठ महीनों का उच्च स्तर है। सरकार ने 12 फरवरी को जारी आंकड़ों में बताया कि मई 2025 में महंगाई 2.82% तक पहुंची थी। इस बढ़ोतरी के साथ CPI Data January निवेशकों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है।
📊 CPI Base Year 2024 लागू
✈️ Airfare और E-commerce शामिल
🍚 Food Weightage घटाकर 36.8%
📈 जनवरी में महंगाई 2.75%
CPI का नया बेस ईयर 2024 क्या है?
सरकार ने CPI Base Year को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। यह बदलाव एक दशक से अधिक समय बाद हुआ है। बेस ईयर वह वर्ष होता है जिसकी औसत कीमतों को 100 मानकर आगे के वर्षों की तुलना की जाती है। इससे पता चलता है कि वास्तविक Inflation Rate कितनी बढ़ी या घटी है। अर्थशास्त्रियों के सर्वे में अनुमान था कि जनवरी की महंगाई करीब 2.77% रह सकती है।
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Retail Inflation January Update (2.75%) – CPI Base Year 2024 Explained. For detailed global analysis and English version of this report, click below:
इंडेक्स में क्या जोड़ा और क्या हटाया गया?
नए CPI Index 2026 में अब पुराने हो चुके रेडियो, वीसीआर और तांगा-गाड़ी के किराए को हटा दिया गया है। उनकी जगह अब Airfare Prices, ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन, ई-कॉमर्स शॉपिंग, ग्रामीण हाउसिंग रेंट और बिजली की कीमतों को शामिल किया गया है। यह बदलाव उपभोक्ताओं के बदलते खर्च पैटर्न को दर्शाता है।
खाने-पीने की चीजों का वेटेज क्यों घटाया?
पुराने इंडेक्स में Food Inflation का वेटेज करीब 50% था, जिसे अब घटाकर 36.8% कर दिया गया है। सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, भारतीयों की आय बढ़ने के साथ खर्च का पैटर्न बदला है। अब लोग भोजन के मुकाबले हाउसिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
बेस ईयर कैसे काम करता है?
मान लीजिए बेस ईयर में किसी वस्तु की कीमत ₹50 है और अगले साल वही वस्तु ₹80 की हो जाती है। तो महंगाई = (80 - 50) / 50 × 100 = 60% होगी। यही सिद्धांत पूरे बाजार की वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होता है। CPI Calculation Formula इसी आधार पर तैयार किया जाता है।
अक्टूबर में क्यों थी महंगाई रिकॉर्ड निचले स्तर पर?
अक्टूबर में रिटेल महंगाई 0.25% तक गिर गई थी, जो 2012 सीरीज का लगभग 14 वर्षों का निचला स्तर था। इसका प्रमुख कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी था। इससे आम लोगों को राहत मिली थी।
महंगाई कैसे बढ़ती या घटती है?
महंगाई का सीधा संबंध Demand and Supply से है। जब बाजार में मांग ज्यादा और सप्लाई कम होती है, तो कीमतें बढ़ती हैं। वहीं सप्लाई ज्यादा और मांग कम होने पर कीमतें घटती हैं। इसके अलावा वैश्विक बाजार, ईंधन कीमतें और मौद्रिक नीति भी Inflation Trends को प्रभावित करती हैं।
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FAQ 1: जनवरी में रिटेल महंगाई कितनी रही?
जनवरी में रिटेल महंगाई 2.75% रही।
FAQ 2: CPI का नया बेस ईयर क्या है?
अब CPI का बेस ईयर 2024 कर दिया गया है।
FAQ 3: फूड वेटेज कितना घटा?
लगभग 50% से घटाकर 36.8% कर दिया गया है।
FAQ 4: इंडेक्स में क्या नया शामिल हुआ?
Airfare, E-commerce, Online Subscription और बिजली कीमतें शामिल की गई हैं।
FAQ 5: महंगाई कैसे मापी जाती है?
CPI इंडेक्स के जरिए, जिसमें बेस ईयर की कीमतों से तुलना की जाती है।
Rewa Riyasat News
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