
Income Tax Rules 2026: सोना और प्रॉपर्टी रखने वाले सावधान नया Rule 57 लागू, जानें New FMV Rules

Income Tax Rules 2026: सोना और प्रॉपर्टी रखने वाले सावधान
विषय सूची (Table of Contents)
- इनकम टैक्स रूल्स 2026: 1962 के पुराने नियमों की विदाई
- नया रूल 57 (Rule 57): फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) का सरल गणित
- सोना और ज्वेलरी: अब घर में रखे गोल्ड पर भी होगी पैनी नज़र
- प्रॉपर्टी और आर्टवर्क: स्टांप ड्यूटी और वैल्यूअर रिपोर्ट का नया खेल
- स्मार्ट आईटीआर फॉर्म्स (Smart ITR Forms): फाइलिंग होगी अब और भी आसान
- होल्डिंग पीरियड और कैपिटल गेन टैक्स: 12.5% का नया नियम
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs -)
इनकम टैक्स रूल्स 2026: 1962 के पुराने नियमों की विदाई
भारत सरकार के आयकर विभाग ने टैक्स व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से देश में 'इनकम टैक्स एक्ट, 2025' लागू होने जा रहा है, जो 64 साल पुराने 1962 के नियमों की जगह लेगा। इस बदलाव का मुख्य आधार 'इनकम टैक्स रूल्स 2026' का वह ड्राफ्ट है जिसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया है। विभाग का कहना है कि पुरानी redundant धाराओं को हटाकर कर कानूनों को सरल बनाया गया है ताकि सामान्य नागरिक भी इसे समझ सकें। इस नए ढांचे में पारदर्शिता बढ़ाने और कर विवादों को कम करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। 22 फरवरी 2026 तक जनता से मांगे गए सुझाव यह तय करेंगे कि अंतिम नियम क्या होंगे।
नया रूल 57 (Rule 57): फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) का सरल गणित
नए ड्राफ्ट की सबसे बड़ी चर्चा 'रूल 57' को लेकर है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम पुराने नियम 11UA, 11UAA और 11UAB को एकीकृत करके बनाया गया है। रूल 57 मुख्य रूप से संपत्तियों के मूल्यांकन (Valuation) की पद्धति को निर्धारित करता है। चाहे वह सोना हो, पेंटिंग हो या कोई अचल संपत्ति, उसकी 'फेयर मार्केट वैल्यू' (FMV) अब मनमाने ढंग से तय नहीं होगी। इसके लिए विभाग ने स्पष्ट मानक तय किए हैं। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो संपत्ति के सही मूल्य को लेकर आयकर अधिकारियों के साथ विवाद में उलझ जाते थे। अब एक सेंट्रलाइज्ड मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी जिससे पूरे देश में एक जैसे मानक लागू होंगे।
सोना और ज्वेलरी: अब घर में रखे गोल्ड पर भी होगी पैनी नज़र
भारतीय परिवारों के लिए सोना केवल निवेश नहीं बल्कि एक भावनात्मक संपत्ति भी है। नए नियमों के अनुसार, अब ज्वेलरी की वैल्यूएशन उसकी बिक्री की तारीख पर ओपन मार्केट में उपलब्ध मूल्य के आधार पर होगी। यदि आपने किसी रजिस्टर्ड डीलर से सोना खरीदा है, तो उसका बिल मान्य होगा। लेकिन यदि ज्वेलरी की कीमत 50,000 रुपये से अधिक है और आपके पास पुख्ता बिल नहीं है, तो आपको एक रजिस्टर्ड वैल्यूअर से रिपोर्ट लेनी अनिवार्य होगी। सरकार ने बिना बिल वाले सोने के लिए भी सीमा स्पष्ट कर दी है: विवाहित महिलाओं के लिए 500 ग्राम, अविवाहित महिलाओं के लिए 250 ग्राम और पुरुषों के लिए 100 ग्राम। इससे अधिक सोना होने पर आपको स्रोत और वर्तमान बाजार मूल्य का प्रमाण देना होगा।
प्रॉपर्टी और आर्टवर्क: स्टांप ड्यूटी और वैल्यूअर रिपोर्ट का नया खेल
अचल संपत्ति यानी जमीन या मकान की वैल्यूएशन अब मुख्य रूप से 'स्टांप ड्यूटी वैल्यू' पर आधारित होगी। रूल 57 के तहत, यदि किसी संपत्ति की बाजार कीमत स्टांप ड्यूटी वैल्यू से काफी अलग है, तो उसकी जांच की जाएगी। यह रीयल एस्टेट में काले धन के उपयोग को रोकने की एक बड़ी कोशिश है। इसी तरह, महंगी पेंटिंग्स, मूर्तियां और अन्य आर्टवर्क्स को भी अब टैक्स के दायरे में कड़ाई से लाया गया है। 50,000 रुपये से ऊपर की किसी भी कलाकृति के लिए मान्यता प्राप्त वैल्यूअर से मूल्यांकन कराना होगा। यह नियम न केवल खरीदारी पर बल्कि उपहार या विरासत में मिली कलाकृतियों पर भी लागू होगा।
स्मार्ट आईटीआर फॉर्म्स (Smart ITR Forms): फाइलिंग होगी अब और भी आसान
टैक्सपेयर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए विभाग 'स्मार्ट फॉर्म्स' पेश कर रहा है। ये फॉर्म्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होंगे जो आपके बैंक स्टेटमेंट, शेयर ट्रांजेक्शन और वेतन की जानकारी को पहले से ही फॉर्म में भर देंगे (Pre-filled Data)। इसमें ऑटोमेटेड रिकांसिलेशन की सुविधा होगी, जिससे गणना में होने वाली गलतियां 50 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी। विभाग का दावा है कि ये फॉर्म्स मोबाइल ऐप पर भी आसानी से खुलेंगे और इनकी भाषा बहुत सरल होगी। अब आपको भारी-भरकम टेबल्स भरने की जरूरत नहीं होगी, जिससे टैक्स फाइलिंग का समय और सीए पर निर्भरता दोनों कम होगी।
होल्डिंग पीरियड और कैपिटल गेन टैक्स: 12.5% का नया नियम
कैपिटल गेन टैक्स की गणना को लेकर भी बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं। नए रूल 6 के तहत, संपत्तियों के 'होल्डिंग पीरियड' यानी आपके पास संपत्ति रहने की अवधि की गणना सरल कर दी गई है। शेयरों में बदले गए बॉन्ड्स के मामले में पुराना समय भी जोड़ा जाएगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर अब बिना इंडेक्सेशन लाभ के 12.5 प्रतिशत का फ्लैट टैक्स रेट लागू होगा। हालांकि, अचल संपत्ति की बिक्री से होने वाले लाभ पर स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लगेगा। विरासत में मिले सोने के मामले में, इसकी गणना उस तिथि से होगी जब वह मूल रूप से खरीदा गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




