
कागज की बोतल बनाने का बिज़नेस कैसे करना है कोई समीक्षा गनेड़ीवाल से सीखे

Paper Botel Business: भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक में बैन लग गया है. आने वाले दिनों में सभवतः प्लास्टिक की पानी और कोल्डड्रिंक वाली बोतल बनना भी बंद हो सकती हैं. ऐसे में प्लास्टिक का सबसे अच्छा विकल्प और क्या हो सकता है? इसका उत्तर है कागज, जो पर्यावरण को प्लास्टिक की तुलना में नुकसान नहीं पहुंचाता है. अगर आप कागज के बोतल बनाने के बिज़नेस को शुरू करने की सोच रहे हैं तो इस बिज़नेस की मास्टर समीक्षा गनेड़ीवाल से कुछ ज्ञान जरूर ले लेना चाहिए
कागज की बोतल बनाने का बिज़नेस
भारत में हर साल 3.3 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट निकलता है. जो हमारे-आपके और इस पृथ्वी में रहने वाले हर जीवित प्राणी के लिए खतरा है. इस समस्या से निपटने के लिए कई देश एकसाथ मिलकर काम कर रहे हैं. और इसके लिए छोटी मदद के रूप में दुनिया से प्लास्टिक कम करने का बीड़ा नोएडा की रहने वाली एंटरप्रिन्योर समीक्षा गनेड़ीवाल ने भी उठाया है
समीक्षा गनेड़ीवाल नाम की महिला ने कागज़ की बोतल बनाई है जो 100 प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल है. समीक्षा का कहना है कि 'Kagzi Bottles' दुनिया की पहली ऐसी बोतल है जो पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल है.
We have created India's 1st paper bottle which is compostable. Please connect to collaborate@DettolIndia @RNTata2000
— Kagzi Bottles (@KagziB) January 3, 2021
@BillerudKorsnas @CocaCola_Ind
@Loreal
कागजी बोतल नाम से शुरू की कम्पनी
The Better India को दिए इंटरव्यू में Kagzi Bottles की फाउंडर समीक्षा ने बताया कि- कॉलेज के दिनों में वे प्लास्टिक बैग्स को रिप्लेस करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी. समीक्षा ख़ुद अपनी लाइफ़ से प्लास्टिक को कम करने की कोशिश कर रही थी लेकिन उन्हें कोई दूसरा ऑप्शन नहीं मिल रहा था. उन्होंने इसी दौरान प्लास्टिक का अलटरनेट ढूंढने पर काम करना शुरू किया
समीक्षा ने Vision Jyothi Institute of Management से MBA किया. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद, नोएडा के कई MNCs में काम किया. 2016 में समीक्षा ने पैकेजिंग सॉल्यूशन्स की अपनी कंपनी खड़ी की और प्लास्टिक बोतल का विकल्प ढूंढना शुरू किया.
इसके बाद उन्होंने अपने अपने को सच में बदलने के लिए उन्होंने कई वैज्ञानिकों, प्रोडक्ट डिज़ाइनर्स से मदद ली.
समीक्षा कहती हैं कि लोगों की ट्रांसपेरेंट बोतल की आदत है. शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौति थी सही मशीनरी ढूंढना. मार्केट जाओ और मशीन ख़रीद लो, इस परिस्थिति में ऐसा कुछ संभव नहीं था. हमें मशीन बनानी पड़ी. प्रोजेक्ट में मदद करने वाले सही लोग ढूंढने पड़े. लोगों के बीच Kagazi Bottles को पॉपुलर बनाना भी कड़ी चुनौती थी. समीक्षा ने पहले अपने परिवारवालों, दोस्तों-रिश्तेदारों को भूरे रंग की बोतलें दिखाई. लोगों को ट्रांपेरेंट बोतल देखने की आदत पड़ चुकी थी
कैसे बनती है कागजी बोतल
कागज़ की इन बोतलों को बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश की एक कंपनी कागज़ सप्लाई करती है. प्लास्टिक फ़्री बोतलों को बनाने में 2 दिन लगते हैं और इनमें लिक्विड, पाउडर कुछ भी स्टोर किया जा सकता है. समीक्षा की कंपनी हर महीने 22 लाख बोतल बनाती है और एक बोतल की क़ीमत 19 रुपये से 22 रुपये तक है.




