
स्ट्रीट वेंडर्स को माइक्रो क्रेडिट फैसिलिटी देने पर जोर देगी सरकार

स्ट्रीट वेंडर्स जैसे छोटे कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है। यूनियन आईटी एंड टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार वर्ष 2023 में डिजिटल टेक्नोलॉजियों की मदद से माइक्रो लोन फैसिलिटी देने पर जोर देगी। रेहड़ी-पटरी वाले जैसे छोटे कारोबारियों के लिए यह लोन 3 हजार से 5 हजार रुपए का होगा।
इलेक्ट्रॉनिक चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की होगी स्थापना
यूनियन आईटी एंड टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल इंडिया अवॉर्ड्स सेरेमनी में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर नागरिक को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए देश के सभी हिस्सों तक 4जी और 5जी टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज पहुंचाने के लिए लगभग 52 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार देश में बहुत जल्द एक इलेक्ट्रानिक चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी। 2023 में स्ट्रीट वेंडर्स को 3 हजार से 5 हजार रुपए तक के छोटे लोन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे उनकी जरूरतें पूरी हो सकें। सरल तरीके से माइक्रो क्रेडिट फैसिलिटी मुहैया कराने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
जून 2020 में प्रारंभ हुई थी योजना
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना का मकसद महामारी के चलते स्ट्रीट वेंडर्स को हुए नुकसान की भरपाई करना था। जिससे वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। सूत्रों की मानें तो सरकार का दिसंबर 2024 तक 42 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को इस योजना के तहत बेनिफिट देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना को माइक्रो क्रेडिट फैसिलिटी के रूप में जून 2020 में प्रारंभ किया गया था। महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वालों पर अच्छा खासा असर पड़ा था। जिससे जहां उनका रोजगार प्रभावित हुआ तो वह आर्थिक रूप से भी कमजोर हो गए। इस दौरान उनके जीविकोपार्जन तक के लिए आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया। इस योजना से उन्हें जहां दोबारा रोजगार संचालित करने में मदद मिली तो वहीं वह आर्थिक रूप से भी सशक्त हुए।




