
सोना ₹1.75 लाख तक पहुंचा, चांदी ₹3.80 लाख के करीब: भारत के सर्राफा बाजार में तेजी

- सोना ₹1.75 लाख पर बंद, लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड स्तर
- चांदी ₹3.79 लाख/kg पहुंची, 4 दिन में ₹62,000 की छलांग
- 29 दिन में भारी उछाल: सोना +₹42,145, चांदी +₹1,49,568
- ग्लोबल टेंशन, कमजोर रुपया और सेंट्रल बैंक खरीद बने मुख्य कारण
भारत के bullion market में इतिहास बन रहा है। 29 जनवरी को 24 कैरेट gold price today ₹1,76,121 पर ओपन हुआ और दिन के अंत में ₹1,75,340 पर बंद हुआ। यह लगातार चौथा दिन है जब सोना अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचा है। वहीं silver price today ने भी नया रिकॉर्ड बनाया—एक किलो चांदी ₹3,79,988 पर पहुंच गई। यह सिर्फ कीमतों की खबर नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, निवेश व्यवहार और आम परिवारों की योजनाओं को प्रभावित करने वाली बड़ी कहानी है।
क्या हो रहा है भारत के बुलियन मार्केट में?
IBJA के अनुसार, चार कारोबारी दिनों में ही gold rate india ₹21,030 बढ़ चुका है। 23 जनवरी को जहां सोना ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह ₹1.75 लाख के करीब पहुंच चुका है। चांदी ने इससे भी तेज रफ्तार दिखाई है—चार दिनों में ₹62,283 की उछाल। यह तेजी सामान्य बाजार मूवमेंट नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू आर्थिक दबावों का नतीजा है।
कौन सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है?
इस उछाल का असर सबसे ज्यादा jewellery buyers और मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ रहा है। शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए बजट अचानक बढ़ गया है। वहीं निवेशकों के लिए यह संकेत है कि safe haven asset के तौर पर सोना-चांदी की अहमियत और बढ़ गई है। छोटे सर्राफा कारोबारी भी असमंजस में हैं—मांग है, लेकिन खरीदने की हिम्मत कम होती जा रही है।
यह तेजी कब और कैसे शुरू हुई?
इस साल की शुरुआत से ही precious metals में तेजी दिख रही थी, लेकिन जनवरी के आखिरी हफ्ते में बाजार ने रफ्तार पकड़ ली। 31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1,33,195 था, जो अब ₹1,75,340 पर पहुंच चुका है। चांदी भी ₹2,30,420 से बढ़कर ₹3,79,988 हो गई है। महज 29 दिनों में यह उछाल भारत के लिए अभूतपूर्व है।
आज का सोना: कैरेट के हिसाब से भाव
29 जनवरी को gold price today ने हर कैरेट में नया स्तर बनाया है। 24 कैरेट सोना ₹1,75,340 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि 22 कैरेट ₹1,60,611 तक पहुंच गया। 18 और 14 कैरेट गोल्ड, जो आमतौर पर मिडिल क्लास परिवारों की पहली पसंद होते हैं, अब पहले से कहीं ज्यादा महंगे हो चुके हैं। यही वजह है कि jewellery buyers वजन घटाकर या डिजाइन बदलकर खरीदारी करने को मजबूर हो रहे हैं।
| Carat | Price (₹ / 10g) |
|---|---|
| 14 Carat | ₹1,02,574 |
| 18 Carat | ₹1,31,505 |
| 22 Carat | ₹1,60,611 |
| 24 Carat | ₹1,75,340 |
प्रमुख शहरों में सोने के दाम
देश के बड़े शहरों में gold rate india लगभग एक जैसी ऊंचाई पर है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1.83 लाख के पार चला गया है, जबकि दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में यह ₹1.79 लाख के आसपास है। भोपाल, पटना और अहमदाबाद जैसे शहर भी अब मेट्रो सिटीज के बराबर रेट पर पहुंच चुके हैं। यह दिखाता है कि bullion market कितना एकीकृत हो चुका है।
Gold Price Hike
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
भारत के bullion market में लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड बन रहा है। 29 जनवरी को gold price today ₹1,75,340 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि silver price today ₹3,79,988 प्रति किलो पहुंच गई।
4 दिन में उछाल
सोना +₹21,030, चांदी +₹62,283
29 दिनों का ट्रेंड
सोना +₹42,145, चांदी +₹1,49,568
रिकॉर्ड स्तर
सोना ₹1.75 लाख, चांदी ₹3.79 लाख
मुख्य कारण
ग्लोबल टेंशन, कमजोर रुपया, सेंट्रल बैंक खरीद
सोने के भाव (29 जनवरी, 2026)
| कैरेट | भाव (₹/10g) |
|---|---|
| 14 कैरेट | ₹1,02,574 |
| 18 कैरेट | ₹1,31,505 |
| 22 कैरेट | ₹1,60,611 |
| 24 कैरेट | ₹1,75,340 |
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना
| शहर | कीमत (₹/10g) |
|---|---|
| चेन्नई | ₹1,83,280 |
| दिल्ली | ₹1,79,000 |
| लखनऊ | ₹1,79,000 |
| भोपाल | ₹1,78,900 |
| पटना | ₹1,78,900 |
| मुंबई | ₹1,78,850 |
नोट: IBJA रेट्स में GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते। इन्हीं रेट्स का उपयोग RBI Sovereign Gold Bond और कई बैंक गोल्ड लोन के लिए करते हैं।
अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों होते हैं?
IBJA द्वारा जारी किए गए gold prices में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए अलग-अलग शहरों में रेट बदल जाते हैं। इन्हीं IBJA रेट्स का इस्तेमाल RBI sovereign gold bond के दाम तय करने के लिए करता है और कई बैंक गोल्ड लोन के मूल्यांकन में इन्हें आधार बनाते हैं।
29 दिनों में कितनी महंगाई बढ़ी?
जनवरी के सिर्फ 29 दिनों में gold price india ₹42,145 बढ़ चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना ₹1,33,195 था, जो अब ₹1,75,340 पर पहुंच गया है। वहीं silver price today में ₹1,49,568 की बढ़ोतरी हुई है—₹2,30,420 से सीधे ₹3,79,988 प्रति किलो तक। यह आंकड़े दिखाते हैं कि यह तेजी सामान्य नहीं, बल्कि ऐतिहासिक है।
सोने की कीमत में ऐतिहासिक उछाल: 2026 में ₹1.6 लाख के पार
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने ने आज अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में एक ऐसी सुनामी आई है जिसने निवेशकों और आम जनता को हैरान कर दिया है। पिछले दो दशकों में सोने ने जिस रफ्तार से अपनी चमक बिखेरी है, वह निवेश के नजरिए से बेमिसाल है।
2007-2026: सोने का ऐतिहासिक सफर
| साल | कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|
| 2007 | ₹10,000 |
| 2011 | ₹20,000 |
| 2012 | ₹30,000 |
| 2020 | ₹40,000 |
| 2022 | ₹50,000 |
| 2023 | ₹60,000 |
| 2024 | ₹70,000 |
| 2025 | ₹80,000 |
| 2026 (वर्तमान) | ₹1,63,800* |
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण:
- वैश्विक अनिश्चितता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को सबसे सुरक्षित निवेश बना दिया है।
- डॉलर में गिरावट: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण भारतीय बाजार में सोने की डिमांड बढ़ी है।
- शादियों का सीजन: भारत में शादियों के सीजन के कारण स्थानीय मांग में भारी बढ़ोत्तरी हुई है।
*कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव और ज्वेलरी मेकिंग चार्ज के अनुसार अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकती हैं।
सोने में तेजी के 3 बड़े कारण
1. ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्रीनलैंड को लेकर रुख और यूरोप पर टैरिफ धमकी से वैश्विक बाजार अस्थिर हैं। जब भी trade war का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने की ओर भागते हैं।
2. रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया ₹91.10 के आसपास ऑल-टाइम लो पर है। चूंकि भारत सोना आयात करता है, कमजोर रुपया सीधे gold rate india को महंगा बना देता है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, इसी वजह से घरेलू कीमतें ₹1.5 लाख के पार चली गईं।
3. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद: RBI सहित दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अपने फॉरेक्स रिजर्व को सुरक्षित रखने के लिए सोना जमा कर रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2025 के रिकॉर्ड के बाद 2026 की शुरुआत में भी मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा है।
चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
1. इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में silver demand तेजी से बढ़ी है। अब चांदी सिर्फ ज्वेलरी मेटल नहीं, बल्कि जरूरी कच्चा माल बन चुकी है।
2. ट्रम्प का टैरिफ डर: अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ से बचने के लिए भारी मात्रा में चांदी स्टॉक कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई घट रही है और कीमतें ऊपर जा रही हैं।
3. मैन्युफैक्चरर्स की होड़: प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद कर रहे हैं। यही वजह है कि आने वाले महीनों में भी silver price india में तेजी बनी रह सकती है।
क्या सोना ₹1.90 लाख तक जा सकता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि gold price forecast अभी और ऊंचा जा सकता है। रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, अगर अमेरिकी टैरिफ और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो 2026 में सोना ₹1,90,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं silver price outlook भी बेहद मजबूत है—चांदी ₹4 लाख प्रति किलो का स्तर छू सकती है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा तेजी सिर्फ एक अस्थायी उछाल नहीं, बल्कि एक लंबे ट्रेंड की शुरुआत हो सकती है।
अभी खरीदें या इंतजार करें?
MP, UP, Bihar, Delhi और Mumbai के निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है—अभी खरीदें या रुकें? एक्सपर्ट्स का कहना है कि long-term investment के लिहाज से सोना-चांदी अभी भी सुरक्षित विकल्प हैं। हालांकि ज्वेलरी खरीदने वालों को सलाह दी जा रही है कि वे वजन और डिजाइन में संतुलन रखें। निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या sovereign gold bond जैसे विकल्प ज्यादा समझदारी भरे हो सकते हैं।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) शुद्धता की गारंटी देता है और रीसेल वैल्यू बढ़ाता है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: खरीदारी के दिन gold rate india को कम से कम दो भरोसेमंद सोर्स से जांचें। बिल में कैरेट, वजन और मेकिंग चार्ज साफ तौर पर लिखा होना चाहिए।
असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके
मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक हो सकती है।
आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखें। असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी।
स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। नकली में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।
क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली होने की संभावना ज्यादा है।
FAQs: सोना-चांदी की कीमतों में उछाल
भारत में सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर क्यों हैं?
Gold and silver prices बढ़ने के पीछे ग्लोबल टेंशन, कमजोर रुपया और सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद मुख्य कारण हैं।
क्या शादी सीजन से पहले कीमतें गिरेंगी?
Bullion market एक्सपर्ट्स के अनुसार बड़ी गिरावट की संभावना कम है। हल्का करेक्शन हो सकता है, लेकिन ट्रेंड ऊपर का ही है।
क्या अभी चांदी में निवेश करना सही है?
Silver investment में इंडस्ट्रियल डिमांड का बड़ा सपोर्ट है। रिस्क ज्यादा है, लेकिन रिटर्न की संभावना भी अधिक मानी जा रही है।
छोटे निवेशक सुरक्षित तरीके से कैसे निवेश करें?
छोटे निवेशक digital gold, गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए बिना स्टोरेज रिस्क के निवेश कर सकते हैं।
किन शहरों में असर सबसे ज्यादा दिख रहा है?
MP, UP, Bihar, Delhi और Mumbai जैसे बड़े बाजारों में कीमतों का असर सबसे ज्यादा है, खासकर शादी सीजन वाले इलाकों में।
Rewa Riyasat News
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