
Gold Hallmarking Rules 2026: पुराने गहने अब रद्दी नहीं जानें बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, जानें कैसे ₹45 में कराएं Hallmarking

Gold Hallmarking Rules पुराने गहने अब रद्दी नहीं! जानें New HUID नियम
विषय सूची (Table of Contents)
- गोल्ड हॉलमार्किंग 2026: क्या आपके पुराने गहने बेकार हो जाएंगे?
- HUID कोड का जादू: अब मिलावटी सोने का खेल खत्म
- पुराने गहनों पर सरकारी गाइडलाइन: सिर्फ ₹45 में कराएं हॉलमार्क
- चांदी की हॉलमार्किंग (Silver Hallmarking): 1 सितंबर से लागू हुए नए ग्रेड
- BIS Care App: घर बैठे ऐसे जांचें अपने सोने की असली शुद्धता
- किसे मिली है छूट? छोटे गहनों और निर्यात पर हॉलमार्किंग के नियम
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
गोल्ड हॉलमार्किंग 2026: क्या आपके पुराने गहने बेकार हो जाएंगे?
देशभर में सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य होने के बाद करोड़ों भारतीय परिवारों के मन में एक ही सवाल है—क्या अलमारी में रखे दादी-नानी के पुराने गहने अब रद्दी बन जाएंगे? केंद्र सरकार और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस पर स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार का कहना है कि हॉलमार्किंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी देना है, न कि उनकी पुरानी बचत को नुकसान पहुंचाना। 2026 में हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ाकर 361 जिलों तक कर दिया गया है। अब बिना हॉलमार्क के सोना बेचना ज्वेलर्स के लिए गैर-कानूनी है, लेकिन आम जनता के पास रखे पुराने गहने तब तक वैध हैं जब तक आप उन्हें बेचना या बदलना न चाहें।
HUID कोड का जादू: अब मिलावटी सोने का खेल खत्म
अब सोने के हर गहने पर एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है जिसे HUID (Hallmark Unique Identification) कोड कहा जाता है। यह 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है। HUID कोड के साथ अब तक 40 करोड़ से अधिक आभूषण प्रमाणित किए जा चुके हैं। यह कोड न केवल शुद्धता बताता है, बल्कि यह भी रिकॉर्ड रखता है कि गहना किस ज्वेलर ने बनाया और किस सेंटर पर उसकी जांच हुई। इससे बाजार में होने वाली धोखाधड़ी और मिलावट पर पूरी तरह लगाम लग गई है। अब ग्राहक को वही सोना मिलता है जिसके लिए उसने पैसे दिए हैं।
पुराने गहनों पर सरकारी गाइडलाइन: सिर्फ ₹45 में कराएं हॉलमार्क
यदि आपके पास पुराने गहने हैं जिन पर हॉलमार्क नहीं है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इन्हें वैध बनाने के लिए एक बहुत ही सरल प्रक्रिया दी है। आप किसी भी बीआईएस रजिस्टर्ड ज्वेलर के पास जाकर अपने पुराने गहनों पर हॉलमार्क लगवा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने प्रति आइटम मात्र 45 रुपये का शुल्क तय किया है। हॉलमार्किंग होने के बाद आपका पुराना सोना 'हॉलमार्क गोल्ड' बन जाएगा, जिससे उसे बेचते समय आपको बाजार की पूरी कीमत मिलेगी। ज्वेलर्स अब पुराने गहने खरीदने से मना नहीं कर सकते, बशर्ते वे उनकी शुद्धता की जांच कर लें।
चांदी की हॉलमार्किंग (Silver Hallmarking): 1 सितंबर से लागू हुए नए ग्रेड
सोने की सफलता के बाद, सरकार ने चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी है। 1 सितंबर 2025 से लागू इस नियम के तहत चांदी के छह मुख्य ग्रेड—800, 835, 900, 925 (स्टर्लिंग सिल्वर), 970 और 990 तय किए गए हैं। चांदी की खरीदारी में अक्सर ग्राहकों को शुद्धता का पता नहीं चलता था, लेकिन अब हॉलमार्क के निशान से यह पहचानना आसान हो गया है। बिना हॉलमार्क वाली चांदी बेचने वाले ज्वेलर्स पर भारी जुर्माना और जेल तक का प्रावधान किया गया है, जिससे अब चांदी का व्यापार भी पारदर्शी हो गया है।
BIS Care App: घर बैठे ऐसे जांचें अपने सोने की असली शुद्धता
सरकार ने उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए 'BIS Care App' लॉन्च किया है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है। इसके जरिए आप किसी भी गहने पर लिखे HUID कोड को स्कैन या दर्ज करके उसकी पूरी कुंडली निकाल सकते हैं। इसमें आपको पता चल जाएगा कि सोना 22 कैरेट का है या 18 कैरेट का, उसे किस तारीख को हॉलमार्क किया गया और ज्वेलर का नाम क्या है। यदि ऐप में दी गई जानकारी आपके बिल से मेल नहीं खाती, तो आप ऐप के माध्यम से ही तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
किसे मिली है छूट? छोटे गहनों और निर्यात पर हॉलमार्किंग के नियम
हॉलमार्किंग नियम हर जगह लागू नहीं होते। सरकार ने कुछ विशिष्ट श्रेणियों को इससे छूट दी है। उदाहरण के लिए, 2 ग्राम से कम वजन वाले छोटे आभूषणों पर हॉलमार्क अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, भारत से बाहर निर्यात (Export) किए जाने वाले गहनों, घड़ियों, फाउंटेन पेन और विशेष प्रकार के कुंदन या पोलकी गहनों को भी फिलहाल इस दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, उपभोक्ता सुरक्षा के लिए 9 कैरेट सोने को भी अब हॉलमार्किंग के दायरे में लाया गया है ताकि कम बजट वाले ग्राहकों को भी प्रमाणित आभूषण मिल सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. purane gahno par hallmark kaise lagwaye hindi me?
2. gold hallmarking ke naye niyam 2026 latest update?
3. bina hallmark wala sona kaise beche ki khabar?
4. huid code verify kaise kare bis care app se news in hindi?
5. chandi ki hallmarking kab se anivarya hai latest news?
6. 9 carat gold par hallmarking ke fayde hindi me?
7. up me gold hallmarking center kaha hai aaj ki khabar?
8. purane gold ko naye hallmark jewelry se exchange kaise kare?
9. hallmark jewelry kharidte samay kya dhyan rakhe latest update?
10. bis care app se sone ki shuddhata kaise check kare hindi me?
11. chandi ke gahno par hallmarking grade kya hai news in hindi?
12. 45 rupaye me gold hallmarking kaise hogi latest update today?
13. huid code me kya kya jankari hoti hai hindi me?
14. bina hallmark chandi bechne par kitna jurmana hai news?
15. gold hallmarking compulsory districts list 2026 latest update?
16. purane gahno ka mulyankan kaise kare latest news in hindi?
17. gold hallmarking rules for small jewelers news in english?
18. 1 september 2025 se chandi par kya badla hai live update?
19. hallmark aur huid me kya antar hai hindi me?
20. 2 gram se kam ke gahno par hallmarking ki chhoot news?
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




