
Credit Card Use Tips: अगर ऐसे कामों के लिए 'क्रेडिट कार्ड' का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाएं

Credit Card Use Tips: क्रेडिट कार्डों का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिनके पास क्रेडिट कार्ड होता तो है लेकिन वे इसके सही उपयोग के बारे में नहीं जान पाते हैं और कभी कभार परेशानियों में पड़ जाते हैं. क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल बड़ी ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए. यह आपको फाइनेंसियल सुविधा उपलब्ध कराता है, जिसे आपको बाद में भरना होता है. कभी कभार छोटी सी भूल भी आपको तगड़ा झटका दे सकती है. आज हम आपको क्रेडिट कार्ड से जुड़े उन कामों के बारे में बताने जा रहें हैं, जिन्हे बिलकुल नहीं करना चाहिए..
बैलेंस ट्रांसफर (Balance Transfer)
अक्सर देखा जाता है कि दो या दो से अधिक क्रेडिट कार्डों (Credit Cards) का इस्तेमाल करने वाले लोग बैलेंस ट्रांसफर कर क्रेडिट कार्ड का बिल भरते हैं. यानि एक कार्ड के बिल को भरने के लिये दूसरे कार्ड का सहारा लेते हैं. ऐसा करने से कुछ चार्जेस लगने के साथ आपका क्रेडिट कार्ड का बिल तो भर जाता है. लेकिन इससे आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) जरूर खराब हो सकता है.
क्रेडिट कार्ड से ATM Withdrawal
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ATM मशीन से कैश निकासी के लिए बिलकुल भी न करें. बैंकों या कंपनियों के क्रेडिट कार्ड कैश की लिमिट तो देते हैं लेकिन निकासी पर उसी वक़्त से ब्याज (Credit Card ATM Withdrawal Interest) लगना शुरू हो जाता है. जिनमें ब्याज दर 2.5% से 3.5% प्रति माह तक हो सकती है.
इंटरनेशनल ट्रांसक्शन
अगर आप विदेश यात्रा पर हैं तो आप क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल न करें. इंटरनेशनल ट्रांसक्शन के चलते आपको फॉरेन करंसी ट्रांजेक्शन फीस चुकानी होती है. वहीं एक्सचेंड रेट में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है. अगर आप विदेश में कैश नहीं इस्तेमाल करना चाहते हैं तो क्रेडिट कार्ड की जगह प्रीपेड कार्ड इस्तेमाल करें.
क्रेडिट लिमिट
बैंकों या कंपनियों द्वारा दिए गए क्रेडिट कार्ड की लिमिट (Credit Card Limit) या क्रेडिट लिमिट (Credit Limit) का आपको ख़ास तौर पर ध्यान रखना चाहिए. अगर आप दी हुई लिमिट से अधिक का ट्रांसक्शन कर देते हैं तो आपके कार्ड पर चार्ज लगना शुरू हो जाता है. क्रेडिट लिमिट का 30 फीसदी से अधिक इस्तेमाल करने का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर बुरा असर पड़ता है.
मिनिमम ड्यू ऑप्शन
क्रेडिट कार्ड के बिल में दो तरह के ड्यू अमाउंट होते हैं- टोटल अमाउंट ड्यू (Total Amount Due) और मिनिमम अमाउंट ड्यू (Minimum Amount Due). मिनिमम अमाउंट ड्यू में कम पैसे चुकाने होते हैं. अगर आप इस ऑप्शन का इस्तेमाल करते हैं तो ध्यान रहे कि आप पर भारी ब्याज लगता है. ब्याज पूरे पैसों पर लगता है. इसलिए भुगतान करते वक्त टोटल अमाउंट ड्यू का ही ऑप्शन चुनें.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




