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Aate Ka Totka: आटा गूथने के बाद महिलाएं उसमें क्यों बनाती हैं उंगलियों से निशान, वजह जान हिल जाएगा दिमाग!

Aate Ka Totka: आटा गूथने के बाद महिलाएं उसमें क्यों बनाती हैं उंगलियों से निशान, वजह जान हिल जाएगा दिमाग!
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Aate Ka Totka: हर घर में रोटी बनाने के लिए आटा गूथा जाता है। लेकिन आटा गूथने के बाद महिलाएं उसमें अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं।

Aate Ka Totka: हर घर में रोटी बनाने के लिए आटा गूथा जाता है। लेकिन आटा गूथने के बाद महिलाएं उसमें अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं। निशान बनाने के लिए गुथे आटे में उंगियों को दबा दिया जाता है जिससे निशान बन जाता है। आमतौर पर हम इसे साधारण सी प्रक्रिया मान लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है इसके पीछे एक विशेष मान्यता है। आज हम इसी मान्यता के बारे में बात करेंगे। आपको बताने का प्रयास करेंगे कि आटे में महिलाआें द्वारा उंगलियों के निशान बनाने के पीछे क्या कारण है।

क्या है मान्यता

हमारे सनातन धर्म में पितरों को देने के लिए आटे को गूथकर एक पिंड बनाया जाता है। पिंड का सम्बंध पितरों से जुड़ा हुआ है। परिजन उसे बडे़ ही श्रद्धाभाव से पिंडदान करते है। हमारे धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पितरों को पिंडदान करने से उनका शुभ आर्शीवाद मिलता है। उंगलियों का निशान गुथे आटे में बनाने के पीछे यही कारण है। कहा जाता है कि अगर यह निशान न बनाया जाय तो उसे अशुभ माना जाता है।

इसलिए बनाया जाता है निशान

मान्यता है कि अगर किसी भी पदार्थ को गुथकर जब पिंड बना दिया जाता है वह पितरों का हक कहलाता है। लेकिन रोटी या कुछ भी बनाने के लिए जब आटे को गूथकर उसे पिंड स्वरूप में बदल दिया जाता है और उसमें उंगलियों का निशान बना दिया जाता है तो वह पितरों के लिए बनने वाला पिंड स्वरूप नही रह जाता। ऐसे में हम पित्र दोश से मुक्त हो जाते हैं।

है मनोवैज्ञानिक कारण

गुथे आटे में उंगलियों का निशान बनाने का मनोवैज्ञानि कारण भी है। कहा जाता है कि हम किसी भी कार्य को करने के बाद उसमें अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। ऐसे में महिलाएं आटा गूथने के बाद उसमें अपनी उंगलियों के निशान बना देती है। चाहे वह बाद में बेलते समय समाप्त ही क्यों न हो जाय।

नोट-ः दी गई यह जानकारी प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। रीवा रियासत समाचार इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Sandeep Tiwari | रीवा रियासत

Sandeep Tiwari | रीवा रियासत

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