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1 अप्रैल से जेब पर भारी खर्च: ब्रेड, बिस्किट, जूते-चप्पल महंगे होंगे, 25% तक बढ़ेंगे दाम; ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर

Aaryan Puneet Dwivedi
31 March 2026 9:39 AM IST
1 अप्रैल से जेब पर भारी खर्च: ब्रेड, बिस्किट, जूते-चप्पल महंगे होंगे, 25% तक बढ़ेंगे दाम; ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर
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1 अप्रैल से ब्रेड, बिस्किट, जूते-चप्पल और सर्फ महंगे होंगे। कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई चेन संकट से 25% तक बढ़ोतरी संभव।

1 अप्रैल से महंगाई का असर: ब्रेड, बिस्किट और जूते-चप्पल होंगे महंगे

इंदौर. भारत में 1 अप्रैल से आम लोगों की जेब पर एक बड़ा असर देखने को मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें जैसे ब्रेड, बिस्किट, जूते-चप्पल, सर्फ और प्लास्टिक उत्पाद महंगे होने जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन में आई रुकावट है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में 20% से 25% तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम परिवार का मासिक खर्च बढ़ जाएगा।

कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, जानिए नए रेट

उद्योग संगठनों के अनुसार, कई उत्पादों के दाम सीधे बढ़ाए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, जो ब्रेड पैकेट अभी ₹30 में मिलता है, वह अब ₹35 तक पहुंच सकता है। बिस्किट के पैकेट पर 5 से 6 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी। जूते-चप्पल की कीमत ₹100 से बढ़कर ₹120 तक हो सकती है। इसी तरह 1 किलो सर्फ पर 15 से 20 रुपए तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।

कई कंपनियां अभी पुराने स्टॉक को बेच रही हैं, लेकिन अप्रैल से नए रेट लागू कर दिए जाएंगे। कुछ जगहों पर पहले ही कीमतें बढ़नी शुरू हो चुकी हैं।

1 अप्रैल से इन रॉ मैटेरियल्स के बढ़ेंगे दाम, देखें रेट्स (इंदौर बाजार)

रॉ मटेरियल पहले रेट नए रेट % बढ़ोतरी
प्लास्टिक दाना 80–90 रु. 170–180 रु. ~100%
अमोनिया क्लोराइड 18 रु. 45 रु. ~150%
कॉस्टिक सोडा 50 रु. 59 रु. ~18%
सोडा ऐश 24 रु. 30 रु. ~25%
एससीएल 0.90 रु. 3 रु. ~233%
मेथनॉल 35 रु. 50 रु. ~43%
एसिड स्लरी 90 रु. 300 रु. ~233%
डीबीपी 110 रु. 180 रु. ~64%
पीयू 150 रु. 200 रु. ~33%
फोमिंग एजेंट 260 रु. 310 रु. ~19%
आईपीए 100 रु. 160 रु. ~60%
एसीटोन 70 रु. 125 रु. ~79%
एओएस 35 रु. 72 रु. ~105%

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें: कच्चे तेल और सप्लाई चेन का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव, खासकर मध्य पूर्व क्षेत्र में हालात खराब होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चे तेल से बनने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगे हो गए हैं। यही उत्पाद प्लास्टिक, पैकेजिंग, डिटर्जेंट और फुटवियर इंडस्ट्री में इस्तेमाल होते हैं।

सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कच्चे माल की उपलब्धता भी कम हो गई है। पहले जहां कंपनियों को जरूरत के अनुसार सामग्री मिल जाती थी, अब उन्हें कम सप्लाई मिल रही है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है।

नोट: नीचे दिए गए ग्राफ में आप साफ देख सकते हैं कि किन रॉ मटेरियल के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।

1 अप्रैल से इन रॉ मैटेरियल्स के बढ़ेंगे दाम, देखें ग्राफ (इंदौर बाजार)

Plastic Ammonia Caustic Soda Ash SCL
Methanol Acid DBP PU Foam IPA Acetone Raw Material Price Increase (%) - Indore Market

उद्योगों पर बढ़ा दबाव, उत्पादन लागत में भारी इजाफा

मध्यप्रदेश के उद्योग संगठनों के अनुसार, एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने से फैक्ट्रियों की लागत और संचालन दोनों प्रभावित हुए हैं। कच्चे तेल से जुड़े केमिकल्स की कीमतों में 200% से 300% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे कंपनियों के लिए पुराने रेट पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो गया है।

इसी कारण कंपनियां अब कीमत बढ़ाने के साथ-साथ पैकेट का वजन भी कम कर रही हैं, ताकि उनका मुनाफा बना रहे।

ब्रेड और बिस्किट पर सीधा असर, पैकेट होगा छोटा

ब्रेड और बिस्किट जैसी चीजें हर घर में रोज इस्तेमाल होती हैं। इन पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। जानकारी के अनुसार, 400 ग्राम ब्रेड पर 5 से 6 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी, जबकि छोटे पैकेट 3 से 4 रुपए महंगे होंगे।

कई कंपनियां कीमत बढ़ाने के बजाय पैकेट का वजन कम कर रही हैं। जैसे 10 ग्राम की चॉकलेट को 7–8 ग्राम किया जा रहा है, लेकिन कीमत वही रखी जा रही है। इससे ग्राहकों को कम मात्रा में उत्पाद मिलेगा।

डिटर्जेंट और साबुन भी होंगे महंगे

डिटर्जेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल 'एसिड स्लरी' कच्चे तेल से बनता है। इसकी कीमत और उपलब्धता दोनों प्रभावित हुई हैं। पहले यह आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब इसकी सप्लाई कम हो गई है।

इसका सीधा असर सर्फ और साबुन की कीमतों पर पड़ा है। अनुमान है कि 1 किलो सर्फ 15 से 20 रुपए तक महंगा हो जाएगा। इससे घरेलू खर्च और बढ़ेगा।

फुटवियर इंडस्ट्री में 25% तक बढ़ोतरी

जूते-चप्पल बनाने में इस्तेमाल होने वाला आर्टिफिशियल लेदर पूरी तरह पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर निर्भर होता है। कच्चे माल की कीमत 50% तक बढ़ चुकी है। इससे तैयार उत्पादों की कीमत 20% से 25% तक बढ़ने की संभावना है।

उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पहले जो सामान ₹100 में मिलता था, वह अब ₹150 से ₹180 तक पहुंच सकता है।

सप्लाई चेन संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर

मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव के कारण सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे प्लास्टिक और पॉलिमर से जुड़े कच्चे माल जैसे PPH, PE और PVC की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

इन कच्चे माल की कीमतें हजारों रुपए प्रति टन तक बढ़ गई हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ी है। इसका असर अब घरेलू बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है।

आम लोगों पर क्या होगा असर

इस बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ेगा। रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों के महंगे होने से परिवार का बजट बिगड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए यह चिंता का विषय है।

अब लोगों को अपनी जरूरतों और खर्चों में संतुलन बनाना होगा। साथ ही कंपनियों द्वारा पैकेट का वजन कम करने की रणनीति से ग्राहकों को कम मात्रा में सामान मिलेगा, जो एक छिपी हुई महंगाई है।

आने वाले समय में क्या उम्मीद करें

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले महीनों में और भी चीजें महंगी हो सकती हैं। कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई चेन की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक तनाव कब कम होता है।

फिलहाल, 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई कीमतों के साथ लोगों को अपने खर्चों की योजना बनानी होगी और जरूरी चीजों को प्राथमिकता देनी होगी।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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