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Shamshera Movie Review In Hindi: कैसी है रणबीर की शमशेरा! फिल्म देखने से पहले रिव्यू पढ़ने में आपका फायदा है

शमशेरा मूवी रिव्यू: रणबीर कपूर की 4 साल बाद सिल्वर स्क्रीन में वापसी हुई, सांवरिया बॉय के फैंस का शमशेरा देखने के लिए तांता लग गया. रोमेंटिक आदमी की पहचान लेकर अबतक 13 फ़िल्में कर चुके रणबीर कपूर का नया खतरनाक अवतार शमशेरा फिल्म में देखने को मिलता है. बॉलीवुड में ऐसी फ़िल्में कम ही बनी हैं, जो आपको बोरियत से बचा ले जाती हैं. शमशेरा उन्ही फिल्मों में से एक है। कह लीजिये कि पीरिऑडिक ड्रामा फिल्म के हिसाब के हॉलीवुड जैसा कमाल तो नहीं हुआ है लेकिन इतना ज़रूर कह सकते हैं कि रणबीर कपूर और संजय दत्त ने धमाल कर दिया।
Shamshera Movie Review In Hindi: फिल्म की स्टार्टिंग बड़ी तगड़ी है, ब्रिटिश काल में जिस तरह का भारत हुआ करता था वो देखने पर हाथ के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. शुरू के एक मिनट में ही आप को ऐसा लगेगा कि मैं तो इंटरवेल के बाद भी पॉपकॉन खाने के लिए अपनी सीट से नहीं उठने वाला। धीरे-धीरे सभी केरेक्टर्स के इंड्रोडक्शन के बाद जब रणबीर कपूर की एंटी होती है सबतक सब मस्त रहता है. लेकिन जैसे ही वाणी कपूर का डांस और गाना बजने लगता है तो समझ में आ जाता है कि फिल्म को बॉलीवुड में ही बनी है जहां हीरोइन 80 आदमियों के सामने डांस ना करे मतलब मेकर्स का मन नहीं भरता। फिल्म में वाणी कपूर का रोल उतना ही है जितना बाहुबली फिल्म में भल्लवदेव से लड़ने वाले बैल का था.
बस एक बात ये समझ में नहीं आती है कि सन 19 वीं सदी में लुटेरों के कबीले में एक खूबसूरत महिला जो बढ़िया डांस करती है वो नए ज़माने के कपड़े किस शो रूम से खरीदती है. क्योंकि फिल्म में अंग्रेजों को को छोड़कर किसी के पास अच्छे पहनने के लिए कपड़े नहीं है. जो पीरिऑडिक फिल्म के हिसाब से सही भी है. कहने का मतलब है कि शमशेरा में वाणी के किरदार को छोड़कर सब कुछ परफेक्ट है.
शमशेरा फिल्म की कहानी
Story Of Shamshera: शमशेरा की कहानी ब्रिटिश राज, उस वक़्त के हिंदुस्तानी डकैत जो फिरंगियों को लूटते थे और उन लोगों पर आधारित है जिनका शोषण होता था. फिल्म के लीड मतलब रणबीर कपूर एक मस्त मौला आदमी होता है, जो गांव के बच्चों के साथ नाचता-जाता है, अपनी गर्लफ्रेंड के साथ टाइम स्पेंड करता है लेकिन कहीं से भी उसके अंदर खूंखार डकैतों वाली इंस्टिंक्ट नहीं होती है. बाद में उसे पता चलता है कि उसके पिता जिनका नाम शमशेरा था वो बड़े ईमानदार और खतरनाक टाइप के डकैत थे जिनका नाम सुनकर ही अंग्रेजों की पैंट गीली हो जाती थी. इसके बाद वो अल्हड़ लड़का भी अपने पिता के आदर्शों में चलने लगता है और अंग्रेजों के खिलाफ एलान-ए-जंग कर देता है.
फिल्म में संजय दत्त का रोल बड़ा अहम है, वही कैरेक्टर है जिसे देखकर लगता है कि 'अरे बाबा कमाल कर दिए' संजय दत्त अंग्रेजों के ज़माने का जेलर होता है जिसे अपने ही लोगों पर जुल्म करने में मजा अत है. लेकिन बाद में पता चलता है कि वो ब्रिटिशों के साथ इसी लिए है क्योंकि उसके पीछे एक मकसद है. संजू बाबा जब "तेरी माँ का मुकुट" वाला डायलॉग बोलते हैं तो बहुत हंसी आती है.
कैसी है शमशेरा फिल्म
Is Shamshera Worth Watching: फिल्म में VFX ठीक ठाक हैं जिन्हे और भी अच्छा किया जा सकता था, लेकिन 150 करोड़ की फिल्म में RRR वाले स्पेशल इफेट्स की डिमांड पूरी नहीं हो सकती। खैर फिल्म की कहानी अच्छी है, किरदार बढ़िया हैं. रणबीर कपूर की एक्टिंग में जान दिखाई देती है. कह लीजिये फुल पैसा वसूल मूवी है.
फिल्म हॉल में बस एक शख्श की कमी है और वो आप खुद हैं. इसी लिए शमशेरा देखने की प्लानिंग होतो बेशक जाइये बढ़िया फिल्म है.
शमशेरा फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
Shamshera 1st Day Box Office Collection: शमशेरा फिल्म 22 जुलाई को रिलीज हुई है, जिस हिसाब से हाइप बना है उस लिहाज से फिल्म पहले दिन 15-18 करोड़ रुपए का बिज़नेस कर सकती है.
क्या शमशेरा फिल्म सत्य घटना पर आधारित है
Is Shamshera Based On Real Story: शमशेर की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है या नहीं यह जानने के लिए हमारा स्पेशल आर्टिकल पढ़िए " यहां क्लिक करिये और जादू देखिये"




