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'धुरंधर' के 'हमजा' की असली कहानी: सरहद पार गूंगा बनकर रहा भारतीय जासूस, पाकिस्तानी लड़की से निकाह और 5 लाख देकर वापसी!

Aaryan Puneet Dwivedi
28 March 2026 5:46 PM IST
धुरंधर के हमजा की असली कहानी: सरहद पार गूंगा बनकर रहा भारतीय जासूस, पाकिस्तानी लड़की से निकाह और 5 लाख देकर वापसी!
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फिल्म 'धुरंधर' के 'हमजा' की रोंगटे खड़े कर देने वाली असली कहानी! कर्नल भूपिंदर शाही ने बताया कैसे एक भारतीय फौजी POK में गूंगा बनकर रहा और निकाह कर डेटा लाया।

सिनेमाघरों में इस वक्त रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' जबरदस्त धूम मचा रही है। जहां एक ओर फिल्म की सफलता के चर्चे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक वर्ग इसे 'प्रोपेगेंडा' और 'काल्पनिक कहानी' बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। आलोचकों का तर्क है कि 'हमजा अली मजारी' जैसे किरदार सिर्फ डायरेक्टर की कल्पना मात्र हैं। लेकिन अब इस विवाद पर विराम लगाने के लिए खुद भारतीय सेना के एक रिटायर अधिकारी सामने आए हैं। कर्नल भूपिंदर शाही ने फिल्म की सच्चाई बताते हुए जो खुलासे किए हैं, उन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं।

कर्नल भूपिंदर शाही ने खोला 'असली हमजा' का राज

कर्नल भूपिंदर शाही, जिन्होंने 'शेरशाह' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों में सेना के सलाहकार के रूप में काम किया है, ने हाल ही में विजय विक्रम सिंह के साथ बातचीत में फिल्म की ऑथेंटिसिटी पर मुहर लगाई। उन्होंने बताया कि फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार यानी 'हमजा अली मजारी' कोई काल्पनिक पात्र नहीं, बल्कि एक असली भारतीय जासूस की कहानी पर आधारित है।

कर्नल शाही ने खुलासा किया कि असली 'धुरंधर' एक पूर्व फौजी है, जिससे उन्होंने फिल्म की रिलीज से महज आधा घंटा पहले भी बात की थी। उन्होंने बताया कि वह जासूस कम से कम 3-4 महीने तक POK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में रहा और वहां से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी लेकर वापस लौटा।

POK में 'गूंगा' बनकर रहा और पाकिस्तानी लड़की से किया निकाह

जासूसी का यह मिशन किसी फिल्मी कहानी से कहीं ज्यादा खतरनाक था। कर्नल शाही के अनुसार, उस भारतीय जासूस को POK के मदरसे में रहना पड़ा। पकड़े जाने के डर से वह वहां महीनों तक 'गूंगा' बनकर रहा ताकि उसकी भाषा या लहजे से किसी को शक न हो। वहां उसने अपनी पहचान पुख्ता करने के लिए एक स्थानीय लड़की से निकाह भी किया और एक 'फैमिली मैन' बनकर रहने लगा।

मिशन के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब वह लगभग बेनकाब (Exposed) हो गया था, लेकिन उसी पाकिस्तानी लड़की ने उसकी जान बचाई। कर्नल ने बताया कि वापसी के वक्त उस जासूस ने उस लड़की का पूरा ख्याल रखा और उसे 4-5 लाख पाकिस्तानी रुपये देकर आया ताकि वह अपना जीवन गुजार सके।

खतरनाक था LOC पार करने का सफर

भारत वापसी का सफर भी मौत के साये में तय हुआ। कर्नल शाही ने बताया कि जासूस को एक निश्चित समय पर LOC क्रॉस कर भारत आना था, लेकिन वह 15 दिन लेट हो गया। अगर वह गलत समय पर आता तो भारतीय सेना की फायरिंग या पाकिस्तानी सेना के हाथों मारा जा सकता था। किसी तरह वह भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, जहां से सेना ने उसे तुरंत हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

हैरानी की बात यह है कि वह जासूस POK का सारा महत्वपूर्ण डेटा अपनी बॉडी (शरीर) के अंदर छिपाकर लाया था, जिसे बाद में डॉक्टरों की मदद से निकाला गया। इस मिशन की सफलता के बाद उसे अवॉर्ड और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पाकिस्तान में बदहाली और सेना की बेरहमी

कर्नल शाही ने उस जासूस के हवाले से पाकिस्तान और POK के हालातों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां गरीबी चरम पर है और पाकिस्तानी सेना अपने ही लोगों के साथ बेहद बेरहमी से पेश आती है। वहां हर वक्त फौज का राज चलता है और लोगों को छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित किया जाता है। POK और बलूच में हालात इतने खराब हैं कि वहां सेना अपने ही नागरिकों पर आर्टिलरी फायर और हेलीकॉप्टर से हमले कर रही है।

जासूसी का पारिवारिक इतिहास

बातचीत के दौरान कर्नल शाही ने एक और भावुक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह खुद भी एक जासूसी पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता वास्तव में एक जासूस थे और उन्होंने वह कठिन जीवन जिया था। कर्नल शाही ने 'धुरंधर' के निर्माण के दौरान रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया ताकि फिल्म में दिखाई गई हर छोटी डिटेल प्रामाणिक रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर देश इस तरह के जासूसी मिशन चलाता है और आज भी कई जासूस सीमा पार रहकर देश की रक्षा कर रहे हैं।

अंत में उन्होंने यह भी साफ किया कि फिल्म की रिलीज से पहले शहीद मेजर मोहित शर्मा के परिवार द्वारा जो दावे किए जा रहे थे, मेकर्स ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यह उनकी कहानी नहीं है। 'धुरंधर' उन गुमनाम नायकों की कहानी है जो अपनी पहचान खोकर देश को सुरक्षित रखते हैं।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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