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Bihar: केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री के क्षेत्र का हाल, गंगा में उतरा रही लाशें

RewaRiyasat.Com
Sandeep Tiwari
11 May 2021

बक्सर / Buxar। बिहार के बक्सर में कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आंकडा सरकार भले ही कागजों में छिपा ले। लेकिन गंगा मैया की गोद में उतराती लाशें सरकार का काला चिट्ठा खोल रही हैं। बक्सर के घाटों में मिली सैकडों लाशों के बारे में बक्सर प्रशासन का कहना है कि यह लाशें बिहार वासियों की नहीं हैं। यह तो यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रदेश के इलाहाबाद और वाराणसी से बहकर यहां पहुंचे हैं।

गंगा नदी किनारे सडांध मार रही लाशों को देखने के बाद मानवता दांव पर लगी दिख रही है। ऐसे में कहा जा रहा है कि चाहे जो भी हो मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार विधि विधान से किया जाना चाहिए। 

उतराती दिखी लाशें

जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चैबे के संसदीय क्षेत्र बक्सर में हालात बेहर गंभीर होते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंगा नदी के घाटों पर 16 से ज्यादा लाशें नदी के किनारे  दिख रही हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि ये शव उत्तर प्रदेश से बहकर आई हैं। 

चरित्रवान घाट में शवदाह की जगह नहीं

सोमवार को चरित्रवन में तो शवदाह की जगह नहीं बची हैं। शवों की कतारें लगी हुई दिख रही हैं। बताया जाता है कि चरित्रवन और चैसा श्मशान घाट में दिन-रात लोगों का संस्कार किया जा रहा है। इसके बाद भी शवों की भीड कम नही हो रही है। 

कहा जा रहा है कि क्षमता से ज्यादा शवों के आने पर या तो आधे अधूरे संस्कार के बाद शवो को गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। तो वही जिन शवों के साथ कोई नही होता उन्हे सीधे गंगा नदी में धकेल दिया जाता है। 

वहीं कब्रिस्तानों में भी भीड़ लगी रहती है। पहले जहां चैसा श्मशान घाट पर प्रतिदिन दो से पांच चिताएं जलती थीं, वहीं अब 40 से 50 चिताएं जलाई जा रही हैं। बक्सर में यह आंकड़ा औसतन 90 है।

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