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मंगेतर के चरित्र में जवान करता था संदेह, युवती के घर पहुंच कर मार दी भाई और माँ को गोली : MP NEWS

RewaRiyasat.Com
Shashank Dwivedi
01 Apr 2021

भोपाल (BHOPAL NEWS) नौकरी पेशा मंगेतर रिंकी के चरित्र पर एसएएफ का जवान अजीत सिंह संदेह करता था। इसके चलते आए दिन उनके बीच विवाद होता था। आरोपी ने एक रात में उसके दोस्तों को 250 मेसेज कर रिंकी से दूर रहने की बात कही थी। वह माता-पिता को ताने देता था।

उसकी हरकतों से तंग आकर रिंकी ने मन बनाया था कि मर जाऊंगी, लेकिन अजीत से शादी नहीं करूंगी। वह सगाई तोडऩा चाहती थी। एक अप्रैल को रिंकी और उसके परिजन सगाई का सामान अजीत के घरवालों को लौटाने वाले थे। इससे पहले मंगलवार रात को अजीत, रिंकी के घर पहुंच गया और उसके भाई रीतेश व मां जानकी को गोली मार दी।

गोली पीठ चीरते हुए अलमारी फिर गद्दे में जा धंसी

गोली लगते ही रीतेश जमीन पर गिर पड़ा था। गोली पेट को चीरते हुए पीठ से निकली। पीछे लोहे की अलमारी की दो परतों को चीरते हुए वापस मुड़ी और गद्दे में जा धंसी थी। मां जानकी के पैर (जांघ) गोली लगने के बाद चीरते हुए पीछे रखे प्लास्टिक की टंकी में घुस गई, जिसमें चावल रखे थे।

रिंकी के पिता जगन ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने एंबूलेंस को कॉल लगाया, लेकिन जब वह नहीं आई तो वह उनका बेटा मधुसूदन, घायल रीतेश को लहूलुहान हालत में एटिवा पर बैठा कर निजी अस्पताल ले गया। एक्टिवा खून से सन गई। बुधवार को पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सड़क पर चिल्ला चोट की, मां को आया एंजाइमा अटैक 

रिंकी ने बताया कि उसकी 21 अटूबर 2020 में अजीत से सगाई हुई थी। 2 मई 2021 को उनकी शादी की तारीख तय हुई थी। सगाई होने के बाद अजीत की रोक- टोक शुरू हो गई। वह मेरे चरित्र पर शक करने लगा। मैं आफिस की मीटिंग में जाऊं तो शक करे। बीती 6 मार्च को मोहल्ले में आकर सड़क पर चिल्ला चोट की। बोला कि मुझसे शादी करोगी या नहीं। मैंने कहा सड़क पर तमाशा मत करो। घर पर बैठकर बात करेंगे। उसी दिन मेरी मां को उसने जाने या-या बोला, जिससे उन्हें एंजाइमा का अटैक आ गया। अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तब मैंने तय किया कि इस लड़के से किसी शर्त पर शादी नहीं करूंगी।

रिंकी का कहना है कि अजीत ने उसके दोस्तों को एक रात में 250 कॉल और मेसेज किए। धमकाया कि तुमने मेरी रिंकी छीन ली, मैं तुम्हे चैन से जीने नहीं दूंगा। तब भी मैं शांत रही, मैं तमाशा नहीं करना चाहती थी। लेकिन वह समझने को तैयार नहीं था।

आजीवन कारावास की सजा मिले, तभी मुझे न्याय मिलेगा

रिंकी सब्जी फॉर्म में अपने पिता जगन, मां जानकी, बड़े भाई मधुसूदन, छोटे भाई रीतेश के साथ रहती थी। रिंकी एमपी नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में काम करती है। जगन वन विभाग में ड्रायवर हैं और वर्तमान में अपर सचिव अतुल मिश्रा की गाड़ी चलाते हैं। इधर, आरोपी अजीत का परिवार भेल संगम कालोनी, बाग मुगालिया में रहता है। पिता रोखम सिंह सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं।

अजीत तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। उससे बड़ा भाई रामकुमार एक निजी कालेज में कंप्यूटर आपरेटर है और छोटा भाई प्रशांत मंडीदीप में आईटीआई का छात्र है। रिंकी का कहना है कि आरोपी अजीत को आजीवन कारावास की सजा मिले। तभी उसे और उसके भाई को न्याय मिलेगा। सातवीं वाहिनी के कमांडेंट तरूण नायक ने वाहिनी के आरक्षक अजीत सिंह द्वारा डियूटी के बाद सरकारी रायफल ले जाने के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

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