भोपाल

Bhopal News : नौकरी के बदले डंडे की हकीकत, किसी का हाथ टूटा तो किसी का पैर, कैद में बीते 45 घंटे

Reality of stick instead of job: If someones hand is broken then someones leg, last 45 hours in captivity
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विभागों में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर बेरोजगार युवा मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले 18 अगस्त भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र हुए थे। जहां पुलिस ने भीड नियंत्रित करने के लिए उन पर लाठियां बरसाई थीं।

Bhopal / भोपाल। मामा के पास नौकरी मांगने गये बेरोजगारों को नौकरी तो नहीं मिली लेकिन कैद में रहने का अनुभव जरूर मिला। पुलिस की लाठियों के सामने जो भी आया उसे जीवन भर का दर्द भी मिल गया। पुलिस की लाठीचार्ज में किसी का हाथ टूट गया तो किसी का पैर फैक्चर हो गया। कोई पीठ में अमिट दाग लेकर गया। कई घंटो तक युवाओं को जंगल में तथा कुछ को थाने में रखा गया। पुलिस ने 150 छात्रों पर मामला दर्ज किया हैं।

नीलम पार्क में एकत्र हुए थे युवा

विभागों में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर बेरोजगार युवा मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले 18 अगस्त भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र हुए थे। जहां पुलिस ने भीड नियंत्रित करने के लिए उन पर लाठियां बरसाई थीं।

युवाओं पर मामला दर्ज

करीब 150 युवाओं पर मामला दर्ज किया गया। कई युवाओं को गिरफ्तार किया गया। जिन्हे बाद में रिहा कर दिया गया। वहीं युवाओं का कहना है कि उन्हे रात समय जंगल से छोड़ा गया। लेकिन इस मामले में पुलिस के अधिकारियो का कहना है कि सभी को सुरक्षित तरीके से शाम के 5 बाजे छोड़ दिया गया।

अस्पताल पहुंचे युवा

पुलिस की कैद से रिहा होने के बाद युवा इलाज करवाने अस्पताल पहुंचे। बताया जाता है कि युवाओं के शरीर में अत्याधिक दर्द होने से वह हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। जहां बेरोजगार युवाओं को इलाज करने के साथ मेंडिकल परीक्षण किया गया। जांच के दौरान किसी युवा को पता चला कि उसका हाथ टूट गया है। किसी का पैरा फैक्चर है। किसी के पीठ पर लगी कई लाठी से वह कराह रहा था।

विभागों के रिक्त पदों में हो भर्ती

बेरोजगारों का कहना है कि सरकार अगर पढाएगी तो लोग रोजगार भी मांगेगे। जब विभागो में पद खाली हैं तब उन्हे भरने की प्रक्रिया क्यों नही शुरू की जाती। सरकार बजट का रोना रो रही हैं जो बेरोजगारों के साथ अन्याय है। आखिर लाठीचार्ज करने से क्या समस्या का समाधान हो जायेगा।

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