भोपाल

12 मार्च तक जबलपुर, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल सम्भाग में बारिश की सम्भावना...

भोपाल। मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर किसानांे की चिंता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश के राजस्थान से लगे कई जिलो में सोमवार को बारिश हो चुकी है। चंबल में हुई बारिश और ओले गिरने से किसानों को भारी नुक्सान का सामना करना पडा है।ऐसे मे ंसम्भावना जताई जा रही हैं कि जबलपुर, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल सम्भाग में 12 मार्च तक बारिश हो सकती है।

भोपाल। मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर किसानांे की चिंता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश के राजस्थान से लगे कई जिलो में सोमवार को बारिश हो चुकी है। चंबल में हुई बारिश और ओले गिरने से किसानों को भारी नुक्सान का सामना करना पडा है।ऐसे मे ंसम्भावना जताई जा रही हैं कि जबलपुर, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल सम्भाग में 12 मार्च तक बारिश हो सकती है।

वही मौसम विज्ञानियों की माने तो पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी राज्यों के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 3.6 ज्ञड ऊंचाई पर बना हुआ है। ऐसे मंे हवाओ के रूख को देखते हुए यह अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को सावधान किया जा रहा है।

मुरैना में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलो केा भारी नुक्सान हुआ है। वहीं मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 10 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के बादल पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगेंगे। वहीं 12 मार्चा को मध्य प्रदेश के कई सम्भागों में आंधी, तूफान, बिजली, बारिश और ओलावृष्टि के आसार सम्भावना जताई जा रही है।

बताया जाता है कि सेामवार को मुरैना के कई गांव में तेज आंधी और बारिश हुई है। जिससे सरसों एवं गेहूं की फसल चैपट हो गई। गेहूं की फसल खेतों में चादर कर तरह बिछ गई।

मध्यप्रदेश में मौसम के बदले रूप से सबसे ज्यादा किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में 10 से 13 मार्च के बीच मौसम बिगड सकता है।

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