भोपाल

राहुल गांधी के ज्योतिरादित्य सीएम नहीं बन सकते बयान पर सीएम शिवराज ने कसा तंज, कहा- उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है...

Manoj Shukla
10 March 2021 4:05 PM IST
राहुल गांधी के ज्योतिरादित्य सीएम नहीं बन सकते बयान पर सीएम शिवराज ने कसा तंज, कहा- उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है...
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प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चैहान ने हाल ही में बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर तंज कसा जिसमें उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सीएम नहीं बन सकते हैं। लिहाजा सीएम ने कहा कि उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है।

प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर तंज कसा जिसमें उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सीएम नहीं बन सकते हैं। लिहाजा सीएम ने कहा कि उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है।

भोपाल। कांग्रेस पार्टी छोड़ सालभर पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए थे। जिस पर बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना एक बयान दिया। राहुल के उसी बयान पर सीएम शिवराज ने बीते मंगलवार को हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी की ट्यूबलाइट देर से जलती हैं।

...राहुल गांधी की ट्यूबलाइट देर से जलती है! pic.twitter.com/uQxHerv459

— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 9, 2021

दरअसल राहुल गांधी सोमवार को भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक सभा को सम्बोधित कर रहे थे। सम्बोधन के दौरान राहुल ने कहा कि भाजपा में रहते हुए ज्योतिरादित्य कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते हैं। इसलिए उन्हें लौटकर कांग्रेस में ही आना होगा। राहुल गांधी के इस बयान पर बीते दिनों शिवराज सिंह मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब ज्योतिरादित्य कांग्रेस में थे तब राहुल गांधी कहां गए। तब तो उन्होंने उनकी कोई खबर नहीं ली। अब वह इशारे से ज्योतिरादित्य को कांग्रेस में लाना चाहते हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है।

सीएम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ज्योतिरादित्य एवं उनके पिता स्व. माधवराज सिंधिया पर अन्याय किया है। कांग्रेस ने कभी स्व. माधवराव सिंधिया जी को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया। आगे उन्होंने कहा कि जब ज्योतिरादित्य कांग्रेस में थे तो वह उन्हें इग्नोर करते थे। अब वह कांग्रेस छोड़ चुके हैं तो उन्हें इशारे से बुलाना चाह रहे हैं। बताते चले कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने 22 विधायकों के साथ कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसके चलते मप्र में सत्तासीन कांग्रेस पार्टी की सरकार गिर गई थी।

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