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Bhopal MANIT : छात्रा ने पेट्रोल डालकर आग लगाई, पिता बोला- खुदकशी नहीं, अनहोनी हुई

भोपाल। मैनिट में पढ़ने वाली एमटेक की एक छात्रा की आग में बुरी तरह झुलसने के बाद सोमवार शाम को मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने खुद के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगाकर खुदकशी की है, लेकिन छात्रा के पिता ने बेटी की मौत पर सवाल खड़े किए और कहा है कि बेटी के साथ अनहोनी हुई है। रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
रातीबड़ पुलिस के अनुसार अशोका ग्रीन पार्क अशोकागार्डन में रहने वाली लछिका मेहरा (21) मैनिट में एमटेक प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उसके पिता रामराज मेहरा पॉलीटेक्निक कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर है। 9 सितंबर को रातीबड़ थाना क्षेत्र के बिल्किसगंज रोड पर सेमरी मोड जंगल में उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। आग में झुलसने के बाद वह पानी के गड्ढे में कूद गई थी। उसको पहले चिरायु में भर्ती कराया था। जहां से बाद में हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, सोमवार शाम सात बजे उसकी मौत हो गई।
एक रहगीर ने पिता को फोन पर दी थी सूचना दी
मृतका के चाचा विजय मेहरा ने बताया कि लछिका ने आग लगा ली और वह बुरी हालत में है ऐसी सूचना एक रहगीर बीएम मीणा ने दी थी। उन्होंने बताया था कि वह अस्पताल लेकर रातीबड़ जा रहे आप आ जाओ। उसके बाद हम सभी अस्पताल पहुंचे थे। जहां से बच्ची की हालत गंभीर देखकर उसको फतेहगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
बड़ा सवालः पिता से मैनिट जाने का बोलकर निकली थी
मृतका लछिका के पिता रामराज मेहरा ने बताया कि उनकी बेटी 9 सितंबर को घर से साढ़े आठ बजे उनसे रुपए लेकर रोजाना की तरह मैनिट जाने के लिए अपना स्कूटर लेकर निकली थी। उसके बाद वह रातीबड़ कैसे पहुंच गई? उन्होंने उसके इलाज के दौरान कई बार उससे पूछा, लेकिन उसने शुरुआत में कुछ नहीं बताया था, इलाज के बीच-बीच में उसने बताया था कि उसका कैंपस था इसलिए वह उस ओर गई थी।
पिता का आरोप, बेटी खुदकशी नहीं कर सकती
मृतका के पिता रामराज ने एक युवक पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को एक युवक काफी समय से प्रताड़ित कर रहा था। घटना से एक रात पहले भी लछिका का उस युवक से विवाद हुआ था। सुनील तिवारी उसका नाम बताया जा रहा है। वह कौन है, उसके संपर्क में कैसे आया। उसकी उनको जानकारी नहीं है।
मेधावी थी इकलौती बिटिया
लछिका एमटेक के बाद दिल्ली जाकर आईएएस की तैयारी करना चाहती थी। वह आरजीपीवी की टॉपर थी। लछिका अपने पिता की इकलौती बेटी थी। उसके दो भाई है। जिसमें लवलेश बड़ा व कौशिक छोटा है। लछिका के पिता ने बताया कि बेटी रोजाना उनसे मिलकर ही कॉलेज जाती थी। उस दिन भी वह सुबह साढ़े आठ बजे निकली थी और साढ़े दस बजे उनको फोन पर घटनाक्रम की सूचना मिली।
छात्रा ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाई
रातीबड़ थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने बताया कि छात्रा ने खुद ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। उसने बयानों में भी इसके बारे में बताया था कि वह काफी गुस्से वाली थी। हर किसी से वह उलझ जाती थी। जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
पिता के बेटी की मौत के बाद सवालः-
- बेटी अगर खुद आग लगा ती तो पानी के गड्ढे में कूदकर जान बचाने की कोशिश क्यों करती?
-उसका शरीर 70 फीसदी झुलसा था। वह खुद आग लगाती तो सामने से पेट्रोल डालती लेकिन बेटी पीछे से जली है?
- बेटी को आग लगाने के लिए इतनी दूर आने की जरूरत क्यों पड़ी?
- उसका मोबाइल और बैग कहां, उनको कौन ले गया?
- उनकी बेटी गुस्सैल थी तो तनाव में क्यों थी?
- उसने आखरी फोन मुझे लगवाने से पहले किसको करवाया।




