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Vehicle Transfer New Rule in India: अब व्हीकल ट्रांसफर के लिए NOC जरूरी नहीं, बड़े बदलाव की तैयारी!

Neelam Dwivedi
10 March 2026 12:24 AM IST
Vehicle Transfer New Rule in India: अब व्हीकल ट्रांसफर के लिए NOC जरूरी नहीं, बड़े बदलाव की तैयारी!
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Visual aid: AI-generated.

NOC Rule for Vehicle Transfer May End Soon: दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर करना जल्द आसान हो सकता है। सरकार NOC नियम खत्म कर डिजिटल क्लियरेंस सिस्टम और पुराने वाहनों के नियम बदलने पर विचार कर रही है।

Vehicle Transfer Rule India 2026: NOC नियम खत्म करने की तैयारी

भारत में एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर (Vehicle Transfer) करना अभी तक एक लंबी और जटिल प्रक्रिया माना जाता है। लेकिन अब इस नियम में बड़ा बदलाव हो सकता है। जानकारी के अनुसार, नीति आयोग की एक हाई-लेवल कमेटी ने परिवहन मंत्रालय को सुझाव दिया है कि दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर के लिए जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की अनिवार्यता खत्म कर दी जाए। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है और पूरे देश में RTO प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

Car Transfer to Another State India Process: अभी कैसे होती है प्रक्रिया

मौजूदा समय में भारत में मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 47 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपनी गाड़ी को दूसरे राज्य में अधिकतम एक साल तक चला सकता है। यदि वाहन एक साल से ज्यादा समय तक उसी राज्य में रहता है, तो उसे वहां के RTO में दोबारा रजिस्टर कराना जरूरी होता है।

इसके लिए वाहन मालिक को सबसे पहले अपने पुराने राज्य के Regional Transport Office (RTO) से NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। बिना NOC के दूसरे राज्य में वाहन का रजिस्ट्रेशन संभव नहीं होता।

इस प्रक्रिया में कई दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • Registration Certificate (RC)
  • Fitness Certificate
  • Road Tax Receipt
  • Insurance Documents
  • Old RTO से NOC Certificate

इन दस्तावेजों की जांच के बाद नया राज्य वाहन को अपने रिकॉर्ड में दर्ज करता है और नया Vehicle Registration जारी करता है।

NOC Certificate Rule: इस सर्टिफिकेट का क्या होता है महत्व

NOC यानी No Objection Certificate वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि वाहन पर किसी भी तरह का रोड टैक्स बकाया, चालान या कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

यदि वाहन पर किसी प्रकार का बकाया या विवाद होता है, तो पुराने राज्य का RTO NOC जारी नहीं करता। इसी वजह से कई बार वाहन मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यह सर्टिफिकेट खासतौर पर Second Hand Car या Bike खरीदने और बेचने के समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे वाहन की पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट हो जाती है।

Auto Generated Clearance System: डिजिटल सिस्टम से होगा वेरिफिकेशन

नीति आयोग की कमेटी ने सुझाव दिया है कि भविष्य में NOC की जगह Auto Generated Clearance System लागू किया जाए। इस सिस्टम के जरिए दूसरे राज्य का RTO खुद ही वाहन की पूरी जानकारी ऑनलाइन चेक कर सकेगा।

आज देश के अधिकांश वाहनों का डेटा VAHAN Centralised Digital Database में उपलब्ध है। इस वजह से किसी भी वाहन की जानकारी डिजिटल तरीके से आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

इस सिस्टम के लागू होने के बाद निम्न जानकारी तुरंत वेरिफाई की जा सकेगी:

  • वाहन पर कोई टैक्स बकाया है या नहीं
  • Pending Traffic Challan की जानकारी
  • Vehicle Criminal Case या Theft Record
  • Vehicle Registration Details

इससे वाहन मालिकों को पुराने राज्य के RTO के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और तेज हो जाएगी।

Old Vehicle Fitness Rule India: 15 साल पुरानी गाड़ियों के नियम में बदलाव

कमेटी ने एक और बड़ा सुझाव दिया है, जो पुराने वाहनों के नियम से जुड़ा हुआ है। अभी कई राज्यों में 15 साल से अधिक पुरानी गाड़ियों को सड़क से हटाने या स्क्रैप करने की सलाह दी जाती है।

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन की उम्र से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी फिटनेस और सुरक्षा होती है। इसलिए प्रस्ताव दिया गया है कि गाड़ी को सड़क पर चलने की अनुमति उसकी उम्र के आधार पर नहीं बल्कि Fitness Test के आधार पर तय की जाए।

Commercial Vehicles Benefit: अच्छी हालत वाली गाड़ियों को मिलेगा फायदा

कमेटी का मानना है कि उम्र आधारित नियमों के कारण कई बार ऐसी गाड़ियां भी कबाड़ घोषित कर दी जाती हैं जो तकनीकी रूप से अच्छी स्थिति में होती हैं।

यदि सख्त Vehicle Fitness Inspection System लागू किया जाता है, तो अच्छी हालत वाली Commercial Vehicles उम्र सीमा पार करने के बाद भी सड़क पर चल सकती हैं।

इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है और परिवहन क्षेत्र में संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा।

Impact on Vehicle Owners: आम लोगों को क्या फायदा होगा

अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसका सीधा फायदा देशभर के लाखों वाहन मालिकों को मिल सकता है।

  • Vehicle Transfer Process पहले से आसान हो जाएगा
  • पुराने राज्य के RTO से NOC लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी
  • समय और पैसे दोनों की बचत होगी
  • Digital Verification System से पारदर्शिता बढ़ेगी
  • पूरी प्रक्रिया Online और तेज हो जाएगी

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Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi is an experienced digital content editor in the field of journalism. She has been working with the Rewa Riyasat news portal since 2016, managing and editing news content in both Hindi and English. She covers a wide range of topics, including national and international news, politics, sports, technology, health, lifestyle, and social issues. Her work focuses on presenting clear, accurate, and easy-to-understand news for readers while staying updated with the latest trends in digital media.

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