
भारत में छोटी कारों के मुकाबले UV कारों की बिक्री बढ़ी, जानिए क्या है UV, MUV और SUV में अंतर?

Difference between UV, MUV and SUV: भारत में छोटी कारों के मुकाबले अब लोगों को UV और SUV ज्यादा पसंद आने लगी हैं. पिछले कुछ माहों में इन कारों की बिक्री में काफी इजाफा देखा गया है. बात अगले 5 सालों की करें तो छोटी कारों के मुकाबले UV (Utility Vehicle) की ग्रोथ 3 गुना रहने की संभावना है. इसके साथ ही लोगों में SUV (Sports Utility Vehicle) की भी डिमांड अच्छी खासी देखी जा रही है.
क्रिसिल के एक अध्ययन की मानें तो बीते वित्तीय वर्ष में देश के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में UV की हिस्सेदारी बढ़कर 48% हो गई है. यह दो दशक पहले यानी 2002 में महज 15% थी. बीते दो दशक में UV यानि यूटिलिटी व्हीकल का मार्केट शेयर 33% बढ़ा है. रेटिंग एजेंसी का मानना है कि 2021 से 2026 के बीच बाजार में UV की परफॉर्मेंस अन्य सेगमेंट से बेहतर रहेगी.
क्यों बढ़ा UV कारों का क्रेज?
भारत में पहले अधिकाँश लोग छोटी कारों को ज्यादा पसंद करते थें. इसका एक कारण आसानी से फाइनेंस न हो पाना भी है. लेकिन अब UV कारों का क्रेज बढ़ रहा है. इसके कई कारण हैं, जिन्हे आपको पॉइंट्स में बताने जा रहें हैं.
- पहले के मुकाबले अब कारों का फाइनेंस बैंकों या फाइनेंस कंपनियों द्वारा आसानी से हो जाता है. साथ ही आकर्षक ऑफर और ब्याज दर भी दिए जाते हैं.
- डिज़ाइन काफी मैटर करता है. बड़ी SUV की जगह UV को तरजीह दी जा रही है.
- यह सेडान/हैचबैक की अपेक्षा बेहतर ऑफ रोडिंग की क्षमता रखती है.
- लंबी दूरी की कम्फर्ट वाली ड्राइविंग के साथ बड़े टायर और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी UV वाहनों की बिक्री बढ़ने के कारण हैं.
यूवी, एमयूवी और एसयूवी के बीच अंतर (Difference between UV, MUV and SUV)
भारत में हैचबैक, सेडान कारों के मुकाबले लोगों में यूटिलिटी व्हीकल (UV) कारों की रुचि बढ़ रही है. यूटिलिटी व्हीकल में हैचबैक और सेडान कारों की अपेक्षा बड़े टायर, ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी दूरियों में मिलने वाला कम्फर्ट लोगों को भा रहा है. ऐसे वाहन कई श्रेणी में आते हैं, जिनमें UV (Utility Vehicle) के साथ SUV (Sports Utility Vehicle), MUV (Multi-Utility Vechile) आते हैं. आज हम इनके बीच अंतर बताने जा रहें हैं.
यूवी यानि यूटिलिटी व्हीकल (UV): हैचबैक/सेडान कारों से अलग इन वाहनों में बड़े टायर और SUV वाहनों जैसा कम्फर्ट लेवल होता है. SUV की तुलना में ये वाहन सस्ते दामों में उपलब्ध कराए जाते हैं. आज कल कंपनियां कस्टमर्स को यूवी कारों में एसयूवी जैसे फीचर्स उपलब्ध करा रही हैं. इनमें टाटा नेक्सॉन, ब्रेजा, वेन्यू जैसे वाहन शामिल हैं.
एमयूवी यानि मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल (MUV): MUV का मतलब मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल है. इसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है और इस सेगमेंट की कारों को उनकी ड्यूटी-नेस, स्थायित्व, स्थिरता, लुक्स, विश्वसनीयता आदि के लिए जाना जाता है. टोयोटा इनोवा, महिंद्रा ज़ायलो, टाटा सूमो और महिंद्रा बोलेरो कुछ ऐसे वाहन हैं जो MUV की श्रेणी में आते हैं.
MUV वाहनों को वैन के आकार की तरह डिजाइन किया गया है. मल्टी यूटिलिटी व्हीकल या कारों में बड़े चेसिस आयाम, अधिक बैठने की क्षमता होती है और अधिकांश मॉडल मुड़ी हुई पिछली सीटों के साथ डिज़ाइन किए जाते हैं, और जो क्षेत्र बचा है उसका उपयोग कुछ अतिरिक्त सामान स्थान के लिए किया जा सकता है. एक मल्टी-यूटिलिटी कार कई यात्रियों को समायोजित कर सकती है और एक बार में अधिक सामान भी ले जा सकती है.
एसयूवी यानि स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV): SUV का मतलब स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल है जिसका इस्तेमाल स्टेशन वैगन की तरह दिखने वाले किसी भी वाहन को दर्शाने के लिए किया जाता है. इसका मतलब है कि इसमें एक मिनी ट्रक तरह का प्लेटफॉर्म है. इस सेगमेंट के कुछ वाहन टाटा हैरियर, महिंद्रा स्कॉर्पियो, टोयोटा फॉर्च्यूनर, मारुति ग्रैंड विटारा, टाटा सफारी, फोर्ड एंडेवर और होंडा सीआरवी हैं. वे कुछ ऑफ-रोड ड्यूटी को निभाने के लिए जाने जाते हैं.
ये वाहन उबड़-खाबड़ सड़कों को चलाने के लिए उपयुक्त हैं. मध्यम आकार और पूर्ण आकार की एसयूवी में आम तौर पर सीटों की तीन पंक्तियाँ होती हैं और कार्गो क्षेत्र को सीटों की अंतिम पंक्ति के पीछे रखा जाता है. यह उन लोगों के लिए पसंद किया जाता है जो थोड़ी ऑफ-रोड क्षमता वाले विशाल वाहन जैसी सुविधाओं की तलाश में हैं. SUVs को उनके लुक्स और लुक्स से आसानी से देखा जा सकता है, जो एक बड़े स्टेशन वैगन से मिलते जुलते हैं.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




