पुलिस लाइन में दर्दनाक घटना: ड्यूटी पर कॉन्स्टेबल ने खुद को मारी गोली, मौके पर मौत
शहडोल पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान 29 वर्षीय कॉन्स्टेबल ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना रात 1:25 बजे की है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
- शहडोल पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान कॉन्स्टेबल ने खुद को मारी गोली
- रात करीब 1:25 बजे रक्षित केंद्र में हुई घटना
- मोबाइल जमीन पर पटका, फिर सर्विस राइफल से गर्दन पर फायर
- कॉन्स्टेबल की पहचान शिशिर सिंह राजपूत (29) के रूप में हुई
ड्यूटी पर तैनात जवान की अचानक मौत, पुलिस लाइन में सन्नाटा
शहडोल न्यूज़ — मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहडोल पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान एक युवा कॉन्स्टेबल ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:25 बजे रक्षित केंद्र की बताई जा रही है। गोली लगते ही जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक कॉन्स्टेबल की पहचान शिशिर सिंह राजपूत (29) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में शहडोल पुलिस लाइन में पदस्थ था और रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात था। इस अचानक हुई घटना ने पूरे पुलिस महकमे को गहरे सदमे में डाल दिया है। देर रात तक पुलिस लाइन में सन्नाटा और गम का माहौल बना रहा।
मोबाइल पर बातचीत, फिर अचानक उठाया खौफनाक कदम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से ठीक पहले कॉन्स्टेबल मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। वह कुर्सी पर बैठकर अलाव तापते हुए बात कर रहा था। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में उसने मोबाइल को जमीन पर पटक दिया। मोबाइल इतनी जोर से गिरा कि वह टूटकर चकनाचूर हो गया।
इसके तुरंत बाद उसने अपनी सर्विस राइफल उठाई और गर्दन के पास खुद पर फायर कर लिया। गोली की आवाज पूरे परिसर में गूंज उठी। हैरानी की बात यह रही कि गोली लगने के बाद भी उसका शरीर कुर्सी पर ही टिका रहा, मानो वह वहीं सो गया हो। मौके पर टूटा हुआ मोबाइल और सर्विस राइफल बरामद हुई है।
गोली की आवाज से टूटी रात की खामोशी
रात के सन्नाटे को चीरती गोली की आवाज सुनते ही आसपास सो रहे अन्य पुलिसकर्मी घबराकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि शिशिर सिंह कुर्सी पर बेसुध अवस्था में है और खून बह रहा है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और पुलिस लाइन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और प्राथमिक जांच शुरू की गई। मौके से टूटा हुआ मोबाइल फोन जब्त किया गया, जिसे घटना से जोड़कर महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि आखिरी बातचीत किससे हुई थी और उसमें ऐसा क्या था जिसने एक जवान को यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं जवान किसी मानसिक दबाव, पारिवारिक चिंता या व्यक्तिगत परेशानी से तो नहीं जूझ रहा था।
जबलपुर का रहने वाला था शिशिर सिंह
मृतक कॉन्स्टेबल शिशिर सिंह राजपूत मूल रूप से जबलपुर का निवासी था। उसके पिता स्वर्गीय शरद सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। वर्ष 2013 में उसे बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2015 में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद वह नियमित आरक्षक के पद पर नियुक्त हुआ।
वर्तमान में वह शहडोल पुलिस लाइन में पदस्थ था और अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहा था। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
दो दिन पहले ही लिया था नया मोबाइल
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कॉन्स्टेबल शिशिर सिंह ने महज दो दिन पहले ही नया मोबाइल खरीदा था। वह उसी नए फोन से किसी से बात कर रहा था। सहकर्मियों के अनुसार, वह कुर्सी पर बैठकर अलाव ताप रहा था और बातचीत के दौरान उसकी आवाज अचानक ऊंची होने लगी। कुछ ही क्षणों में बात इतनी बढ़ गई कि उसने गुस्से में मोबाइल को जमीन पर पटक दिया।
मोबाइल के चकनाचूर होते ही माहौल बदल गया। कुछ सेकंड के भीतर उसने अपनी सर्विस राइफल उठाई और गर्दन के पास फायर कर लिया। यह पूरा क्रम इतना तेज था कि आसपास मौजूद किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि कॉल किसका था और उस कॉल में ऐसा क्या कहा गया था जिसने एक युवा जवान को यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
घटना कहां और कब हुई?
यह घटना शहडोल पुलिस लाइन में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:25 बजे रक्षित केंद्र में हुई।
मृतक कॉन्स्टेबल कौन था?
मृतक की पहचान शिशिर सिंह राजपूत (29) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जबलपुर का निवासी था और शहडोल पुलिस लाइन में पदस्थ था।
पुलिस इसे किस रूप में देख रही है?
प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में किन बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है?
जांच में कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा, सहकर्मियों के बयान और ड्यूटी रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।