श्री हरि से शुरुआत कर सतना के सरकारी डॉक्टर ने दवाओं का नाम हिंदी में लिखा, हो रही तारीफ

मध्यप्रदेश में मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने जा रही है. लेकिन इससे पहले ही सतना जिले के एक स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी डॉक्टर ने हिंदी में दवाओं का पर्चा लिख डाला, इसकी शुरूआत उन्होंने Rx की जगह श्री हरि लिखकर की है.

Update: 2022-10-17 05:55 GMT

RX की जगह श्री हरि, हिंदी में दवाइयों के नाम

मध्यप्रदेश अब ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई हिंदी यानी मातृभाषा में हो सकेगी. इसके लिए राज्य के 97 डॉक्टरों ने 4 माह में बुक्स भी अनवादित कर लिख डाली हैं. पढ़ाई की शुरुआत के साथ ही सतना जिले के मेडिकल अफसर डॉक्टर सर्वेश सिंह ने प्रिस्क्रिप्शन को हिंदी में लिखना शुरू कर दिया है. अब उनके इस कार्य की हर तरफ तारीफ हो रही है. उन्होंने दवाओं का नाम लिखने से पहले Rx की जगह 'श्री हरि' लिखा और हिंदी में दवाओं का नाम लिखा है.

गौरतलब है कि दो दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में कहा था कि पर्ची में दवाइयां हिन्दी में ही लिखी जाएं तो हर्ज ही क्या है? बस, फिर क्या था डॉ. सर्वेश ने इसे अमलीजामा पहना दिया.

ऐसे आया मन में ख्याल

डॉ. सर्वेश ने बताया कि रविवार को मैं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का लाइव कार्यक्रम देख रहा था. मुख्यमंत्री के भाषण को भी सुना. उन्होंने कहा था कि कोशिश करें कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के पर्चे हिन्दी में लिखे जाएं. बस इसीलिए विचार आया कि क्यों न आज से ही इसकी शुरुआत की जाए.

मेडिकल ऑफिसर डॉ. सर्वेश के मुताबिक, पेट दर्द से पीडि़त रश्मि सिंह पहली पेशेंट थीं जो सोमवार को पीएचसी उपचार के लिए आई थीं. उन्हीं की ओपीडी पर्ची पर हिन्दी में दवाइयां लिखी गईं. मेडिकल ऑफिसर ने पूरी केस हिस्ट्री भी हिन्दी में लिखी. साथ ही दवाइयों को लिखने से पहले आरएक्स की जगह श्री हरि का लिखा. इसके बाद दवाइयों को लिखने का सिलसिला शुरू हुआ. डॉक्टर ने प्रिस्क्रिप्शन पर 5 किस्म की दवाइयां लिखीं वो भी सभी हिन्दी में.

बता दें डॉ. सर्वेश ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से वर्ष 2017 में MBBS की पढ़ाई की. नवम्बर 2019 में डॉ. सर्वेश की पदस्थापना कोटर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में की गई. तब से डॉ. सर्वेश कोटर में ही सेवाएं दे रहे हैं.

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