रीवा : पूर्व मंत्री को दिए गए मांगपत्र पर हाईकोर्ट का स्टे, 6 हपते में जवाब दे नगर निगम कमिश्नर

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Update: 2021-02-16 06:11 GMT

रीवा। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के जज संजय द्विवेदी की अदालत ने नगर निगम रीवा कमिश्नर द्वारा पूर्व मंत्री राजेंद्र शुला चुनावी वादे पूरे न करने पर भेजी गई चार करोड़ 94 लाख रुपए जमा करने के मामले पर स्थगन आदेश जारी करते हुए जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि यह सितंबर महीने से चर्चा में है जिसको लेकर सियासत भी गरमाई हुई है।

उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन मध्यप्रदेश एवं नगर निगम कमिश्नर को इस मामले में जवाब देने के लिए 6 हते का समय दिया है। ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री राजेंद्र शुला के अधिवक्ता संजय के अग्रवाल एवं सिद्धार्थ शर्मा ने कोर्ट में दायर मामले में यह मांग की है कि नगर निगम कमिश्नर रीवा द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर राजेन्द्र शुला को 26 सितंबर 2019 को चार करोड़ 94 लाख 52975 रुपए का मांग पत्र जारी किया था कि उन्होंने वर्ष 2013 में चुनाव के दौरान गरीबों को नि:शुल्क आवास वितरण करने का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ जिससे नगर निगम को क्षति हुई है।

यह मामला आईएचएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों की राशि जमा करने का था जिसमें कमिश्नर ने लिखा था कि इस योजना के तहत रटहरा एवं रतहरी में निर्मित 248 ईडल्यूएस मकानों के आवंटन के संबंध में राजेंद्र शुला द्वारा निर्वाचन के समय लिखित रूप से पंपलेट जारी किया गया था जिसमें अन्य तथ्यों के अलावा यह भी स्पष्ट घोषित किया गया था की रानी तालाब एवं चूना भ_ा के विस्थापित परिवारों को नि:शुल्क आवास की सुविधा ग्राम रतहरा एवं गड़रिया में दी जा रही है। पंपलेट में भवन का छायाचित्र भी प्रदर्शित किया गया था। इस मामले में प्रमुख सचिव नगरीय निकाय एवं आवास विभाग को भी पत्र लिखा था। इस मामले पर एक तरफ जहां सियासत गर्म हुई, वहीं दूसरी तरफ मामला न्यायालय में पहुंच गया है। न्यायालय ने मध्यप्रदेश शासन एवं नगर निगम कमिश्नर शपथ पत्र के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है।

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