रीवा : जिलेभर में हुई बारिश व गिरे ओल, बढ़ी ठिठुरन...

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Update: 2021-02-16 06:11 GMT

रीवा. मौसम ने गुरुवार को अचानक करवट ली। देरशाम अचानक तेज ठंडी हवा चलने लगी। देखते ही देखते आसमान में बादल छा गए। तेज हवा के साथ बारिश एवं ओले भी गिरे। हालांकि शहर में मामूली बूंदाबांदी हुई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई है एवं ओले गिरे हैं। बादल छाए हुए हैं। 20 से 25 किमी. प्रति घंटे की गति से हवा चल रही है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 16 दिसंबर तक इसी तरह मौसम बने रहने की संभावना जताई है। आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। हल्की वर्षा भी हो सकती है। सुबह एवं शाम घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

मनगवां क्षेत्र में बरसे ओले और तेज बारिश ग्रामीण अंचलों में भी तेज बारिश के साथ ओले गिरे हैं। मनगवां के विभिन्न गांवों में देरशाम ओले के साथ बारिश हुई है। जिन गांवों में ओले गिरे हैं उनमें दुअरा, मिसिरगवां, जरहा, तिवरियान, पथरहा, भववार, सिलपरा आदि गांव शामिल हैं। वहीं गुढ़, रायपुर कर्चुलियान, त्योंथर, गंगेव, हनुमना, मऊगंज में हल्की बारिश हुई है एवं ओले गिरे हैं। बारिश एवं ओले गिरने की वजह से मौसम बेहद ठंडा हो गया है।

सिरमौर क्षेत्र में गरज-चमक के साथ हुई बारिश सिरमौर क्षेत्र में देरशाम मो तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई। बैकुंठपुर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में लगभग पंद्रह मिनट तक तेज बौछार पड़ी। बारशि के बाद ठंड बढ़ गई है। वहीं खेत गीले होने से बुबाई का काम प्रभावित होगा। क्योंकि खेतों का पलेवा करने के बाद किसान उनके सूखने का इंतजार कर रहे थे।

इस प्रकार बदला मौसम सुबह धूप खिली रही। दोपहर में भी हल्की धूप रही। शाम चार बजे के बाद से मौसम बदलने लगा। आसमान में घने बादल छाने की वजह से अंधेरा हो गया। हल्की ठंडी हवा चलने लगी। रात करीब सात बजे बारिश एवं ओले गिरने लगे। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश एवं ओले को लेकर चेताया था। हालांकि शहर में न तो बारिश हुई और न ही ओले गिरने की ही जानकारी है।

कृषि पर पड़ेगा असर धान की फसल की गहाई जहां नहीं हो पाई है वहां फसल खलिहान में भीगने से नुकसान हुआ है। ज्यादातर स्थानों में धान की गहाई हो गई है। जिसकी वजह से उनको कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर गेहूं की बुवाई चल रही है। जो किसान बुवाई कर दिए हैं लेकिन अभी बीज अंकुरित नहीं हुए हैं उन्हें नुकसान हो सकता है। बीज के अंकुरण में दिक्कत हो सकती है। वहीं जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। खेतों की सिंचाई होने से किसानों को लाभ होगा।

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