शराब पर सियासी जंग: BJP बोली- Madhya Pradesh को मदिरा प्रदेश न बनाए Congress
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शराब के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरू हो गई है। राज्य सरकार द्वारा राजस्व जुटाने के लिए शराब ठेकेदारों के लिए उपदुकान खलने का प्रावधान किए जाने पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा कि कांग्रेस सरकार ने शराब माफिया को नए वर्ष का यह तोहफा दिया है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि बुजुर्गों के लिए घर पर राशन पहुंचाने से पहले मुख्यमंत्री घर-घर शराब पहुंचाने की व्यवस्था कर देना चाहते हैं, ताकि उनका चहेता शराब माफिया फले-फूले और सरकार की आय बढ़ाने की आड़ में कांग्रेस के नेताओं व मंत्रियों की आमदनी बढ़ाई जा सके।
शिवराज बोले, फैसला वापस ले सरकार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि सरकार फैसला वापस ले, अन्यथा हम जनता के साथ आंदोलन करेंगे। शराब की लत के कारण अपराध बढ़ते हैं, दुष्कर्म से लेकर कई अपराध शराब के नशे के कारण होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या शराब माफिया के कहने पर यह फैसला हुआ है, मुझे प्रदेश के भविष्य व माताओं-बहनों की चिंता है, इसलिए इस फैसले का विरोध कर रहा हूं।
प्रदेश को नशे में डुबा देना चाहती है कांग्रेस सरकार प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार के समय कांग्रेस ने शराबबंदी की मांग को लेकर प्रदेश के नागरिकों, महिलाओं को खूब भड़काया और तोड़फोड़ कराई। जबकि सत्ता में आने के बाद पिछले एक साल में कांग्रेस की सरकार ने जितने भी निर्णय लिए हैं, वे सब प्रदेश में शराब की बिक्री और खपत बढ़ाने वाले हैं।
सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार का प्रयास यह था कि लोगों में जागरूकता लाकर धीरे-धीरे शराब की दुकानें बंद कर दी जाएं और सरकार ने इस दिशा में कदम उठाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन इस सरकार ने शराब दुकानों की लाइसेंस प्रक्रिया से लेकर दुकानें खोलने की शर्तों तक में ऐसा बदलाव किया है, जिससे लगता है कि सरकार अपने और अपने नेताओं, मंत्रियों तथा शराब माफिया के फायदे के लिए प्रदेश को नशे में डुबा देना चाहती है।