रीवा में महात्मा गाँधी के अस्थिकलश चोरी और राष्ट्रदोही लिखने पर भड़कें बापू के परपोते, जानिए क्या कहा...
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यूं तो देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है और देश के लिए किए गए उनके बलिदान को याद कर रहा है। लेकिन समाज में एक तबका ऐसा भी है जो महात्मा गांधी को देशद्रोही मानता है।
जी हां मध्य प्रदेश के रीवा में कुछ अज्ञात लोगों ने बापू भवन में लगी महात्मा गांधी की तस्वीर पर राष्ट्रद्रोही लिख दिया। यह लोग यहीं नहीं रुके, महात्मा गांधी के पास रखे अस्थि कलश को भी चुरा ले गए। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पुलिस कर रही है जांच जानकारी के अनुसार रीवा पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वह इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान करके उन्हें हिरासत में लिया जाएगा। रीवा के एसपी आबिद खान ने बताया कि हमने रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच कर रहे हैं। हम घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और फुटेज के आधार पर आरोपियों को पहचानने की कोशिश की जा रही है।
1948 से रखी हुई है अस्थि गौरतलब है कि महात्मा गांधी की अस्थियां मध्य प्रदेश के भारत भवन में 1948 से रखी हुई थीं। लेकिन जिस तरह से महात्मा गांधी की तस्वीर पर अज्ञात लोगों ने देशद्रोही लिखा और उनके अस्थि कलश को चुरा ले गए, उसके बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगया है कि जो लोग गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को बढ़ावा दे रहे हैं, वही लोग इस घृणित कृत्य के पीछे हो सकते हैं।
परपोते ने जाहिर की नाराजगी पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 153 बी, 504 और 505 के तहत जानबूझकर शांति को भंग करने और लोगों की भावना को आहत करने का मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने फेसबुक पर लिखा कि मुझे जानकारी मिली कि किसी ने महात्मा गांधी का अस्थि कलश चुरा लिया और उनकी तस्वीर पर राष्ट्रद्रोही लिख दिया, काश कि वह महात्मा नहीं होते, राष्टपिता नहीं होते, सिर्फ मेरे परदादा होते।