माया ने सोनिया से मिलने से किया इनकार, आखिर क्या है कारण, गड़बड़ा रही राजनीति, संकट में कमलनाथ सरकार
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat
एक्जिट पोल के नजीते आते ही देश की सियासत में भूचाल आ गया है. इसका सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है. जहां एक्जिट पोट के नजीते से उत्साहित बिजेपी ने प्रदेश सरकार को फ्लोर टेस्ट के लिए चुनौती दी है. बीजेपी की मानना है कि मौजूदा सरकार अल्पमत में हैं क्योंकि कांग्रेस के पास कुल 114 विधायक हैं और बहुमत के लिए 116 का अंकाड़ा चाहिए, जिसे पूरा करने के लिए कांग्रेस ने दो बसपा विधायकों से समर्थन लिया है.
कांग्रेस की मुसीबत अब मायावती ने और बढ़ा दी जब उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मिलने से इनकार कर दिया. हालांकि पहले खबरें आ रही थी कि माया, सोनिया से मुलाकात कर आगे कि रणनीति पर चर्चा करेंगी. पर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने मीडिया को साफ कहा कि मायावती जी सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नहीं मिलने वाली है, वो आज लखनऊ में ही रहेंगी.
मायावती की नाराजगी का एक कारण ये भी है कि कांग्रेस ने गुना से बसपा के लोकसभा उम्मीदवार को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है. वैसे पूरे लोकसभा प्रचार के दौरान मायावती ने सीधे तौर पर कभी गंधी परिवार पर हमला नहीं किया पर उन्होंने कांग्रेस को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा.
दरअसल, मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने सपा और बसपा के समर्थन से सरकार बना ली थी. कांग्रेस को कुल 114, बसपा को दो और सपा को एक सीटें मिली थीं. समर्थन की सरकार बनने के बाद भी कमलनाथ ने सपा-बसपा और किसी भी निर्दलीय विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया था, जबकि इस बात के लिए कमलनाथ सरकार पर बार-बार समर्थन वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा था.