एमपी में बुराड़ी काण्ड जैसी घटना, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, जानिए वजह....
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भोपाल. मंडीदीप की हिमांशु मेगा सिटी कॉलोनी में मंगलवार रात एक मकान से 12 दिन की नवजात समेत चार लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। फोन पर सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। वहां करीब 110 वर्गफीट के कमरे में एक पलंग पर 20 साल की पूर्णिमा और उसकी 12 दिन की बेटी, जबकि दूसरे पलंग पर पूर्णिमा के 11 साल के भाई आकाश का शव पड़ा था। जमीन पर पूर्णिमा की मां दीपलता (45) का शव था। वहीं घर का मालिक 25 साल का छन्नू बेसुध मिला। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। कमरे में एक सिगड़ी थी, जिसमें से धुआं निकल रहा था। पुलिस को आशंका है कि नवजात को ठंड से बचाने के लिए परिवार कमरे में सिगड़ी जलाकर सो गया था। कोयला जलने से बनी जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड कमरे में भर गई और इसी से सभी का दम घुट गया। फिलहाल मौत की असल वजह मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
अंदर से बंद था गेट पुलिस को तोड़ना पड़ा छन्नू के पड़ोसी विजय ने बताया कि मृतक परिवार से सोमवार दिन में मुलाकात हुई थी। मंगलवार को छन्नू के घर का गेट नहीं खुला तो कुछ शंका हुई। इसकी सूचना रात करीब 9:00 बजे पुलिस को दी। इधर मौके पर पहुंची पुलिस को गेट तोड़ना पड़ा। कमरे में धुआं भरा था। पुलिस ने एक-एक कर सभी की नब्ज टटोली तो देखा कि छन्नू की सांसें चल रही है उसे तुरंत नगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
नाइट शिफ्ट थी, बेसुध पड़ा रहा छन्नू वर्ष 2014 से यहां रह रहा था। अपने साथ काम करने वाले एक साथी की बहन से उसने लव मैरिज कर ली थी। वह मंडीदीप स्थित एक सोया ऑयल कंपनी में ऑपरेटर था। करीब 11 हजार रुपए मासिक तनख्वाह से घर का खर्च चल रहा था। उसकी एक रिश्तेदार ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को बेहद चाहते थे, इसलिए कभी कोई विवाद नहीं होता था।
घर में खुशी का माहौल था, मातम में बदला घायल छन्नू ने पुलिस को बताया कि 12 दिन पहले ही पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया था। घर में खुशी का वातावरण था। इसलिए मेरी सास और साला आए हुए थे। सोमवार रात को सभी खाना खाकर सिगड़ी जलाकर सो गए। मंगलवार सुबह छन्नू को होश आया, पर सांस नहीं ले पाने के कारण वह बेसुध हो गया। एएसपी आदेश प्रताप सिंह के मुताबिक दिनभर जब छन्नू के घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने शाम को पुलिस को सूचना दी। बुधवार को मृतकों का पोस्टमार्टम होगा।
एक्सपर्ट ने कहा... कोयले से बनती है जहरीली गैस कोयले से सिगड़ी जलने पर कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनती है। यह रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होती है। इससे धीरे-धीरे व्यक्ति बेसुध हो जाता है। ऐसे मौत भी हो सकती है। करीब 110 वर्गफीट के कमरे में जल रही सिगड़ी से कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनने से दो-तीन घंटे में मौत हो सकती है। हालांकि, रूम हीटर से ऐसी कोई गैस नहीं बनती है, इसलिए कोई आशंका नहीं होती है। - डीएस बड़कुल, रिटायर्ड डायरेक्टर, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिको लीगल