MP के सियासी घमासान पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अब कल, पढ़िए पूरी अपडेट

भोपाल। मध्यप्रदेश के सियासी घमासान पर दिल्ली से बड़ी खबर आ रही है। प्रदेश के राजनीतिक घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। कोर्ट

Update: 2021-02-16 06:14 GMT

भोपाल। मध्यप्रदेश के सियासी घमासान पर दिल्ली से बड़ी खबर आ रही है। प्रदेश के राजनीतिक घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। कोर्ट रूम में कांग्रेस ने दल्ली दी है कि गवर्नर कैसे कह सकते हैं, कि हमारे पास बहुमत नहीं है। Supreme Court verdict on MP's political turmoil now, read full update

मध्यप्रदेश के सियासी घमासान के बीच कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि आज हम एक अजीबोगरीब स्थिति में है। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को 114 सीटें दी हैं, जबकि भाजपा को 109 सीटें मिली थईं। सबसे बड़ी पार्टी ने उस दिन विश्वास मत भी जीता था। 18 माह से बहुत ही स्थिर सरकार काम कर रही थी। अपनी बात रखते हुए कांग्रेस ने कहा कि स्पीकर को यह देखना होगा कि इस्तीफा स्वैच्छिक है या नहीं, दवे ने कोर्ट से कहा कि विधायकों का अपहरण किया गया है।

LIVE UPDATES

4.05 pm

सुनवाई कल तक के लिए टली। कल 10.30 बजे होगी सुनवाई।

3.45 pm

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम टीवी पर देखकर तय नहीं कर सकते। देखना होगा कि विधायक दबाव में है या नहीं।

02.25 Pm

जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा है कि सभी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करना होगा।

02.15 pm

जस्टिस चंद्रचूड़ की टिप्पणी हम विधायकों को कार्यवाही के दौरान शामिल होने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। क्या 16 विधायक वापस आ सकते हैं।

02.oo pm

लंच ब्रेक के बाद सुप्रीम कोर्ट में फिर शुरू हुई सुनवाई।

भाजपा के वकील रोहतगी ने दी दलील। बोम्मई मामले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कह रही है कि विधायकों को अगवा किया गया है। जबकि वीडियो में वे कह रहे हैं कि वे मर्जी से आए हैं।

01.15 PM

अब दोपहर बाद होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।

01.00 PM

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोपहर 2 बजे दोनों पक्षों को बुलाया।

12.30 PM

कांग्रेस ने इस मामले को संविधान पीठ भेजने की मांग की।

कोर्ट में कांग्रेस के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि यह साधारण फ्लोर टेस्ट का सवाल नहीं है, बल्कि बाहुबल और धन शक्ति का उपयोग करके लोकतंत्र को नष्ट करने का सवाल है।

दवे ने आगे कहा कि आज सुबह दिग्विजय सिंह बेंगलुरू गए थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लिया गया। वे क्या चाहते हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा है। बीजेपी एक जिम्मेदार पार्टी और सत्तारूढ़ पार्टी है। हम एक संकट का सामना कर रहे हैं, जो मानवता ने पहले कभी नहीं देखा। क्या वे चाहते हैं कि अदालत अब इस पर सुनवाई करें।

कांग्रेस के वकील ने राज्यपाल के पत्र का भी हवाला दिया और कहा कि राज्यपाल ये कैसे कह सकते हैं कि हमारे पास बहुमत नहीं है, जबकि बहुमत परीक्षण भी नहीं हुआ। कोई भी विश्वास मत केवल 16 विधायकों की उपस्थिति में होना चाहिए। यदि कांग्रेस से जुड़े 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और यदि सीट खाली हो गई हैं, तो विश्वास मत को उक्त 22 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के प्रतिनिधित्व के बिना नहीं रखा जा सकता है, जिसे केवल चुनाव द्वारा सुरक्षित किया जा सकता है।

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