Rewa Loksabha Election 2019: इस सीट पर होता रहा है 'त्रिकोणीय मुकाबला'

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Update: 2021-02-16 06:06 GMT

रीवा व्हाइट टाइगर्स की भूमि है। रीवा को विन्ध्य क्षेत्र की राजधानी भी कहा जाता है। रीवा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र मध्य प्रदेश के 29 लोकसभा क्षेत्रों में से एक है। यह निर्वाचन क्षेत्र 1951 में अस्तित्व में आया। लेकिन 1951 तक यह सीट विन्ध्य प्रदेश के अंतर्गत थी। 1957 में रीवा लोकसभा सीट मध्य प्रदेश के अंतर्गत आई। 1957-1962 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से शिव दत्त उपाध्याय इस सीट से सांसद चुने गए। 1967 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शंभू नाथ शुक्ला निर्वाचित हुए।

1971 में महाराजा मार्तंड सिंह, यूनाइटेड इंटरपैरेंशियलरी ग्रुप से चुने गए। 1977 यमुना प्रसाद शास्त्री, भारतीय लोक दल से निर्वाचित हुए। 1980 में महाराजा मार्तंड सिंह, स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल किए। 1984 में महाराजा मार्तंड सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से चुने गए। 1989 यमुना प्रसाद शास्त्री, जनता पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए। 1991 भीम सिंह पटेल, बहुजन समाज पार्टी से चुने गए। 1996 में बुद्धसेन पटेल, बहुजन समाज पार्टी से चुने गए। 1998 में चंद्रमणि त्रिपाठी, भारतीय जनता पार्टी से चुने गए। 1999 में सुंदर लाल तिवारी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से चुने गए। 2004 में चंद्रमणि त्रिपाठी, भारतीय जनता पार्टी से चुने गए। 2009 में देवराज सिंह पटेल, बहुजन समाज पार्टी से निर्वाचित हुए और 2014 में भारतीय जनता पार्टी से जनार्दन मिश्रा चुनाव जीतने में कामयाब रहे।

रीवा लोकसभा सीट पर कांग्रेस को अंतिम बार 1999 में जीत मिली थी। पिछले डेढ़ दशक से कांग्रेस को इस सीट पर जीत नहीं नसीब हुई है। इस सीट पर बसपा भी तीन बार जीत चुकी है। 1991, 1996 और 2009 में बसपा को जीत मिली थी। इस सीट पर कांग्रेस, भाजपा और बसपा का कब्जा रहा है।

रीवा लोकसभा सीट वर्तमान में भाजपा के जनार्दन मिश्रा के पास है। 2014 के लोकसभा चुनावों में, जनार्दन मिश्रा ने इस निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए वोटों का 46.20 प्रतिशत वोट हासिल करके कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी को हराया था। तीसरे स्थान पर बसपा के देवराज सिंह थे।

2014 के लोकसभा चुनावों में जनार्दन मिश्रा को 3,83,320 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सुंदर लाल तिवारी को हराया, जिन्हें 2,14,594 वोट प्राप्त हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जनार्दन मिश्रा पर फिर से भरोसा जताया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सिद्धार्थ तिवारी और बसपा के विकास पटेल से होगा। इस सीट पर हमेशा त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया है।

रीवा लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं, जिसमें सिरमौर, मऊगंज, रीवा, सेमरिया, देवताबा, गुढ़, तियोंतर, मनगांवां सीटें शामिल हैं। इन सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रीवा लोकसभा सीट ब्राह्मण बाहुल्य सीट है। इस लोकसभा सीट पर ज्यादातर त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया है। 2014 के आंकड़ों के मुताबिक रीवा लोकसभा सीट पर कुल 1544719 मतदाता हैं, जिसमें 8,21,800 पुरुष और 7,22,919 महिला मतदाता हैं।

राज्य में 1998 से लेकर 2018 के विधानसभा चुनावों तक भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 29 सीटों में से 27 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही थी। रीवा लोकसभा सीट पर 6 मई को चुनाव कराए जाएंगे। नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे।

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