PM Narendra Modi Interview : मोदी ने दिया हर सवाल का जबाव, पढ़िए इंटरव्यू की बड़ी बातें
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PM Narendra Modi Interview : लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बड़ा इंटरव्यू दिया। एक टीवी चैनल से बातचीत में मोदी सभी बड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। मोदी ने उम्मीद जताई है कि इस बार एनडीए 2014 से बड़ी जीत दर्ज करेगा। विपक्ष के हाथों देश सुरक्षित नहीं रह सकता। चुनावों में मतदाता की चर्चा होना चाहिए किसी एक व्यक्ति की नहीं। देश स्थिरता चाहता है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू -
इस लोकसभा चुनाव में मोदी के सामने कौन? इस सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले चुनाव में कुछ ना कुछ चाहिए था। चैनल्स को भी अपनी टीआरपी के लिए चुनावी गर्मा-गर्मी चाहिए इसलिए कुछ ना कुछ चेहरा लेकर आ जाते हैं। लेकिन 2019 में ऐसा कुछ नहीं, 2024 में यह सवाल उठ सकता है।
हुर्रियत नेताओं, देश विरोधी गैंग जैसों पर फिर से सत्ता में आने पर कड़ी कार्रवाई के सवाल पर पीएम ने कहा कि हार्ड और सॉफ्ट कुछ नहीं होता। देश हित सर्वोपरी है। कानून अपना काम करेगा।
राफेल सौदे में उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के विपक्ष के आरोपों के जवाब पर बोले देश में सवा करोड़ घर बनाए तो यह क्या अंबानी के लिए बनाए। हमने 2.5 करोड़ लोगों को बिजली दी क्या वो धन्ना सेठ थे। 9 करोड़ लोगों को शौचालय दिए क्या वो अंबानी अडानी थे। विपक्ष के लोग कुछ भी बिना सिर-पैर के बोलते रहते हैं कोई उनसे सवाल तो पूछे।
रोजगार के मुद्दे पर विपक्षी के आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सड़कें बढ़ी हैं, सोलर पावर के लिए काम हुआ है। जो लोग सड़क बना रहे हैं क्या वो रोजगार नहीं, सोलर प्लांट पर काम करना रोजगार नहीं है क्या? जो लोग ईपीएफ भर रहे हैं क्या वो बेरोजगार हैं।
देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रहार के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष पहले आईने में अपना चेहरा देखें। यह लोग देश के महापुरुषों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। मोदी को गाली देने के चक्कर में सीमा लांघकर बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों को मिट्टी में ना मिलाएं। लोकतंत्र की बात वो लोग कर रहे हैं जो चीफ जस्टिस के खिलाप अभियोग लाए, देश के मीडिया को लेकर कानून बनाए, देश में आपातकाल लगाया। इन लोगों के मुंह से लोकतंत्र को बचाने की बत अच्छी नहीं लगती।
कामदार और नामदार के अलावा वंशवाद के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक परिवार के कंट्रोल से चलने वाली सबसे खराब बात है। वंशवाद लोकतांत्रिक भाव का मूल घातक तत्व है। आंध्र में टीडीपी एक परिवार है। कांग्रेस एक परिवार है ऐसे लोगों के वंशवाद की बात करना मीडिया की जिम्मेदारी है। हम बात करते हैं तो आप यह ले आते हैं कि भाजपा में भी तो वंशवाद है।
यह पूछे जाने पर कि वर्तमान में तो बंगाल समेत कईं राज्यों में विपक्षी दलों से मची तनातनी के बावजूद विपक्ष को साथ लेकर चलने के दावे पर पूछे गए सवाल को लेकर पीएम बोले कि सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत चाहिए और देश चलाने के लिए सर्वमत चाहिए। चुनावी गर्मा-गर्मी के आधार पर देश नहीं चलता। देश चलाना बड़ी जिम्मेदारी का काम है।
भाजपा के अन्य दलों से गठबंधन के सवाल पर प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि पहली बात तो भाजपा बड़ी मात्रा में सीटें जीतेगी, एनडीए की पार्टियां भी ज्यादा सीटें जीतकर आएगी। लेकिन एक जिम्मेदार नेता, राष्ट्रीय दल और अनुभवी प्रधानमंत्री होने के नाते मे अगर संसद में मायावती, ममता जी के एक दो सांसद आए भी तो उन्हें भी साथ लेकर चलेंगे।
विपक्षी महागठबंधन को महामिलावट कहने के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव में महागठबंधन नहीं चलेगा। 2014 के मुकाबले विपक्ष ज्यादा बिखरा हुआ है। कईं राज्यों में गठबंधन नहीं हो रहा। वो अब भी एक दूसरे को ही गिराने में लगे हुए हैं। चुनाव के पहले साथ नहीं रह पा रहे तो बाद में कैसे रह सकेंगे।
वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई में देरी को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले वो खुद को राजा महाराजा समझते थे। कानून ने कार्रवाई की है। पहले कांग्रेस वाड्रा के खिलाफ केस दबाना चाहती थी। अब कार्रवाई हो रही है तो उसे राजनीतिक दुर्भावना कहते हैं।
राफेल सौदे से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में पिछली सरकारों के लिए रक्षा सौदे एटीएम रहे हैं। वो सोच भी नहीं सकते कि बिना किसी गड़बड़ के रक्षा सौदे हो सकते हैं। मेरे लिए देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण है साथ ही देश को आधुनिक बनाने के पक्ष में हूं।
वीवीआईपी चॉपर घोटाले के आरोपी क्रिश्चन मिशेल को लेकर किए सवाल पर पीएम ने कहा कि केस पहले से ही दर्ज थे, मैंने लीपापोती करने की बजाय क्रिश्चन को भारत लाया। वो जानकारी दे रहा है उस आधार पर दूसरों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। कानून अपना काम कर रहा है।
विपक्ष द्वारा नीरव मोदी और विजय माल्या को भगाने के आरोप लगाए जाने के सवालको लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सत्ता में आया तो मैंने देश हित में गुनाह किया। मेरे सामने बैंकों की स्थिति और हालात आए तो मेरे पास दो विकल्प थे या तो में चुप रहूं या फिर में स्थितियों को धीरे-धीरे सुधारूं। मैंने स्वार्थ को छोड़कर स्थितियां सुधारना शुरू किया। इस दौरान जो लोग पैसा लेकर भागे थे वो भागने लगे, उन्हें लगा कि पुरानी सरकार आएगी तो फिर आ जाएंगे। इससे निपटने के लिए हमने कानून बनाया जिसके बाद दुनिया में भगौड़ों की संपत्ति जब्त की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब मैं गुजरात में था तो एक कांग्रेस नेता ने मेरे पास 250 कपड़ों का आरोप लगाया। मैंने उसे स्वीकार कर पूछा था कि 250 करोड़ कमाने वालों का क्या। मैंने लोगों से पूछा कि आपको 250 कपड़े वाला चाहिए या भ्रष्टाचार से 250 करोड़ कमाने वाला इसके बाद विपक्ष ने आरोप लगाना बंद कर दिया।
चायवाला और चौकीदार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब यह बातें कभी नहीं उठीं। लेकिन जब मैं लोकसभा के लिए आया और प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बना तो विपक्ष के लोगों ने सवाल उठाना शुरू किए तो मैंने उनका जवाब दिया। वहीं चौकीदार का जिक्र मैंने ही अपने पिछले कैंपने में किया था। चौकीदार का मतलब टोपी, सीटी और डंडा नहीं बल्कि जिम्मेदारी का भाव है।
पाकिस्तन को लेकर सरकार की तैयारी को लेकर किए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा क्या आप चाहते हैं मैं अपनी प्लानिंग यहां नेशनल चैनल पर बता दूं। यह देश की सुरक्षा का मामला है।
पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और पाकिस्तान से बातचीत के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी ऐसी स्थिति बनती है तो मैं पाक से बात करता हूं लेकिन उनका रवैया वैसा ही रहता है। लेकिन अब में पाक के जाल में फंसने वाला नहीं हूं। वो 26/11 हमले के सबूत मांगते हैं हमने दिए, हमने जो आतंकियों की लिस्ट दी है वो सौंपे। पीएम ने पाकिस्तान को सीधा जवाब देते हुए कहा कि हम चाहते हैं पाकिस्तान आतंक को छोड़े।
विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा व आतंकी हमलों के मुद्दों को उठाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाना चाहते हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं विकास के मुद्दों पर भी बहस के लिए तैयार हूं। जब में विकास के मुद्दों पर बात करना चाहता हूं तो वो दूसरे मुद्दों पर चले जाते हैं। जब दूसरे मुद्दों पर बात करता हूं तो विकास के मुद्दे उठाते हैं। मैं रोजगार से लेकर हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हूं। विपक्ष के लोगों को पाक पीएम की बातों पर भरोसा होता है लेकिन अपने प्रधानमंत्री की बातों पर नहीं। अभिनंदन के मामले में भी राजनीतिक षडयंत्र किया था। यह लोग कैंडल मार्च निकालने वाले थे लेकिन पाकिस्तान ने रिहाई की घोषणा कर दी तो सब धरा रह गया।
विपक्ष द्वारा पुलवामा हमले को साजिश करार दिए जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देशहित के बारे में नहीं सोचा। जो अपने पीएम पर शक करते हैं उन्हें पहचानना होगा, जो पाक के पीएम की तारीफ करते हैं उन्हें पहचानना होगा।
पाक पर एयरस्ट्राइक के दौरान पूरी रात जागने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मेरा स्वभाव है कि जब जवानों की जिंदगी की बात आती है तो मैं खुद को इससे अलग नहीं रख सकता। मुझे किसी ने कहा नहीं लेकिन मैं खुद ही सारी रात वहां मौजूद था और मुझे रहना भी चाहिए।
पुलवामा हमले के बाद उठाए ठोस कदम को लेकर प्रधानमंत्री बोले कि पुलवामा पर सवाल करने वाले नासमझ हैं, मैंने फौज को प्लान बनाने की खुली छूट दी।
पुलवामा आतंकी हमले के दौरान हुए आतंकी हमले के दौरान कोई प्रतिक्रिया ना देने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा दौरा पहले से तय होता है। साथ ही ऐसी स्थिति में मैं अगर कोई बात कहता तो वो ठीक नहीं होता। पिछले चुनाव के दौरान पटना में भी धमाके हुए थे। तब भी मैंने स्थिति अपनी तरह से संभाली। अगर में वहां कुछ कहता तो हालात बिगड़ते।
पूर्व बहुमत की सरकार को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने मन बना लिया है कि सरकार बनेगी और पूर्ण बहुमत की बनेगी। मेरा जो अनुभव रहा है और राजनीति का ज्ञान है तो पहले से ज्यादा बेहतर स्थिति होगी। देश की जनता जानती है कि देश की सुरक्षा से लेकर अन्य मुद्दों पर मोदी क्या कर सकता है। इसलिए भाजपा ही नहीं बल्कि एनडीए के घटक दल भी ज्यादा सीटों के साथ जीतेंगे। लोगों ने तीस सालों तक अस्थिरता वाली सरकार देखी है। जब हमारी सरकार बनी तो लोगों को स्थिर सरकार मिली और देश के साथ दुनिया में भी उस स्थिर सरकार के महत्व को लोगों ने देखा।
मिशन शक्ति को लेकर की गई घोषणा पर विपक्ष द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने के आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष में प्राथमिक ज्ञान का अभाव है। देश में कई ऐसे उदाहरण हैं जो आचार संहिता के दौरान के हैं। कई बारा प्रकृतिक आपदा या कोईं बड़ी घटना होती है तो फिर आचार संहिता के नाम पर चुप नहीं बैठा जा सकता।
यह पूछे जाने पर कि चुनाव में जोश कैसा है तो प्रधानमंत्री ने कहा मैं जनता के बीच काम करने वाला प्रधानमंत्री हूं। चुनाव के केंद्र में मतदाता होता है। क्योंकि मतदाताओं की आशाओं को पूरा करने के लिए ही राजनीतिक दलों को चुनाव में जाना होता है।