Nirbhaya case : निर्भया केस के चारों दोषियों को जल्द जारी हो सकता है Black Warrant, जानिये इसका क्या अर्थ है
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat
Nirbhaya case : दिल्ली के निर्भया केस में लगता है उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस मामले के चारों दोषियों को लेकर जल्द ही बड़ा फैसला सामने आने की संभावना बन गई है। जानकारी के अनुसार चारों दोषियों को अब संबंधित अदालत द्वारा ब्लैक वारंट Black Warrant/Death Warrant जारी किया जा सकता है। इसे फार्म नंबर 42 भी कहा जाता है। ब्लैक वारंट का सीधा सा अर्थ होता है कि मौत का फरमान। यानी यदि मृत्युदंड की सजा सुनाए जा चुके किसी दोषी का यह वारंट जारी किया गया है तो इसका मतलब हुआ कि उसे फांसी पर लटकाया जाना तय है। यह वारंट सजा-ए-मौत की पुष्टि है।
ब्लैक वारंट एक दोषी को फांसी की सजा देने का आदेश है जिसे मौत की सजा सुनाई गई है। दोषियों में से एक ने राष्ट्रपति से दया की मांग की है। एक अन्य दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके अदालत के पिछले फैसले की समीक्षा करने की मांग की जिसमें उसे मरने की सजा सुनाई गई थी। अब जिस भी समय अदालत या राष्ट्रपति दोषियों के खिलाफ फैसला देते हैं, उनके खिलाफ काला वारंट या डेथ वारंट जारी किया जाएगा।
ब्लैक वारंट का लब्बोलुबब 'वारंट ऑफ एक्ज़ेक्युशन ऑफ़ ए सेंटेंस ऑफ़ डेथ' है। यह संबंधित अदालत द्वारा जेल अधीक्षक को भेजा जाता है, जो इस कार्यवाही के लिए निश्चित समय तय करता है और इसके बारे में अदालत को बताता है। कोर्ट द्वारा डेथ वारंट जारी करने के बाद इसे लाल लिफाफे में बंद करके इसे तिहाड़ जेल में भेज दिया जाता है। इसके बाद दोषी के परिवार को फांसी दिए जाने के बाबत सूचित किया जाता है। काला वारंट जारी होने के बाद दोषी को जेल में कोई काम नहीं दिया जाता है। उस पर चौबीस घंटे, सातों दिन निगरानी रखी जाती है। इतना ही नहीं, दोषी का दिन में दो बार मेडिकल चेकअप भी किया जाता है।